भारत में सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में विश्वसनीय भागीदार बनने की क्षमता: मोदी

नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि देश में विविधीकृत सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला में विश्वसनीय भागीदार बनने की क्षमता है और सरकार एक अनुकूल एवं स्थिर नीतिगत व्यवस्था का पालन करेगी. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सरकारी आवास पर सेमीकंडक्टर क्षेत्र के शीर्ष अधिकारियों एवं विशेषज्ञों की एक गोलमेज बैठक में यह बात कही. उन्होंने कहा कि बैठक में शामिल प्रतिभागियों के विचार न केवल उनके व्यवसाय बल्कि भारत के भविष्य को भी आकार देंगे.

प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने आने वाले समय को प्रौद्योगिकी-संचालित बताते हुए कहा कि सेमीकंडक्टर डिजिटल युग का आधार है और वह दिन भी दूर नहीं है जब सेमीकंडक्टर उद्योग बुनियादी जरूरतों के लिए भी आधारशिला साबित होगा. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र और प्रौद्योगिकी मिलकर मानवता का कल्याण सुनिश्चित कर सकते हैं और भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अपनी वैश्विक जिम्मेदारी को पहचानते हुए इस मार्ग पर आगे बढ. रहा है.

मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत में विविध सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में एक विश्वसनीय भागीदार बनने की क्षमता है. उन्होंने प्रशिक्षित कार्यबल की उपलब्धता के लिए भारत में प्रतिभाओं की मौजूदगी और कौशल पर सरकार के अत्यधिक ध्यान का भी उल्लेख किया.

उन्होंने कहा कि भारत का ध्यान वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी उत्पादों को विकसित करने पर है. उन्होंने कहा कि भारत उच्च-प्रौद्योगिकी बुनियादी ढांचे में निवेश के लिए एक बड़ा बाजार है और सेमीकंडक्टर क्षेत्र के दिग्गजों का उत्साह सरकार को इस क्षेत्र के लिए अधिक मेहनत करने को प्रेरित करेगा. प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र के प्रतिनिधियों को आश्वास्त किया कि सरकार एक अनुकूल और स्थिर नीतिगत व्यवस्था का पालन करेगी. उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ पर ध्यान केंद्रित करते हुए सरकार हर कदम पर उद्योग को समर्थन देना जारी रखेगी.

बैठक में शामिल मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विकास के लिए भारत की प्रतिबद्धता की सराहना की और सेमीकंडक्टर उद्योग के अपार विकास और भविष्य के दायरे के बारे में बात की. सेमीकंडक्टर क्षेत्र के सीईओ ने कहा कि इस उद्योग का गुरुत्व केंद्र भारत की ओर स्थानांतरित होना शुरू हो गया है और यहां के उपयुक्त वातावरण ने भारत को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में वैश्विक मानचित्र पर ला खड़ा किया है.

इस बैठक में सेमी, माइक्रोन, एनएक्सपी, पीएसएमसी, आईएमईसी, रेनेसस, टीईपीएल, टोक्यो इलेक्ट्रॉन लिमिटेड, टावर, सिनोप्सिस, कैडेंस, रैपिडस, जैकब्स, जेएसआर, इनफिनियन, एडवांटेस्ट, टेराडाइन, एप्लाइड मैटेरियल्स, लैम रिसर्च, मर्क, सीजी पावर और केन्स टेक्नोलॉजी सहित विभिन्न संगठनों के सीईओ, प्रमुख और प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक में स्टैनफर्ड यूनिर्विसटी, यूनिर्विसटी ऑफ कैलिफोर्निया सैन डिएगो और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भुवनेश्वर के प्रोफेसर भी मौजूद थे.

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