राष्ट्रपति ने मिथुन चक्रवर्ती, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया

अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को दादा साहब फाल्के पुरस्कार मिला

नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया और संगीतकार ए आर रहमान, अभिनेता ऋषभ शेट्टी, अभिनेत्री नित्या मेनन और मानसी पारेख सहित 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के अन्य विजेताओं को भी सम्मानित किया.

वर्ष 2022 के लिए सिनेमा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए अगस्त में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा की गई थी. यहां विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारतीय सिनेमा दुनिया का सबसे बड़ा फिल्म उद्योग है, क्योंकि यह ”कई भाषाओं और क्षेत्रों” में फिल्में बनाता है. राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा, ”यह कला के क्षेत्र में सबसे विविध क्षेत्र है.” उन्होंने कहा कि आज पुरस्कार प्राप्त करने वाले 85 लोगों में से केवल 15 महिलाएं हैं.

राष्ट्रपति ने कहा, ”आज करीब 85 लोगों को पुरस्कार मिला है, लेकिन उनमें केवल 15 महिलाएं हैं…फिल्म उद्योग में महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की दिशा में और अधिक प्रयास किए जा सकते हैं. मेरा मानना है कि फिल्में और सोशल मीडिया समाज में बदलाव लाने का एक बड़ा साधन हैं.” राष्ट्रपति ने चक्रवर्ती को दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्राप्त करने के लिए बधाई दी. मलयालम फिल्म ”आट्टम: द प्ले” ने सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का शीर्ष पुरस्कार जीता, साथ ही पटकथा और संपादन श्रेणियों में भी पुरस्कार जीता.

हिंदी फिल्म ”ऊंचाई” के लिए सूरज आर बड़जात्या को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक चुना गया. इसी फिल्म के लिए नीना गुप्ता को अपना दूसरा सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का पुरस्कार मिला. हरियाणवी फिल्म ”फौजा” के लिए पवन मल्होत्रा को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार मिला. सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार कन्नड़ फिल्म ”कांतारा” के लिए ऋषभ शेट्टी को मिला, जिसे संपूर्ण मनोरंजन प्रदान करने के लिए सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म का पुरस्कार भी मिला. नित्या मेनन (तमिल फिल्म ”तिरुचित्रम्बलम”) और मानसी पारेख (गुजराती फिल्म ”कच्छ एक्सप्रेस”) ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान साझा किया.

संगीतकार ए आर रहमान ने मणिरत्नम की फिल्म ”पोन्नियिन सेलवन-1” में अपने काम के लिए सर्वश्रेष्ठ पार्श्व संगीत का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता. इस फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ तमिल फिल्म का पुरस्कार भी प्राप्त किया. रहमान और मणिरत्नम दोनों के लिए यह सातवां राष्ट्रीय पुरस्कार है.

रहमान ने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनका सातवां राष्ट्रीय पुरस्कार मणिरत्नम की फिल्म से मिला है. मणिरत्नम ने रहमान को ”रोजा” में संगीत देने का मौका दिया था. 1992 की फिल्म ”रोजा” के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन श्रेणी में अपना पहला राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था. उन्होंने कहा, ”यह सातवां राष्ट्रीय पुरस्कार है और मैं ईश्वर और उन सभी फिल्म निर्माताओं का बहुत-बहुत आभारी हूं जिन्होंने मुझे ये

राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाने में मदद की, विशेषकर मणिरत्नम का.” मनोज बाजपेयी को ”गुलमोहर” के लिए ‘स्पेशल मेंशन’ अवॉर्ड मिला. इस फिल्म के लिए राहुल वी चिट्टेला को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म का पुरस्कार भी मिला. प्रीतम को ”ब्रह्मास्त्र-भाग एक” के लिए सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक का पुरस्कार मिला.

अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को दादा साहब फाल्के पुरस्कार मिला 
अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को मंगलवार को सिनेमा के क्षेत्र में सरकार का सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यहां विज्ञान भवन में 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान ‘मृगया’, ‘डिस्को डांसर’ और ‘प्रेम प्रतिज्ञा’ जैसी फिल्मों में अभिनय कर चुके चक्रवर्ती को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया.

तालियों की गड़गड़ाहट के बीच चक्रवर्ती (74) ने अपने संबोधन में कहा, ”मैं आपके आशीर्वाद से एक बार फिर इस मंच पर आया हूं. मुझे कोई भी चीज थाली में परोस कर नहीं मिली, मैंने बहुत संघर्ष किया. लेकिन आज, यह पुरस्कार प्राप्त करने के बाद, मैंने शिकायत करना बंद कर दिया है. भगवान का शुक्र है, आपने ब्याज सहित मुझे सब कुछ वापस दे दिया.” उन्होंने भारत भर में उभरती प्रतिभाओं के लिए भी कुछ सुझाव साझा किए. अभिनेता ने कहा, ”हमारे देश में कई प्रतिभाशाली लोग हैं, लेकिन उनके पास पैसा नहीं है. मैं उनसे कहना चाहूंगा कि आपके पास पैसा नहीं हो, लेकिन उम्मीद मत खोइए. सपने देखते रहिए. सोइए लेकिन अपने सपनों को सोने मत दीजिए.”

चक्रवर्ती का असली नाम गौरांग चक्रवर्ती है. उन्हें वर्ष 2022 के लिए दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान सत्तारूढ. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य चक्रवर्ती को तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने के कुछ महीने बाद मिला है. अभिनेता पुणे के भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के पूर्व छात्र हैं. मिथुन ने मुख्य रूप से हिंदी और बांग्ला सिनेमा में काम किया है.

मृणाल सेन की 1976 में आई फिल्म ‘मृगया’ से चक्रवर्ती ने फिल्मों में अभिनय की शुरुआत की थी जिसके लिए उन्होंने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी जीता था. उन्होंने 1992 की फिल्म ‘तहादेर कथा’ (सर्वश्रेष्ठ अभिनेता) और 1998 की फिल्म ‘स्वामी विवेकानंद’ (सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता) के लिए भी दो और राष्ट्रीय पुरस्कार जीते. तीन सदस्यीय निर्णायक मंडल ने चक्रवर्ती को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना. निर्णायक मंडल में अभिनेत्री आशा पारेख, अभिनेत्री-नेत्री खुशबू सुंदर और फिल्मकार विपुल अमृतलाल शाह शामिल थे.

चक्रवर्ती 1982 की सुपरहिट फिल्म ‘डिस्को डांसर’ में अपनी विशिष्ट नृत्य शैली से मशहूर हुए. उन्हें ‘आई एम ए डिस्को डांसर…’ और ‘याद आ रहा है…’ जैसे बेहद लोकप्रिय गीतों के माध्यम से भारत में डिस्को नृत्य के युग की शुरुआत करने का श्रेय दिया जाता है. यह फिल्म चक्रवर्ती की उन गिनी चुनी फिल्मों में से एक है जिससे उनके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसक बने.

इसके बाद उन्होंने ‘मुझे इंसाफ चाहिए’, ‘हम से है जमाना’, ‘पसंद अपनी अपनी’, ‘घर एक मंदिर’, ‘कसम पैदा करने वाले की’ और ‘कमांडो’ जैसी कई हिट फिल्में दीं. वर्ष 1990 में अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म ‘अग्निपथ’ में भी उनके अभिनय को काफी सराहा  गया. पूर्व राज्यसभा सदस्य चक्रवर्ती 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए थे. चक्रवर्ती ने 2009 से 2018 तक लोकप्रिय डांस रियलिटी सीरीज ‘डांस इंडिया डांस’ में मुख्य जज या ‘ग्रैंडमास्टर’ के रूप में भी काम किया. वर्ष 2023 में वहीदा रहमान को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

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