
नयी दिल्ली. कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रोजगार बांटने का ‘इवेंट मैनेजमेंट स्टंट’ किया है जो हर साल दो करोड़ नौकरियां देने के वादे को छिपाने के लिए लीपापोती करने का प्रयास है. पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि केंद्र सरकार के विभागों और सार्वजनिक उप्रकमों में लाखों पद रिक्त हैं, लेकिन सरकार इन्हें नहीं भर रही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से भर्ती अभियान ‘रोजगार मेला’ के तहत करीब 71,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपा.
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवाओं के सामर्थ्य और प्रतिभा का भरपूर उपयोग उनकी सरकार की प्राथमिकता है.
खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”मोदी जी ने आज फिर चंद हजार रोजगार बांटने का ‘इवेंट मैनेजमेंट स्टंट’ किया है. अपने दो करोड़ हर साल नौकरियां देने के वादे को छिपाने के लिए उन्हें समय-समय पर ऐसी लीपापोती करनी पड़ती है.” उनका कहना है कि सूचना के अधिकार कानून के तहत दायर आवेदन से पता चला है कि केवल केंद्र सरकार के 80 विभागों में अकेले 9.56 लाख पद खाली हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया, ”देश की सुरक्षा से जुड़े रक्षा विभाग में भी 2.13 लाख पद रिक्त हैं. अग्निवीर योजना ने युवाओं का भविष्य बिगाड़ दिया है. रेलवे में 3.16 लाख अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी है, मानव संसाधन की कमी के चलते रेल हादसे बढ़ें हैं. देश की आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी से जुड़े केंद्र के गृह मंत्रालय में भी 1.28 लाख र्किमयों के पद ख.ाली पड़े हैं.” खरगे के अनुसार, केंद्र सरकार के विभागों में खाली पड़े इन लाखों पदों की ये स्थिति, 1 मार्च 2023 तक की है.
उन्होंने दावा किया, ”सरकारी महकमों में नौकरियां भरने के बजाय, पिछले 10 वर्षों में अकेले पीएसयू में ही भारत सरकार के हिस्सों को बेच-बेच कर, 5.1 लाख पद भाजपा ने खत्म कर दिए है. अस्थायी व अनुबंध आधारित भर्ती में 91 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. एससी, एसटी और ओबीसी के 2022-23 तक 1.3 लाख पद कम हुए हैं.” खरगे ने आरोप लगाया कि ये सब मोदी सरकार के युवाओं के प्रति शर्मनाक नकारात्मक रवैये का पर्दाफ.ाश करती है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘अहंकार और आत्म-पशंसा’ की कोई सीमा नहीं है. उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”प्रधानमंत्री ने पिछले साल भी ऐसे ही ‘रोजगार मेले’ का आयोजन किया था. उनके घमंड और आत्म-प्रशंसा की कोई सीमा नहीं है.”



