प्रधानमंत्री मोदी सोनिया गांधी की तरह इतालवी नहीं, जिन्हें हिंदी न आती हो: कंगना

शिमला. हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)की उम्मीदवार कंगना रनौत ने शुक्रवार को पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी,कांग्रेस नेता की तरह इतालवी नहीं हैं जो हिंदी न जानते हों.
उन्होंने कहा कि मोदी भूमिपुत्र हैं जो देश की प्रगति के लिए काम कर रहे हैं. कुल्लू जिले के जगत खाना में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए रनौत ने कहा कि मोदी सुशासन के प्रतीक हैं और प्रधानमंत्री पहाड़ी सहित कई भाषाएं जानते हैं.

उन्होंने कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी, सोनिया गांधी की तरह इतालवी नहीं हैं जिन्हें हिंदी न आती हो. वह भूमि पुत्र हैं, एक गरीब परिवार में पैदा हुए हैं और देश के कल्याण और विकास के लिए काम कर रहे हैं.” रनौत ने कहा कि एक ओर मोदी का सुशासन है तो दूसरी तरफ कांग्रेस का भ्रष्टाचार. हिमाचल प्रदेश की जनता ने एक जून को होने वाले मतदान में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने का मन बना लिया है.

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर टिप्पणी की थी कि वह एक फ्लॉप फिल्म बना रहे हैं. इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रनौत ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में ठाकुर का पांच साल का ‘सुपरहिट’ कार्यकाल रहा लेकिन सुक्खू 15 महीनों में ही विफल हो गए. सुक्खू ने कहा था कि ”कंगना एक अच्छी अभिनेत्री हैं” लेकिन उनकी फिल्म फ्लॉप हो जाएगी क्योंकि उसकी पटकथा ठाकुर और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल लिख रहे हैं.

हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के बेटे और मंडी से कांग्रेस उम्मीदवार विक्रमादित्य सिंह पर कटाक्ष करते हुए रनौत ने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से सत्ता से ‘चिपका’ रहा है. रनौत ने कहा, ”टिक्काजी (सिंह) कांग्रेस की वंशवादी राजनीति का चेहरा हैं, जबकि भाजपा आम लोगों की पार्टी है, जहां एक चाय बेचने वाला (मोदी) प्रधानमंत्री बनता है और एक राजमिस्त्री का बेटा (ठाकुर) मुख्यमंत्री बनता है.” इस बीच, कुल्लू में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा,”भाजपा का दो करोड़ नौकरियों का वादा कहां है?, भाजपा महंगाई के बारे में बात क्यों नहीं कर रही है?” उन्होंने कहा कि भाजपा को हिंदू-मुस्लिम और भारत-पाकिस्तान पर जनता को गुमराह करने के बजाय विकास के मुद्दों पर बात करनी चाहिए.

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