
नयी दिल्ली/मुंबई. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन पर बातचीत की, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के प्रयासों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया.
अधिकारियों ने बताया कि नेताओं ने व्यापार, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान किया. उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने साझा चुनौतियों का समाधान करने और साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई.
उन्होंने बताया कि मोदी और ट्रंप ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की भी समीक्षा की.
दोनों नेताओं ने सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के लगातार मजबूत होने पर संतोष व्यक्त किया. अधिकारियों ने बताया कि मोदी और ट्रंप ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के साझा प्रयासों में गति बनाये रखने के महत्व पर जोर दिया.
उन्होंने बताया कि नेताओं ने महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा तथा अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया, जो 21वीं सदी के लिए भारत-अमेरिका ‘कॉम्पैक्ट’ (सैन्य साझेदारी, त्वरित वाणिज्य और प्रौद्योगिकी के लिए अवसरों को उत्प्रेरित करना) के कार्यान्वयन के लिए महत्वपूर्ण हैं. अधिकारियों ने बताया कि नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की और साझा चुनौतियों का समाधान करने और साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की.
अमेरिका अगर भारत की पेशकश से खुश है, तो व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर दे : गोयल
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगर अमेरिका व्यापार समझौते से संबंधित भारतीय पेशकश से खुश है, तो उसे मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर देने चाहिए. गोयल ने भारत की तरफ से रखी गई पेशकश पर ट्रंप प्रशासन के विचारों का स्वागत किया. लेकिन उन्होंने दोनों देशों के बीच लंबे समय से इंतज़ार किए जा रहे मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर की कोई समयसीमा बताने से परहेज किया.
वाणिज्य मंत्री अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे जिसमें कहा गया था कि अमेरिका को व्यापार समझौते को लेकर भारत से ‘अब तक का सबसे अच्छा’ प्रस्ताव मिला है. गोयल ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘उनकी खुशी का बहुत स्वागत है. और, मेरा मानना है कि अगर वे बहुत खुश हैं, तो उन्हें बिना किसी देरी के इस पर हस्ताक्षर कर देना चाहिए.’’ हालांकि, उन्होंने अमेरिका को भारत की तरफ से की गई पेशकश के बारे में बताने से मना कर दिया. उन्होंने कहा कि व्यापार समझौते पर अमेरिका के साथ बातचीत के पांच दौर पूरे हो चुके हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका के ‘उप व्यापार प्रतिनिधि’ रिक स्वित्जर का भारत का मौजूदा दौरा व्यापार वार्ता पर केंद्रित नहीं है.



