
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वार्षिक ‘क्वाड’ शिखर बैठक में शामिल होने और संयुक्त राष्ट्र महासभा में ‘समिट ऑफ द फ्यूचर’ को संबोधित करने के लिए 21 सितंबर से अमेरिका का तीन दिवसीय दौरा करेंगे. विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि मोदी 22 सितंबर को न्यूयॉर्क में भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित करेंगे.
विदेश मंत्रालय ने प्रधानमंत्री की यात्रा की घोषणा करते हुए कहा कि मोदी 21 सितंबर को डेलवेयर के विलमिंगटन में ‘क्वाड लीडर्स समिट’ में शामिल होंगे, जिसकी मेजबानी अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन करेंगे. इसमें आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और उनके जापानी समकक्ष फुमियो किशिदा भी शामिल होंगे. इस साल क्वाड शिखर बैठक की मेजबानी करने की बारी भारत की थी. लेकिन वाशिंगटन के अनुरोध के बाद, भारत अगले साल शिखर बैठक की मेजबानी के लिए सहमत हो गया.
विदेश मंत्रालय ने कहा, ”क्वाड शिखर बैठक में, (समूह के चारों सदस्य देशों के) नेता पिछले एक साल में क्वाड द्वारा हासिल की गई प्रगति की समीक्षा करेंगे और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के देशों को उनके विकास लक्ष्यों एवं आकांक्षाओं को पूरा करने में सहयोग का एजेंडा तय करेंगे.” मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में 23 सितंबर को ‘समिट ऑफ द फ्यूचर’ को संबोधित करेंगे.
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इसमें विभिन्न देशों के नेता एक मंच पर आएंगे और इस बात पर नयी अंतरराष्ट्रीय सहमति बनाएंगे कि कैसे वर्तमान को बेहतर और भविष्य को सुरक्षित बनाया जाए. विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्व के कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे और परस्पर हितों के मुद्दों पर चर्चा करेंगे. मंत्रालय ने कहा कि भारत 2025 में क्वाड शिखर बैठक की मेजबानी करेगा. विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका के अनुरोध के बाद, भारत 2025 में अगले क्वाड शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने को सहमत हो गया है.
न्यूयॉर्क में, मोदी दोनों देशों के बीच व्यापक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अग्रणी अमेरिकी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ बातचीत भी करेंगे. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ”प्रधानमंत्री एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता), क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और जैव प्रौद्योगिकी के अत्याधुनिक क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच व्यापक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका की प्रमुख कंपनियों के सीईओ के साथ भी बातचीत करेंगे.” बयान में कहा गया है कि मोदी भारत-अमेरिका द्विपक्षीय परिदृश्य में विशेषज्ञों और अन्य सक्रिय हितधारकों के साथ भी बातचीत करेंगे.
आजादी के बाद पिछले 10 वर्षों में पहली बार मजबूत विदेश नीति देखने को मिली है : अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने एक दशक में विश्व को दिखा दिया है कि भारत की विदेश नीति बहुत मजबूत है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत राजग सरकार के तीसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि देश ने एक दशक में शासन और नीति में अभूतपूर्व स्थिरता देखी है.
शाह ने कहा, ”देश की आजादी के बाद, पिछले 10 वर्ष में पहली बार दुनिया को रीढ. की हड्डी वाली विदेश नीति देखने को मिली है.” उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों की विदेश नीति की आलोचना की. गृह मंत्री ने कहा, ”पहले, भारत की विदेश नीति में रीढ. की हड्डी दिखाई नहीं पड़ती थी लेकिन अब यह दिखाई पड़ती है.” संवाददाता सम्मेलन में उनके साथ सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव भी थे.
संवाददाता सम्मेलन में, मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की उपलब्धियों से अवगत करानी वाली एक पुस्तिका भी वितरित कर प्रधानमंत्री की रूस और यूक्रेन की यात्रा को विदेश नीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय बताया गया. यह उल्लेख किया गया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को फिजी के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ फिजी’ और तिमोर-लेस्ते के ‘ऑर्डर ऑफ तिमोर-लेस्ते’ से सम्मानित किया गया. प्रधानमंत्री को उनकी रूस यात्रा के दौरान ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल द फर्स्ट-कॉल्ड’ से सम्मानित किया गया.
नयी सरकार के पहले 100 दिनों में प्रधानमंत्री ने सिंगापुर और ब्रुनेई दारुस्सलाम की यात्राएं भी कीं, जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी. मोदी की ऑ्ट्रिरया और पोलैंड की यात्राएं भी किसी भारतीय प्रधानमंत्री की क्रमश? 41 और 45 वर्षों में पहली यात्राएं थीं.
सरकार ने उल्लेख किया कि भारत ने तीसरे ‘वॉयस ऑफ द ग्लोबल साउथ’ शिखर सम्मेलन की मेजबानी की, जिसमें 120 से अधिक देशों ने भाग लिया. भारत ने पहली बार यूनेस्को विश्व धरोहर समिति की बैठक की भी मेजबानी की.



