
नयी दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिजली कटौती को लेकर मंगलवार को आम आदमी पार्टी (आप) नीत पंजाब सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में 24 घंटे बिजली देने का वादा विद्युत कटौती में तब्दील हो गया है और उद्योगों को 14 घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली कटौती किए जाने को लेकर आप सरकार को विपक्षी पार्टियों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। किसान और उद्योगपति कई घंटे तक बिजली कटौती किये जाने की शिकायत कर रहे हैं। बिजली संकट को लेकर विपक्ष के निशाने पर आई पंजाब सरकार ने सोमवार को पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) बसंत गर्ग का तबादला कर दिया।
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने यहां संवाददाताओं से बात करते हुए दावा किया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था, लेकिन वह इसे पूरा करने में नाकाम रही। उन्होंने कहा, ”आप देख सकते हैं कि आम आदमी पार्टी सरकार को यह जानकारी थी।
उन्हें पता था कि धान की खेती का समय आने वाला है और ंिसचाई के लिए बिजली की जरूरत बढ़ेगी, लेकिन उन्होंने इसके लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए। वे हमेशा बहाने बनाते हैं और अब केंद्र सरकार पर दोष मढ़ना चाहते हैं।” स्वराज ने पंजाब सरकार के इस दावे को खारिज कर दिया कि उसके बिजली संयंत्र में कम विद्युत उत्पादन हो रहा है।
भाजपा सांसद ने कहा, ”मैं उनसे पूछना चाहती हूं — आप कैसे कह सकते हैं कि सरकारी संयंत्रों में पीएलएफ (विद्युत संयंत्र की अधिकतम उत्पादन क्षमता की तुलना में पैदा होने वाली बिजली) 42 प्रतिशत है? यह कैसे संभव है जब हम सभी जानते हैं कि आपके पास कोयले का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है?” उन्होंने दावा किया, ”इतना ही नहीं, अगर आप पंजाब में निजी विद्युत संयंत्र को देखें, तो वे 92 प्रतिशत पीएलएफ पर काम कर रहे हैं।”
उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप संयोजक अरंिवद केजरीवाल पर लोगों की गुहार न सुनने और बहाने बनाने का आरोप लगाया। स्वराज ने कहा, ”पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों में जनता निश्चित रूप से बिजली कटौती के लिए आम आदमी पार्टी सरकार को जवाबदेह ठहराएगी और उसे सबक सिखाएगी।”



