प्रस्तावित भारतीय स्पेस स्टेशन का परीक्षण अगले साल किया जाएगा : इसरो प्रमुख सोमनाथ

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 18 Jan 2024 09:37 PM
प्रस्तावित भारतीय स्पेस स्टेशन का परीक्षण अगले साल किया जाएगा : इसरो प्रमुख सोमनाथ
ऑडियो सुनें

 फरीदाबाद/अहमदाबाद. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन प्रमुख एस. सोमनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रस्तावित ‘भारतीय स्पेस स्टेशन’ (बीएसएस) का अगले साल परीक्षण करने की योजना है. सोमनाथ ने यह भी कहा कि इसके प्रथम मॉड्यूल का विनिर्माण, परीक्षण और ‘लॉन्च’ 2028 तक करने के लिए उद्योग जगत के साथ बातचीत जारी है.

भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव से इतर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(इसरो) प्रमुख कहा कि देश के पहले शुक्र मिशन को भी 2028 में अंतरिक्ष में भेजे जाने की संभावना है, और इंजीनियर उच्च-मूल्य वाले कुछ उपकरणों पर लागत में कमी लाने पर काम कर रहे हैं. पिछले साल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसरो को 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन लॉन्च करने और 2040 तक चंद्रमा पर एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री को उतारने का लक्ष्य दिया था.

सोमनाथ ने एक सवाल के जवाब में कहा, ”यह (परीक्षण) अगले साल होगा. मंगलवार को, मैंने भारतीय स्पेस स्टेशन की संरचना की समीक्षा की. हमारे लोग बहुत सारे विकल्पों पर काम कर रहे हैं.” उन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन के शुरूआत में मानवरहित रहने का संकेत देते हुए कहा,”यह एक अंतरिक्ष स्टेशन है, कोई व्यक्ति नहीं. अगर वहां कोई (अंतरिक्ष यात्री)नहीं होगा तब भी यह काम करेगा.” सोमनाथ ने कहा कि इसरो भारी उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए एक नया रॉकेट विकसित करने पर भी काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि अगली पीढ.ी के प्रक्षेपण यान (एनजीएलवी) का विकास किया जा रहा.

वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए निजी निवेश अहम : पूर्व इसरो प्रमुख

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व प्रमुख ए.एस. किरण कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि आने वाले सालों में वैश्विक अंतरिक्ष बाजार एक हजार अरब डॉलर के आंकड़े को छू लेगा और इसमें भारत की हिस्सेदारी मौजूदा दो-चार प्रतिशत से बढ.ाकर 20 प्रतिशत करने के लिए निजी क्षेत्र का निवेश अहम है.

कुमार गांधीनगर के हेलीपैड एग्जीबिशन सेंटर में ‘लोहाना इंटरनेशनल बिजनेस फोरम’ द्वारा आयोजित ‘एलआईबीएफ एक्सपो 2024’ के उद्घाटन सत्र में उद्यमियों को संबोधित कर रहे थे. उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कुमार ने कहा, ”भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और निकट भविष्य में तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ. रही है. हमें इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बड़ी संख्या में निजी उद्यमियों की हिस्सेदारी की जरूरत है.” उन्होंने कहा कि आनेवाले सालों में वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था एक हजार अरब डॉलर के आंकड़े को छू लेगी.

कुमार ने कहा, ”भारत की इस अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी प्रक्षेपण यान या उपग्रह के निर्माण जैसे कार्यों से महज दो से चार प्रतिशत के बीच में है. यदि हम भविष्य में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करना चाहते हैं, तो हमें इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में निजी संस्थाओं और उद्यमियों को शामिल करना होगा.” कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने रोजमर्रा के शासन कार्य में दूर संवेदी और संचार प्रौद्योगिकी का व्यापक उपयोग किया था.

कुमार ने कहा, ”उन्होंने (मोदी ने) कई अन्य लोगों के ऐसा करने से पहले ही प्रर्दिशत कर दिया कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग शासन में कैसे फायदेमंद हो सकता है. प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने विभिन्न विभागों के सचिवों से शासन के लिए इस तकनीक का उपयोग करने के तरीके तलाशने को कहा था.”

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu