ज्योति मल्होत्रा के संपर्क में रहा पंजाब का यूट्यूबर गिरफ्तार

चंडीगढ़. पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़ी गई हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के साथ कथित रूप से निकट संपर्क में रहे पंजाब के एक यूट्यूबर को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी. पुलिस ने पंजाब के यूट्यूबर को “आतंकवाद सर्मिथत एक जासूसी नेटवर्क” का पता चलने के बाद गिरफ्तार किया जो उसे पाकिस्तानी खुफिया और सैन्य अधिकारियों से जोड़ता है.

पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने कहा कि जसबीर सिंह उर्फ जान महल (41) कथित तौर पर पाकिस्तान की इंटर-र्सिवसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के लिए जासूसी कर रहा था. पुलिस ने बताया कि रूपनगर के महलान गांव निवासी सिंह यूट्यूब चैनल “जानमहल वीडियो” चलाता था, जिसके 11 लाख से अधिक सब्सक्राइबर थे और वह यात्रा और खाना पकाने से संबंधित सामग्री पोस्ट करता था.

यादव ने बताया कि वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंट (पीआईओ) शाकिर उर्फ ??जट्ट रंधावा से जुड़ा पाया गया, जो जासूसी के आरोप में हाल ही में निष्कासित पाकिस्तान उच्चायोग के एक अधिकारी के संपर्क में था और पड़ोसी देश की अपनी तीन यात्राओं में से एक के दौरान पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों से मुलाकात की थी. सिंह कथित तौर पर मल्होत्रा के करीबी संपर्क में था, जिसे पहले हरियाणा पुलिस ने जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया था. मोहाली की एक अदालत ने सिंह को पेश किए जाने के बाद तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया.

यादव ने बताया कि सिंह का पाकिस्तान उच्चायोग के निष्कासित अधिकारी एहसान-उर-रहीम उर्फ ??दानिश के साथ भी निकट संपर्क था. जांच में पाया गया कि सिंह ने दानिश के निमंत्रण पर दिल्ली में पाकिस्तान राष्ट्रीय दिवस समारोह में भाग लिया था, जहां उसकी मुलाकात पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों और ब्लॉगर से हुई थी.

यादव ने कहा कि वह 2020, 2021 और 2024 सहित तीन मौकों पर पाकिस्तान की यात्रा कर चुका है और आईएसआई अधिकारियों के सीधे संपर्क में आया था, जिन्होंने बाद में उसे भारत के भीतर जासूसी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भर्ती किया था. डीजीपी ने कहा कि मल्होत्रा की गिरफ्तारी के बाद सिंह ने पकड़े जाने से बचने के लिए इन पीआईओ के साथ अपने संचार के सभी निशान मिटाने का प्रयास किया था. उन्होंने कहा कि व्यापक जासूसी-आतंकवादी नेटवर्क का पता लगाने और सभी सहयोगियों की पहचान करने के लिए आगे की जांच की जा रही है.

अभियान का विवरण साझा करते हुए सहायक पुलिस महानिरीक्षक रवजोत ग्रेवाल ने कहा कि पुलिस दलों को विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि सिंह आईएसआई के एजेंटों सहित कई पाकिस्तानियों के संपर्क में है और वह भारतीय सेना की आवाजाही और देश की अन्य आंतरिक गतिविधियों के बारे में संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान को दे रहा है. उन्होंने बताया कि राज्य विशेष अभियान प्रकोष्ठ, एसएएस नगर के दलों ने खुफिया सूचना के आधार पर एक अभियान चलाया और संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया तथा उसका मोबाइल बरामद कर लिया.

उन्होंने कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति के मोबाइल फोन की प्रारंभिक फोरेंसिक जांच से लगभग 150 पाकिस्तानी संपर्कों का पता चला है, जिनमें पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट, पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारियों और पाकिस्तान के अन्य व्यक्तियों के नंबर शामिल हैं.
ग्रेवाल ने कहा कि अपनी गतिविधियों को छिपाने के लिए, आरोपी ने अपने मोबाइल फोन से चैट, संपर्क रिकॉर्ड और पाकिस्तानी खुफिया संचालकों के साथ आदान-प्रदान किए गए दस्तावेजों सहित महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत मिटा दिए. उन्होंने कहा कि उसके माध्यम से लीक हुए हटाए गए डेटा और सूचनाओं को पुन? प्राप्त करने के लिए तकनीकी रिकवरी और फोरेंसिक जांच जारी है.
उन्होंने कहा कि जांच में पाया गया है कि सिंह ने इस मंच का इस्तेमाल भारतीय सेना की आवाजाही और गतिविधियों के बारे में संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी आकाओं के साथ साझा करने के लिए किया था.

उन्होंने कहा कि सिंह का मल्होत्रा ??से परिचय 2024 में पाकिस्तानी दूतावास द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में पाकिस्तानी दूतावास के अधिकारियों के माध्यम से हुआ था. सिंह और ज्योति दोनों एक साथ पाकिस्तान गए थे. मोहाली में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत राज्य विशेष अभियान प्रकोष्ठ में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है.

हिसार की मूल निवासी मल्होत्रा (33) एक यूट्यूब चैनल ‘ट्रैवल विद जो’ चला रही थी, उसे पिछले महीने गिरफ्तार किया गया था.
तरनतारन जिले के रहने वाले एक व्यक्ति को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना की गतिविधियों से संबंधित संवेदनशील जानकारी पीआईओ के साथ साझा करने के आरोप में मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था. वह कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित खालिस्तान समर्थक नेता गोपाल सिंह चावला के संपर्क में भी था.

पिछले महीने पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया था. देश के भीतर जासूसी नेटवर्क पर कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ चार दिनों तक चले सैन्य संघर्ष के बाद हुई है. उक्त आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे.

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