पुतिन मंगोलिया पहुंचे, गिरफ्तारी वारंट के बावजूद हुआ भव्य स्वागत

उलानबटोर. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मंगलवार को मंगोलिया पहुंचे, जहां उनकी गिरफ्तारी के लिए जारी अंतरराष्ट्रीय वारंट के बावजूद उनका भव्य स्वागत किया गया. यूक्रेन पर मॉस्को के आक्रमण के दौरान हुए कथित युद्ध अपराधों को लेकर पुतिन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय वारंट जारी किया गया था. द हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) द्वारा लगभग 18 महीने पहले गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के बाद यह पुतिन की आईसीसी के किसी सदस्य देश की पहली यात्रा है.

पुतिन की यात्रा से पहले यूक्रेन ने मंगोलिया से रूसी राष्ट्रपति को आईसीसी के हवाले करने का आह्वान किया था. वहीं, यूरोपीय संघ (ईयू) ने आशंका जताई कि मंगोलिया गिरफ्तारी वारंट पर अमल नहीं करेगा. ईयू ने कहा कि उसने मंगोलियाई प्राधिकारियों को इस संबंध में अपनी चिंताओं से अवगत करा दिया है.

पुतिन के एक प्रवक्ता ने पिछले हफ्ते कहा था कि क्रेमलिन (रूस के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास) वारंट को लेकर चिंतित नहीं है.
पुतिन की यात्रा ने मंगोलिया को असहज स्थिति में ला खड़ा किया है. गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने की सूरत में आईसीसी के सदस्य देश उक्त व्यक्ति को गिरफ्तार करने के लिए बाध्य होते हैं. हालांकि, मंगोलिया चारों तरफ से जमीन से घिरा एक देश है, जो ईंधन और ऊर्जा जरूरतों के लिए रूस पर निर्भर है.

सोवियत संघ के साथ घनिष्ठ संबंधों के साथ दशकों तक साम्यवाद के अधीन रहने के बाद, 1990 के दशक में मंगोलिया में लोकतंत्र की स्थापना हुई तथा इसने अमेरिका, जापान और अन्य नए साझेदारों के साथ संबंध बनाए. मंगोलिया आर्थिक रूप से अपने दो बड़े और अधिक शक्तिशाली पड़ोसियों, रूस और चीन पर निर्भर है. रूस मंगोलिया को ईंधन और अधिक मात्रा में बिजली मुहैया कराता है.

अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) के पास अपने वारंट को लागू करने के लिए कोई तंत्र नहीं है. आईसीसी ने पुतिन पर यूक्रेन से बच्चों के अपहरण के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया है, जहां दो साल से अधिक समय से युद्ध जारी है. आईसीसी की स्थापना संधि ‘रोम संविधि’ के अनुसार सदस्य देशों के लिए यह आवश्यक है कि यदि गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया हो तो वे संदिग्धों को हिरासत में लें, लेकिन मंगोलिया को रूस के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की आवश्यकता है और न्यायालय के पास अपने वारंट को लागू कराने के लिए कोई तंत्र नहीं है.

मंगोल साम्राज्य के संस्थापक चंगेज खान के निजी रक्षकों जैसी लाल-नीली चमकदार वर्दी पहने सुरक्षार्किमयों ने राजधानी उलानबटोर के मुख्य चौराहे पर आयोजित एक भव्य स्वागत समारोह में पुतिन को सलामी गारद पेश किया. इसके बाद पुतिन अपने मंगोलियाई समकक्ष उखना खुरेलसुख के साथ ‘गवर्नमेंट पैलेस’ की सीढि.यां चढ.कर चंगेज खान की प्रतिमा के पास पहुंचे और झुककर उन्हें श्रद्धांजलि दी. ‘गवर्नमेंट पैलेस’ की सीढि.यों पर लाल कालीन बिछाई गई थी. चंगेज खान को श्रद्धांजलि देने के बाद दोनों नेता द्विपक्षीय बैठक के लिए ‘गवर्नमेंट पैलेस’ के अंदर चले गए.

स्वागत समारोह से पहले यूक्रेन का झंडा फहराने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों के एक छोटे समूह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. दोनों देशों की सरकारों ने उलानबटार में एक विद्युत संयंत्र को उन्नत बनाने के लिए इसकी सफलता की संभावना के अध्ययन और डिजाइन के लिए तथा मंगोलिया को विमानन ईंधन की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए.
पुतिन ने दोनों देशों के बीच रेल प्रणाली विकसित करने की योजना की रूपरेखा भी प्रस्तुत की.

पुतिन ने मंगोलियाई राष्ट्रपति खुरेलसुख को अक्टूबर के अंत में रूस के कज.ान शहर में आयोजित होने वाले ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया. ब्रिक्स देशों में रूस और चीन जैसे देश भी शामिल हैं. रूस की सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक खुरेलसुख ने यह निमंत्रण स्वीकार कर लिया है.

पांच वर्षों में मंगोलिया की अपनी पहली यात्रा पर आए पुतिन, पूर्वोत्तर चीन के मंचूरिया पर नियंत्रण रखने वाली जापानी सेना पर सोवियत संघ और मंगोलिया की संयुक्त जीत की 85वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित समारोह में शामिल होंगे. वर्ष 1939 में मंचूरिया और मंगोलिया के बीच सीमा के स्थान को लेकर महीनों तक चली लड़ाई में दोनों पक्षों के हजारों सैनिक मारे गए थे.
यूरोपीय आयोग ने आशंका जताई है कि मंगोलिया आईसीसी के गिरफ्तारी वारंट की तामील नहीं करेगा.

उसकी प्रवक्ता नबिला मसराली ने कहा, ह्लअन्य देशों की तरह ही मंगोलिया को भी अपने हितों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय संबंध बनाने का अधिकार है. लेकिन मंगोलिया 2002 से आईसीसी की रोम संविधि और उससे जुड़े कानूनी दायित्वों का पक्षकार है.ह्व रूस के बाहर रह रहे 50 से अधिक रूसी नागरिकों ने एक खुले पत्र पर दस्तखत किए हैं, जिसमें मंगोलिया की सरकार से ह्लपुतिन के देश में पहुंचते ही उन्हें हिरासत में लेने का आग्रह किया गया है.ह्व हस्ताक्षरकर्ताओं में व्लादिमीर कारा-मुर्जा शामिल हैं, जिन्हें शीत युद्ध के बाद पूर्व-पश्चिम में कैदियों की सबसे बड़ी अदला-बदली के तहत अगस्त में रूस की एक जेल से रिहा किया गया था.

यूक्रेन पर आक्रमण को लेकर रूस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग किए जाने के प्रयासों का मुकाबला करने के लिए पुतिन ने हाल के महीनों में कई देशों की यात्रा की है. उन्होंने मई में चीन और जून में उत्तर कोरिया व वियतनाम की यात्रा की थी, जबकि जुलाई में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए कजाखस्तान पहुंचे थे.

पिछले साल दक्षिण अफ्रीका सरकार के पुतिन के जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने पर आपत्ति जताए जाने के बाद उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इसमें हिस्सा लिया था. ब्रिक्स उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं. दक्षिण अफ्रीका अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय का भी सदस्य है.

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