अमेरिका में बेबुनियाद बयानों से राहुल गांधी ने भारत की गरिमा को ठेस पहुंचाई: राजनाथ सिंह

भारत में अल्पसंख्यक सबसे सुरक्षित: किरेन रीजीजू

नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिका में दिए गए बयानों के लिए बुधवार को राहुल गांधी की आलोचना की और कहा कि यह अत्यंत शर्मनाक है कि नेता प्रतिपक्ष अपने विदेश दौरों पर ‘भ्रामक, बेबुनियाद और तथ्यहीन’ बयान देकर भारत की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं. सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में भारत-चीन सीमा मुद्दे पर राहुल गांधी के दावों को भी खारिज कर दिया और कहा कि जिस तरह के दावे उन्होंने अमेरिका की धरती पर किए हैं, वे भ्रामक और तथ्यों से परे हैं.

वाशिंगटन में प्रतिष्ठित नेशनल प्रेस क्लब में मंगलवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राहुल गांधी ने पाकिस्तान पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों का समर्थन किया, लेकिन चीन के मुद्दे से निपटने के उनके तौर तरीकों की उन्होंने आलोचना की. जब राहुल से पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने अमेरिका-चीन स्पर्धा को सही तरह से संभाला है तो कांग्रेस नेता ने कहा, ”देखिए, अगर आप हमारे 4,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में चीनी सैनिकों की मौजूदगी को चीजों को अच्छी तरह से संभालना कहते हैं, तो हो सकता है.”

उन्होंने कहा, ”चीनी सैनिकों ने लद्दाख में दिल्ली के क्षेत्रफल जितनी जमीन पर कब्जा कर लिया है. मुझे लगता है कि यह अनर्थ है. मीडिया इसके बारे में लिखना नहीं चाहता है.” राहुल के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए राजनाथ ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपने विदेश दौरे के दौरान जिस तरह की भ्रामक, निराधार और तथ्यहीन बातें कर रहे हैं, वो बेहद शर्मनाक और भारत की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली हैं.

सिंह ने कहा, ”उन्होंने कहा है कि भारत में सिख समाज को गुरुद्वारों में पगड़ी पहनने की इजाजत नहीं है, उन्हें उनके पंथ के अनुरूप व्यवहार करने से रोका जा रहा है. यह बात एकदम बेबुनियाद और सच्चाई से कोसों दूर है.” रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति की रक्षा करने में सिख समाज की जो बड़ी भूमिका रही है, उसे पूरा देश मानता है और उनका सम्मान करता है. सिंह ने कहा कि उनके बारे में इस तरह की मनगढ़न्त बातें करना, विपक्ष के नेता को शोभा नहीं देता.

उन्होंने कहा, ”इसी तरह भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर भी जिस तरह के दावे उन्होंने अमेरिका की धरती पर किए हैं, वे भी भ्रामक और तथ्यों से परे हैं. लगता है कि मुहब्बत की दुकान चलाते- चलाते राहुलजी झूठ की दुकान खोल कर बैठ गये हैं. इस तरह की गलतबयानी से राहुलजी को परहेज करना चाहिए.” उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का यह दावा एकदम निराधार है कि राजग सरकार आरक्षण को समाप्त कर देना चाहती है. सिंह ने कहा, ”हमारे प्रधानमंत्रीजी ने दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों के कल्याण और विकास के लिए आरक्षण की व्यवस्था को मजबूत किया है.”

भारत में अल्पसंख्यक सबसे सुरक्षित: किरेन रीजीजू

केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने अल्पसंख्यकों के बारे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर बुधवार को विपक्ष के नेता पर निशाना साधा और कहा कि वे (अल्पसंख्यक) भारत में सबसे सुरक्षित हैं. अमेरिका में गांधी की इस टिप्पणी से संबंधित एक सवाल के जवाब में कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कुछ धर्मों, भाषाओं और समुदायों को अन्य की तुलना में कमतर समझता है, रीजीजू ने कहा, ”चाहे जितनी कोशिश कर ली जाए, भारत को बदनाम नहीं किया जा सकता, क्योंकि भारत का संविधान और संस्कृति लोगों के बीच भेदभाव नहीं करती है.” उन्होंने कहा कि जो लोग भारत विरोधी ताकतों की मदद से भारत को बदनाम करना चाहते हैं, वे सफल नहीं होंगे.

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रीजीजू ने कहा कि भारत के पड़ोस में रहने वाले अल्पसंख्यक, यदि वहां उनके साथ कुछ गलत होता है तो वे यहां आते हैं. उन्होंने कहा, ”भारत में अल्पसंख्यक सबसे सुरक्षित हैं.” गांधी ने आरोप लगाया था कि आरएसएस कुछ धर्मों, भाषाओं और समुदायों को अन्य की तुलना में कमतर मानता है. उन्होंने कहा था कि भारत में राजनीति के लिए नहीं बल्कि इसी बात की लड़ाई लड़ी जा रही है. लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने सोमवार को वाशिंगटन के वर्जीनिया उपनगर में हर्नडॉन में भारतीय अमेरिकी समुदाय के सैकड़ों लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही थी.

उन्होंने कहा था, ”सबसे पहले आपको यह समझना होगा कि लड़ाई किस बारे में है. लड़ाई राजनीति के बारे में नहीं है.” रीजीजू ने कहा कि भारतीय संविधान और संसदीय प्रणाली पर आखिरी बार हमला 1975 में आपातकाल के दौरान हुआ था. चीन द्वारा भारतीय भूमि पर कब्जा करने संबंधी गांधी के दावे से संबंधित एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए रीजीजू ने कहा कि विदेशी धरती पर भारत को बदनाम करना ठीक नहीं है. उन्होंने कहा, ”नरेन्द्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से कोई भी हमारी जमीन पर कब्जा नहीं कर पाया है… पिछली बार मैंने सदन में विपक्षी दलों के नेताओं से कहा था कि अगर उनके पास समय हो तो वे मेरे साथ (सीमा तक) आएं.”

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button