
नयी दिल्ली. कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को नोटिस जारी कर उनसे वे दस्तावेज साझा करने को कहा, जिनके आधार पर उन्होंने आरोप लगाया था कि एक महिला ने दो बार मतदान किया. राज्य के शीर्ष चुनाव अधिकारी ने गांधी से कहा कि ये दस्तावेज उनके कार्यालय को विस्तृत जांच करने में मदद करेंगे.
गांधी ने पिछले सप्ताह संवाददाता सम्मेलन में ये दस्तावेज दिखाए थे.
नोटिस में कहा गया, ”आपने (राहुल गांधी) यह भी कहा है कि मतदान अधिकारी द्वारा दिए गए रिकॉर्ड के अनुसार, श्रीमती शकुन रानी ने दो बार मतदान किया था… पूछताछ करने पर, श्रीमती शकुन रानी ने बताया है कि उन्होंने केवल एक बार मतदान किया है, दो बार नहीं, जैसा कि आपने आरोप लगाया है.” नोटिस में कहा गया है कि सीईओ कार्यालय द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि कांग्रेस नेता द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज मतदान अधिकारी द्वारा जारी नहीं किया गया था. इसमें कहा गया है, ”अत? आपसे अनुरोध है कि वे प्रासंगिक दस्तावेज उपलब्ध कराएं जिनके आधार पर आपने यह निष्कर्ष निकाला है कि श्रीमती शकुन रानी या किसी अन्य ने दो बार मतदान किया है, ताकि इस कार्यालय द्वारा विस्तृत जांच की जा सके.”
शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करें या माफी मांगें: निर्वाचन आयोग ने राहुल गांधी से कहा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोपों के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने शनिवार को एक बार फिर नेता प्रतिपक्ष से कहा कि या तो वह अपने दावों के समर्थन में शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करें या फिर ”फर्जी” आरोप लगाने के लिए देश से माफी मांगें. कम से कम तीन राज्यों में कथित वोट चोरी को लेकर गांधी और निर्वाचन आयोग के बीच हुई तीखी बयानबाजी के एक दिन बाद, निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने फिर से कांग्रेस नेता से उनके दावों की पुष्टि के लिए हस्ताक्षरित शपथ पत्र देने पर जोर दिया.
एक अधिकारी ने कहा, ”राहुल गांधी को या तो नियमों के अनुसार शपथ पत्र देना चाहिए या अपने झूठे आरोपों के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए.” इस बीच भाजपा ने शनिवार को कहा कि यदि कांग्रेस नेता को निर्वाचन आयोग पर भरोसा नहीं है तो उन्हें नैतिक आधार पर लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे देना चाहिए. भाजपा ने वोट चोरी के दावे के बारे में शपथ पत्र न देने के लिए भी गांधी पर निशाना साधा.
कर्नाटक, महाराष्ट्र और हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) ने बृहस्पतिवार को राहुल गांधी से उन मतदाताओं के नाम साझा करने को कहा था जिनके बारे में उन्होंने दावा किया है कि उन्हें मतदाता सूचियों में गलत तरीके से शामिल किया गया है या सूची से बाहर रखा गया है. उन्होंने चुनाव प्राधिकारियों द्वारा मामले में ”आवश्यक कार्यवाही” शुरू किए जाने के लिए हस्ताक्षरित घोषणापत्र भी मांगा था. लेकिन गांधी ने स्पष्ट कर दिया था कि वह हस्ताक्षरित शपथ पत्र नहीं देंगे. गांधी ने कहा था कि वह पहले ही संसद सदस्य के रूप में संविधान की रक्षा करने की शपथ ले चुके हैं.



