
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को संसद द्वारा पारित ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक’ के बारे में ‘गलत सूचनाएं’ प्रसारित करने के बजाय खुद की जानकारी बढ़ानी चाहिए. इससे पहले राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि सरकार ने 20 साल पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को एक ही दिन में खत्म कर दिया और नया रोजगार गारंटी विधेयक ले आई.
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”जी राम जी विधेयक को मनरेगा के बदले स्वरूप में पेश नहीं किया गया है. यह अधिकार-आधारित, मांग-आधारित गारंटी को खत्म कर इसे एक सीमित योजना में बदल देता है, जिसे दिल्ली से नियंत्रित किया जाएगा.” कांग्रेस सांसद ने कहा, ”यह डिजाइन से ही राज्य-विरोधी और गांव-विरोधी है.” प्रतिक्रिया में भाजपा के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) विधेयक सामाजिक सुरक्षा नेट को हटाने के बारे में नहीं है, बल्कि उन्हें आधुनिक बनाने के बारे में है.
मालवीय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”रोजगार, कौशल, बुनियादी ढांचे और जवाबदेही को मिलाकर, यह मनरेगा से आगे एक दूरदर्शी विकास का प्रतिनिधित्व करता है.” उन्होंने कहा, ”गलत जानकारी फैलाने के बजाय, राहुल गांधी को विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के बारे में खुद को शिक्षित करना चाहिए.” विपक्ष के जोरदार विरोध के बीच, संसद ने बृहस्पतिवार देर रात ग्रामीण रोजगार गारंटी विधेयक पारित कर दिया, जो मनरेगा की जगह लेगा और जिसमें हर साल 125 दिन के ग्रामीण रोजगार का वादा है.
इस केंद्र प्रायोजित योजना के तहत, वित्तीय जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों के बीच साझा की जाएगी. पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 होगा और अन्य सभी राज्यों तथा विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों के लिए यह 60:40 होगा.
बिना विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों के लिए, पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी. मालवीय ने कहा कि मनरेगा को ग्रामीण भारत को रोजगार सुरक्षा देने के इरादे से शुरू किया गया था.
उन्होंने कहा, ”इरादा नेक था, लेकिन पिछले कुछ सालों में यह योजना भ्रष्टाचार, भुगतान में देरी, परिसंपत्तियों की खराब गुणवत्ता और सीमित दीर्घकालिक आर्थिक प्रभाव जैसी पुरानी समस्याओं से जूझती रही.” उन्होंने कहा कि ‘वीबी-जी राम जी’ एक ‘प्रस्तावित विकल्प’ है जिसका मकसद ‘ग्रामीण सशक्तीकरण के मुख्य उद्देश्य’ को बनाए रखते हुए इन ‘संरचनात्मक खामियों’ को ठीक करना है.
भाजपा नेता ने कहा कि इससे मनरेगा में होने वाली लीकेज और राजनीतिक दुरुपयोग में ‘काफी’ कमी आएगी.



