राहुल गांधी के करीबी सहयोगी के पास दो मतदाता पहचान पत्र : भाजपा ने लगाया आरोप

दिल्ली के दो विधानसभा क्षेत्रों में बतौर मतदाता पंजीकृत होने पर पवन खेड़ा को निर्वाचन आयोग का नोटिस

नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के पास दो मतदाता पहचान पत्र हैं और राहुल गांधी अपनी पार्टी द्वारा वोटों की चोरी को ”बचाने एवं छिपाने” के लिए बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के खिलाफ अभियान चला रहे हैं.

भाजपा नेता अमित मालवीय ने ‘एक्स’ पर लिखा,”कांग्रेस पूरी तरह से वोट चोर है. इसीलिए वह सभी पर यही कलंक लगाना चाहती हैं.” उन्होंने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर गांधी पर निशाना साधा और मांग की कि निर्वाचन आयोग इस बात की जांच करे कि खेड़ा के पास ‘दो सक्रिय ईपीआईसी नंबर कैसे हैं तथा क्या उन्होंने कई बार मतदान किया – जो चुनावी कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है.’ भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी यहां पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता में दावा किया कि कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख और राहुल गांधी के ”करीबी सहयोगी” खेड़ा के पास दिल्ली के पते पर दो मतदाता पहचान पत्र हैं–खेड़ा का एक ईपीआईसी जंगपुरा विधानसभा क्षेत्र का तथा दूसरा ईपीआईसी नयी दिल्ली विधानसभा क्षेत्र का है.

उन्होंने कहा, ”राहुल गांधी और उनके करीबी चोर हैं एवं शोर कर रहे हैं.” भंडारी ने आरोप लगाया, ”आज राहुल गांधी और पवन खेड़ा के बीच की सांठगांठ जो सामने आई है, उससे यह स्पष्ट होता है कि राहुल गांधी देश के गरीबों, वंचितों से इतनी नफरत करते हैं कि वह अपनी पार्टी के नेताओं की वोट चोरी को बचाने और अपनी वोट धोखाधड़ी को छिपाने के लिए बिहार के नागरिकों को ‘फर्जी’ और ‘चोर’ कह रहे हैं.” उन्होंने आरोप लगाया, ”राहुल गांधी और कांग्रेस मतदाता धोखाधड़ी का गिरोह चला रहे हैं, जिसमें कई मतदाता पहचान पत्र रखने वाले विभिन्न कांग्रेस नेताओं को संरक्षण दिया जा रहा है.” भाजपा प्रवक्ता ने राहुल से इस मुद्दे पर जवाब मांगा.

पार्टी प्रवक्ता ने खेड़ा के कथित तौर पर दो मतदाता पहचान पत्र रखने को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत अपराध बताते हुए इस मामले की संबंधित एजेंसियों से जांच कराने की मांग की . उन्होंने गांधी से यह भी पूछा कि क्या वह खेड़ा के खिलाफ कोई कार्रवाई करेंगे और उन्हें कांग्रेस से निकालेंगे? सत्तारूढ़ भाजपा और निर्वाचन आयोग के खिलाफ चुनाव में धांधली के ”निराधार” आरोप लगाने के लिए गांधी की आलोचना करते हुए भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और गांधी परिवार का चुनाव में धांधली और वोट चोरी का इतिहास रहा है.

उन्होंने कहा,”सोनिया गांधी 1980 में भारत की नागरिक नहीं थीं, लेकिन उनका नाम मतदाता सूची में था. हमारे विरोध के बाद 1982 में उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया. राहुल गांधी आज तक इस मुद्दे पर चुप हैं.” उन्होंने राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की. भंडारी ने कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ गांधी के अभियान को ‘लोकतंत्र के खिलाफ साजिश’ करार दिया और लोगों को कांग्रेस नेता के ‘झूठ के पुलिंदे’ पर विश्वास न करने के लिए आगाह किया.

उन्होंने आरोप लगाया, ”राहुल गांधी झूठ बोलते रहते हैं क्योंकि वह लोकतंत्र विरोधी और खतरनाक व्यक्ति हैं. अपने लगातार झूठ से वह लोगों के मन में अविश्वास की भावना पैदा करना चाहते हैं क्योंकि लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार अपना जनादेश दिया है.” भाजपा का यह पलटवार राहुल गांधी के उस बयान के एक दिन बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी जल्द ही ‘वोट चोरी’ के खुलासे का ‘हाइड्रोजन बम’ लेकर आएगी और उसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को अपना चेहरा नहीं दिखा पाएंगे.

दिल्ली के दो विधानसभा क्षेत्रों में बतौर मतदाता पंजीकृत होने पर पवन खेड़ा को निर्वाचन आयोग का नोटिस

दिल्ली के चुनाव प्रशासन ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने को लेकर नोटिस जारी किया है. नयी दिल्ली के जिला निर्वाचन अधिकारी ने खेड़ा को भेजे नोटिस की प्रति ‘एक्स’ पर साझा की. कांग्रेस नेता को आठ सितंबर को पूर्वाह्न 11 बजे तक इस नोटिस का जवाब देने का निर्देश दिया गया है.

इससे पहले दिन में भाजपा ने आरोप लगाया था कि खेड़ा के पास दो मतदाता पहचान पत्र हैं तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अपनी पार्टी की वोट चोरी को ‘बचाने और छिपाने’ के लिए बिहार में मतदाता सूची संशोधन के खिलाफ अभियान चला रहे हैं.
दो मतदाता पहचान पत्र रखने तथा भाजपा के आरोपों पर खेड़ा ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ”मुझे उनसे (भाजपा नेता अमित मालवीय से) ही पता चला कि मेरे पास दूसरा मतदाता पहचान पत्र भी है. मैंने 2016-17 में इसे हटाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन ऐसा लगता है कि यह नहीं हुआ और इसके लिए निर्वाचन आयोग जिम्मेदार है.” खेड़ा ने यह भी मांग की कि निर्वाचन आयोग उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर भाजपा से हलफनामा मांगे.

जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी किये गये नोटिस में कहा गया है, ”मेरे संज्ञान में लाया गया है कि आपने अपना नाम एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में पंजीकृत कराया है.” नोटिस के अनुसार, खेड़ा नयी दिल्ली और जंगपुरा विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं.

नोटिस में लिखा था, ”जैसा कि आप जानते होंगे, एक से ज़्यादा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में नाम दर्ज होना जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत दंडनीय अपराध है. इसलिए, आपको कारण बताओ नोटिस जारी कर आपसे पूछा जाता है कि क्यों न आपके खिलाफ इस अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए.” उससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने यहां पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता में दावा किया था कि कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख और राहुल गांधी के ”करीबी सहयोगी” खेड़ा के पास दिल्ली के पते पर दो मतदाता पहचान पत्र हैं–खेड़ा का एक ईपीआईसी (मतदाता पहचान पत्र) जंगपुरा विधानसभा क्षेत्र का तथा दूसरा ईपीआईसी नयी दिल्ली विधानसभा क्षेत्र का है.

उन्होंने कहा, ”राहुल गांधी और उनके करीबी चोर हैं लेकिन उल्टा शोर कर रहे हैं.” भंडारी ने आरोप लगाया, ”आज राहुल गांधी और पवन खेड़ा के बीच की सांठगांठ जो सामने आई है, उससे यह स्पष्ट होता है कि राहुल गांधी देश के गरीबों, वंचितों से इतनी नफरत करते हैं कि वह अपनी पार्टी के नेताओं की वोट चोरी को बचाने और अपनी वोट धोखाधड़ी को छिपाने के लिए बिहार के नागरिकों को ‘फर्जी’ और ‘चोर’ कह रहे हैं.” उन्होंने आरोप लगाया, ”राहुल गांधी और कांग्रेस मतदाता धोखाधड़ी का गिरोह चला रहे हैं, जिसमें कई मतदाता पहचान पत्र रखने वाले विभिन्न कांग्रेस नेताओं को संरक्षण दिया जा रहा है.” पार्टी प्रवक्ता ने खेड़ा के कथित तौर पर दो मतदाता पहचान पत्र रखने को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत अपराध बताते हुए इस मामले की संबंधित एजेंसियों से जांच कराने की मांग की. उन्होंने गांधी से यह भी पूछा कि क्या वह खेड़ा के खिलाफ कोई कार्रवाई करेंगे और उन्हें कांग्रेस से निकालेंगे?

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