राहुल कर रहे हैं मतदाताओं का अपमान, विपक्ष के नेता के पद को कमतर कर रहे: भाजपा

नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इस दावे का मजाक उड़ाया कि वह जल्द ही अपने ”वोट चोरी” आरोप के सिलसिले में ”हाइड्रोजन बम” सामने लेकर आएंगे. भाजपा ने उनके ”एटम बम” के निष्प्रभावी होने का दावा करते हुए उन पर गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों से लोकसभा में विपक्ष के नेता के पद को कमतर करने का आरोप लगाया.

गांधी पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस नेता और उनकी पार्टी का मोदी को ”गाली” देने का इतिहास रहा है लेकिन लोगों ने बार-बार गांधी को नकारा है एवं प्रधानमंत्री में विश्वास जताया है. पटना में अपनी वोट अधिकार यात्रा के समापन के दौरान गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा था. प्रसाद ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भाजपा की जीत के पीछे धोखाधड़ी और छल का आरोप लगाकर कांग्रेस नेता मतदाताओं का अपमान कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ”यह अहंकार है और हम मतदाताओं से कहेंगे कि वे उन्हें उनके अहंकार की सजा दें.” पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रसाद ने राजद नेता तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा और कहा कि बिहार में कांग्रेस का कोई राजनीतिक आधार न होने के बावजूद वह राहुल गांधी के ‘सहयोगी’ की भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव का मुख्यमंत्री पद पर दावा है, लेकिन उन्होंने अगली कुर्सी राहुल गांधी को दे दी है.

उन्होंने दावा किया कि इस यात्रा का अक्टूबर-नवंबर में होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. राज्य में मतदाता सूचियों की चल रही विशेष गहन समीक्षा का बचाव करते हुए, प्रसाद ने दावा किया कि विपक्ष का इसके खिलाफ अभियान सिर्फ दो वजहों से है. उन्होंने राज्य में चुनावी हिंसा और मतदान केंद्रों पर कब्जे की घटनाओं के इतिहास को याद करते हुए कहा कि विपक्षी नेता ‘बूथ लूटने का अधिकार और ताकत’ चाहते हैं तथा उनकी यह भी इच्छा है कि घुसपैठियों को वोट देने की अनुमति दी जाए. उन्होंने कहा कि गांधी का अभियान कांग्रेस की बार-बार की चुनावी हार से उत्पन्न उनकी हताशा पर आधारित है तथा यदि गांधी इसी तरह का आचरण जारी रखेंगे तो उनकी पार्टी को और भी बुरा अंजाम भुगतना पड़ेगा.

भाजपा नेता द्वारा गांधी और उनके सहयोगियों पर तीखा हमला ऐसे समय किया गया है जब नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी जल्द ही ‘वोट चोरी’ के खुलासों का ‘हाइड्रोजन बम’ सामने लेकर आएगी और उसके बाद मोदी देश को अपना चेहरा नहीं दिखा पाएंगे.
गांधी ने कहा, ”हम उन्हें (भाजपा को) संविधान की हत्या नहीं करने देंगे और इसीलिए हमने यह यात्रा निकाली. हमें जबर्दस्त जन उत्साह नजर आया. लोग बड़ी संख्या में बाहर आए और ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ का नारा लगाया.” गांधी ने कर्नाटक के बेंगलुरु मध्य लोकसभा सीट के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में अनियमितताओं के बारे में अपने आरोपों को ‘परमाणु बम’ कहा था.
पलटवार करते हुए प्रसाद ने कहा कि गांधी का तथाकथित परमाणु बम दिवाली के सुतली बम जैसा जैसा भी नहीं है.

उन्होंने कहा, ”संसद के अंदर और बाहर उनके भाषणों का क्या मतलब है, यह समझने के लिए वाकई बहुत कोशिश करनी होगी… दुनिया ने हाइड्रोजन बम का असर अभी तक नहीं देखा है. अब राहुल गांधी इसके बारे में बात कर रहे हैं.” उन्होंने गांधी पर बार-बार अपने गैर-जिम्मेदाराना बयानों से लोकसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर अपने पद को कमतर करने का भी आरोप लगाया.
प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस नेता ने अपनी यात्रा के दौरान मंच से प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्दों के इस्तेमाल की एक बार भी निंदा नहीं की. उन्होंने कहा कि मोदी की मां के लिए अपशब्द बोला गया, लेकिन गांधी ने एक शब्द भी नहीं कहा जो यह उनके अहंकार और मोदी के प्रति नफरत को दर्शाता है.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के इस बयान पर कि भाजपा जल्द ही मुख्यमंत्री और जद (यू) अध्यक्ष नीतीश कुमार को कूड़े की तरह फेंक देगी, प्रसाद ने कहा कि कुमार के साथ भाजपा का गठबंधन राज्य को भ्रष्टाचार से मुक्त करने और सुशासन प्रदान करने के लिए हुआ था, जिसे गठबंधन सरकार ने पूरा भी किया है. प्रसाद ने राजद के प्रमुख परिवार के भीतर अंदरूनी कलह का दावा करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव की बहन मीसा भारती लोकसभा में पाटलिपुत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं, लेकिन वह यात्रा के समापन समारोह का हिस्सा नहीं थीं.

उन्होंने कहा कि गांधी और यादव दोनों भ्रष्टाचार के मामलों में मुकदमे का सामना कर रहे हैं, लेकिन नैतिकता के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यादव के पिता और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव भ्रष्टाचार के आरोपों में दोषी ठहराए गए थे. प्रसाद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ने किसी भी संवैधानिक संस्था को, चाहे वह कैग हो या निर्वाचन आयोग, नहीं बख्शा, क्योंकि उनका मानना है कि प्रधानमंत्री की कुर्सी उनका दैवीय अधिकार है. उन्होंने कहा, ”गांधी भले ही मानते हों कि प्रधानमंत्री की कुर्सी उनका दैवीय अधिकार है, लेकिन जनता मोदी को वोट देती रही है और देती रहेगी.”

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