
नयी दिल्ली. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि कश्मीर को कन्याकुमारी से जोड़ने वाली रेल परियोजना तैयार हो गई है और अगले चार महीने के अंदर इस पर रेलगाड़ी चलेगी. वैष्णव ने लोकसभा में ‘रेल (संशोधन) विधेयक, 2024’ पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए यह बात कही.
उन्होंने कहा, ”वर्षों से जिस परियोजना के पूरे होने की प्रतीक्षा थी, कश्मीर को कन्याकुमारी से जोड़ने वाली वह परियोजना तैयार हो गई है. परीक्षण और सुरक्षा प्रमाणन की प्रक्रिया चल रही है.” रेल मंत्री ने कहा कि आगामी चार महीने के अंदर इस पर रेलगाड़ी चलेगी और यह भारत की बहुत बड़ी उपलब्धि होगी. वैष्णव ने इस परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि कश्मीर में चिनाब रेलवे पुल 359 मीटर ऊंचा है और यह एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊंचा है.
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर पूर्व क्षेत्र के राज्यों में रेलवे का अद्भुत और अभूतपूर्व विकास किया है और क्षेत्र के राज्यों में रेलवे परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है. वैष्णव ने कहा कि नगालैंड में दूसरा ब्रॉडगेज रेलवे स्टेशन सौ साल के अंतराल के बाद मोदी सरकार के कार्यकाल में बना है.
यात्री सेवाओं के लिए नया ऐप विकसित कर रहा है रेलवे : वैष्णव
सरकार ने बुधवार को लोकसभा को सूचित किया कि रेल मंत्रालय एक नया मोबाइल ऐप्लिकेशन विकसित कर रहा है, जो उपयोगकर्ताओं को अनारक्षित ट्रेन टिकट बुक करने, शिकायत दर्ज करने और रेलगाड़ियों को ट्रैक करने में सक्षम बनाएगा. तेलुगुदेशम पार्टी के सांसद बी के पार्थसारथी और बी. नागराजू ने रेल सेवाओं के लिए ‘सुपर ऐप’ लॉन्च करने की सरकार की योजना का मुद्दा उठाया.
उन्होंने यह भी जानना चाहा कि “ऐप को व्यावसायिक उपयोग के लिए कब तक लॉन्च किया जाएगा और ऐप को विकसित करने की लागत कितनी होगी”. इन प्रश्नों का उत्तर देते हुए, रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “भारतीय रेलवे यात्री सेवा केंद्रित ऐप विकसित कर रहा है. यात्री एक ही ऐप में अनारक्षित टिकटिंग, शिकायत दर्ज करने, ट्रेन की उपलब्धता की जांच करने और कई अन्य कार्यों का लाभ उठा सकेंगे.”
सभी प्रतीक्षा सूची वाले टिकटों को रद्द करने पर ‘क्लर्केज’ शुल्क लगाया जाता है: रेल मंत्री
सरकार ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि रेल मंत्रालय सभी प्रतीक्षा सूची वाले टिकटों पर ‘क्लर्केज’ शुल्क लगाता है और रद्दीकरण सहित सभी स्रोतों से प्राप्त राजस्व का उपयोग रखरखाव एवं संचालन से संबंधित कार्य व्यय के लिए किया जाता है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रतीक्षा सूची वाले टिकटों पर रद्दीकरण शुल्क के बारे में पूछे गए सवालों के लिखित जवाब में कहा, ”रेल यात्री (टिकट रद्दीकरण और किराया वापसी) नियम 2015 के अनुसार आईआरसीटी की वेबसाइट के माध्यम से रद्द किए गए सभी प्रतीक्षा सूची वाले टिकटों को रद्द करने पर क्लर्केज शुल्क लगाया जाता है.” समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा चौधरी ने रेलगाड़ियों में सीट की कमी के कारण रेलवे द्वारा रद्द किए गए प्रतीक्षा सूची वाले टिकटों पर रद्दीकरण शुल्क लगाने का मुद्दा उठाया.
चौधरी ने जानना चाहा कि ”क्या सरकार रेलवे द्वारा रद्द किए गए उक्त प्रतीक्षा सूची वाले टिकटों पर ऐसे रद्दीकरण शुल्क को माफ करने की योजना बना रही है.” वैष्णव ने कहा कि अग्रिम आरक्षण अवधि के दौरान ‘कन्फर्म/आरएसी’ टिकटों के रद्द होने पर खाली होने वाली सीट को भरने के लिए प्रतीक्षा सूची वाले टिकट जारी किए जाते हैं.
उन्होंने कहा, ”इसके अलावा, प्रतीक्षा सूची वाले टिकट यात्रियों के पास अद्यतन योजना के तहत ‘अपग्रेड’ होने या विकल्प योजना के तहत वैकल्पिक ट्रेन में स्थानांतरित होने का विकल्प भी है.” यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार के पास रद्दीकरण शुल्क से जुटाए गए राजस्व का डेटा है, वैष्णव ने कहा, ”टिकट रद्द करने के कारण जमा की गई राशि को अलग से नहीं रखा जाता है.”
रेलवे में 58,642 खाली पड़े पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है: रेल मंत्री वैष्णव
केंद्र सरकार को रेलवे में युवाओं को अधिक से अधिक अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध बताते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि रेलवे में 58,642 रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है. रेल मंत्री ने लोकसभा में ‘रेल (संशोधन) विधेयक, 2024’ पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए यह बात कही. उनके जवाब के बाद सदन ने विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी.
वैष्णव ने कहा, ”मैं स्पष्ट रूप से बताना चाहूंगा कि संप्रग सरकार के समय 4,11,000 लोगों को रेलवे में नौकरी मिली थी, जबकि मोदी सरकार में 5,02,000 युवाओं की भर्ती रेलवे में की गई है.” उन्होंने कहा कि रेलवे में 58,642 रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है.
वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार में रेलवे नौजवानों को अधिक से अधिक अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने देश में रेलवे भर्ती परीक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि बिना किसी प्रश्नपत्र लीक की शिकायत के सुगमता से ये परीक्षाएं हो रही हैं और दशकों पुरानी मांग के अनुरूप वार्षिक कलैंडर के हिसाब से भर्ती होती है.



