भारत में रेल यात्रा पड़ोसी देशों की तुलना में किफायती: वैष्णव

रेल यातायात रोके बिना स्टेशनों का पुर्निनर्माण बहुत जटिल काम, 160 स्टेशनों पर पूरा हुआ: वैष्णव

नयी दिल्ली. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि पड़ोसी देशों की तुलना में भारत में रेल टिकट की कीमतें सबसे सस्ती हैं, और भारतीय रेल ने इस बाबत पिछले साल 60,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी थी. लोकसभा में कांग्रेस सदस्य एम के विष्णु प्रसाद के एक पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए रेल मंत्री ने यह बात कही. कांग्रेस सांसद ने पूछा था कि क्या सरकार कोविड महामारी से पहले की तरह वरिष्ठ नागरिकों को रेल टिकट पर मिलने वाली छूट को बहाल करने की योजना बना रही है.

उत्तर में वैष्णव ने कहा कि भारत में टिकटों की कीमतें विकसित देशों की कीमतों का लगभग पांच या 10 प्रतिशत हैं. मंत्री ने प्रश्नकाल के दौरान कहा, ‘‘पड़ोसी देशों की तुलना में भी टिकट का मूल्य बहुत, बहुत सस्ता रखा गया है.’’ उन्होंने कहा कि पिछले साल, भारतीय रेलवे ने लगभग 60,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी थी ताकि यात्री परिवहन सस्ता बना रहे. वैष्णव ने कहा, ‘‘हमारे पड़ोसी देशों की तुलना में भी, भारत अपने नागरिकों या यात्रियों को सबसे सस्ता परिवहन साधन उपलब्ध करा रहा है.’’

रेल यातायात रोके बिना स्टेशनों का पुर्निनर्माण बहुत जटिल काम, 160 स्टेशनों पर पूरा हुआ: वैष्णव

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि देश में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों पर रेल यातायात रोके बिना पुर्निनर्माण का बहुत जटिल काम किया जा रहा है और 1300 चिह्नित स्टेशनों में से 160 पर यह काम पूरा हो गया है. वैष्णव ने लोकसभा में यह भी कहा कि रेलवे स्टेशनों के पुर्निनर्माण का काम देश में आजादी के बाद पहली बार किया जा रहा है. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य गोडम नागेश के पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश में 1300 से अधिक रेलवे स्टेशनों का पुर्निनर्माण किया जाना है, जिनमें से 160 में यह काम पूरा हो गया है.

उन्होंने कहा, ‘‘यह दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन पुर्निनर्माण का कार्यक्रम है. पहले रंगाई-पुताई को ही स्टेशन का विकास मान लिया जाता था. अब आगामी 50 साल के लिए योजना के साथ यह काम किया जा रहा है जिसमें स्थानीय वास्तुशिल्प, पार्किग क्षेत्र के साथ पुर्निनर्माण के लिए गंभीर प्रयास किये जा रहे हैं.’’ समाजवादी पार्टी (सपा) के धर्मेंद्र यादव के प्रश्न का उत्तर देते हुए वैष्णव ने कहा कि स्टेशन पुर्निनर्माण का काम बहुत जटिल है जिसमें रेल यातायात को रोके बिना इसे किया जाता है.

उन्होंने कहा, ‘‘विश्व के कई देशों में स्टेशन के पुर्निवकास के लिए रेल यातायात तीन-चार वर्ष के लिए रोक दिया जाता है. लेकिन हमारे देश में वैसी परिस्थितियां नहीं हो सकतीं और यहां यह संभव नहीं है. हमारे यहां बहुत यातायात है. उन परिस्थितियों के अंदर, सुरक्षा का ध्यान रखते हुए और यातायात बिना रोके पुर्निनर्माण का काम किया जा रहा है.’’ वैष्णव ने कहा, ‘‘आजादी के बाद पहली बार यह काम किया जा रहा है, इसलिए पुराना कोई अनुभव भी नहीं है. नये तरीके और नये अनुभव से सुरक्षा के साथ काम किया जा रहा है.’’ उन्होंने एक अन्य प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि रेलवे में साफ-सफाई पर पिछले 11 वर्षों में बहुत बदलाव आया है और इस दिशा में नया मानक स्थापित हुआ है.

कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने प्रश्नकाल में पूरक प्रश्न पूछते हुए रेल मंत्री और रेलवे के कार्यों की प्रशंसा की और कहा कि सांसद सत्तापक्ष के हों या विपक्ष के, सभी की बात रेल मंत्री ध्यान से सुनते हैं और उनके कार्यों को पूरा कराने का प्रयास करते हैं. इस पर वैष्णव ने कहा कि कांग्रेस सदस्यों ने रेलवे के काम की प्रशंसा की है जो ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ का स्पष्ट उदाहरण है.’’ कोरोना महामारी के समय रेलवे में वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली किराया छूट पुन: शुरू किए जाने की संभावना के कांग्रेस सदस्य एमके विष्णु प्रसाद के सवाल पर वैष्णव ने कहा, ‘‘पिछले साल रेलवे ने 60 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दी ताकि यात्री परिवहन सुगम हो. अन्य पड़ोसी देशों की तुलना में भारत किफायती रेल परिवहन उपलब्ध करा रहा है.’’

 

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