रेलवे का बड़ा ध्यान सुरक्षा संबंधी कार्यों, कवच लगाने पर: वैष्णव

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 23 Jul 2024 08:35 PM
रेलवे का बड़ा ध्यान सुरक्षा संबंधी कार्यों, कवच लगाने पर: वैष्णव
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नयी दिल्ली. भारतीय रेलवे अपने बजट आवंटन का एक बड़ा हिस्सा रेल सुरक्षा संबंधी गतिविधियों और स्वचालित ट्रेन-सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ पर खर्च करेगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को आम बजट 2024-25 पर टिप्पणी करते हुए यह बात कही. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि रेलवे के लिए 2,62,200 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है, जो पूंजी निवेश के लिए एक रिकॉर्ड आवंटन है.

वैष्णव ने कहा, ”इस आवंटन का एक बड़ा हिस्सा – 1,08,795 करोड़ रुपये – सुरक्षा संबंधी गतिविधियों के लिए है, जैसे पुरानी पटरियों को नए से बदलना, सिग्नल प्रणाली में सुधार और फ्लाईओवर तथा अंडरपास का निर्माण, और कवच लगाना.” उन्होंने कहा कि इन सभी सुरक्षा संबंधी गतिविधियों में कवच लगाना रेलवे की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है. मंत्री के अनुसार स्वचालित ट्रेन-सुरक्षा प्रणाली के उन्नत संस्करण ‘कवच 4.0’ को हाल में अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन से मंजूरी मिली है. अब इसे तेजी से रेलगाड़ियों में लगाया जाएगा.

वैष्णव ने कहा कि कवच के घटकों में शामिल ऑप्टिकल फाइबर केबल 4,275 किलोमीटर से अधिक दूरी पर बिछाई गई है और अन्य घटक- जैसे दूरसंचार टावर, ट्रैक आरएफआईडी उपकरण, स्टेशन कवच और लोको कवच भी तेजी से लगाए जा रहे हैं. संप्रग शासन के दौरान रेलवे के लिए बजटीय आवंटन की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि 2014 के आसपास रेलवे के लिए बजटीय आवंटन केवल लगभग 35,000 करोड़ रुपये हुआ करता था और आज यह 2.62 लाख करोड़ रुपये के नए स्तर पर पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पिछले 10 वर्षों के शासन की कड़ी मेहनत और लक्ष्य केंद्रित नजरिये को आगे बढ़ाता है.

एंजल कर खत्म करने से स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा मिलेगा: वैष्णव

सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि केंद्रीय बजट में ‘एंजल’ कर को खत्म करने की घोषणा एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. यह भारत में स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देगा. वैष्णव ने कहा, ह्लयह एक बहुत अच्छा निर्णय है और डीप टेक स्टार्टअप की सबसे बड़ी मांग रही है. इस कदम से स्टार्टअप में निवेश को बढ़ावा मिलेगा.ह्व उन्होंने बजट के बाद संवाददाताओं से कहा, ह्लएंजल कर एक लंबे समय से चली आ रही समस्या है…डीप टेक स्टार्टअप के सामने एक बड़ी समस्या थी कि आप मूल्यांकन कैसे करते हैं.”

मंत्री ने कहा कि भारत ने मोबाइल, लैपटॉप और सर्वर के घरेलू विनिर्माण में बड़ी प्रगति की है और अब ध्यान कलपुर्जा विनिर्माण को बढ़ावा देने पर है. उन्होंने कहा कि डेटा संरक्षण अधिनियम (डीपीडीपी अधिनियम) के तहत नियम बनाने की प्रक्रिया ‘अंतिम चरण में है, और हम जल्द ही नियमों को जनता और हितधारकों के परामर्श के लिए रखेंगे.’

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