
नोंग्रियाट/इंदौर. अपनी हत्या से एक दिन पहले, इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी और उनकी नवविवाहिता पत्नी सोनम यहां एक ‘होमस्टे’ में ठहरने के बाद कई घंटों के लिए गायब हो गए थे और देर रात को रात्रि भोजन के लिए वापस आए थे. होमस्टे के मालिक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. शिपारा होमस्टे के मालिक कॉन्स्टेंटाइन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि इंदौर के दंपति ने 22 मई को हमारे यहां चेक-इन किया और एक-एक कॉफी का ऑर्डर दिया.
उन्होंने कहा, “इसके बाद वे बिना किसी गाइड के बाहर चले गए. मुझे लगता है कि वे गांव में आने वाले अन्य पर्यटकों की तरह रूट ब्रिज देखने गए थे.” उन्होंने बताया कि राजा ने कमरे के लिए 1,000 रुपये, कॉफी के लिए 80 रुपये और रात के खाने के लिए 300 रुपये का भुगतान किया था. ग्रामीणों ने बताया कि दंपति ने मेघालय की अपनी यात्रा के लिए पहले से कोई कमरा आरक्षित नहीं कराया था तथा उन्हें पूर्वी खासी पर्वतीय जिले के सोहरा में एक होमस्टे में कमरा नहीं मिला, जिसके कारण उन्हें एक गाइड की मदद से उसी जिले में स्थित मावलखियात से नोंग्रियाट तक पैदल यात्रा करनी पड़ी.
दिलचस्प बात यह है कि सोनम द्वारा अपनी सास से फोन पर यह दावा करने के बावजूद कि वह उपवास कर रही हैं, कॉन्स्टेंटाइन ने कहा कि उन दोनों ने पूरी रुचि के साथ रात्रि भोजन किया और उसका आनंद उठाया. एक अन्य ग्रामीण ने अंधेरे से पहले रूट ब्रिज के पास इस दंपती को देखा. कॉन्स्टेंटाइन ने कहा कि जब उन्होंने बाद में सोशल मीडिया पर राजा का चेहरा देखा तो उन्हें वह चेहरा याद आ गया. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने तीन हत्यारों – सोनम के प्रेमी के दोस्तों – की उपस्थिति पर ध्यान नहीं दिया, जो कथित तौर पर हत्या में शामिल थे. होमस्टे में, राजा और सोनम को पांच उपलब्ध कमरों में से एक को रहने के लिये लिया. कॉन्स्टेंटाइन ने याद करते हुए कहा कि अगली सुबह (23 मई) को उनका व्यवहार असामान्य था.
उन्होंने कहा, “हमारे मेहमानों के लिए इतनी जल्दी (सुबह 5 बजे) उठना असामान्य था. उन्होंने हमारे दरवाजे पर दस्तक दी और मुझे अपनी पत्नी को जगाकर पूछना पड़ा कि क्या उन्हें नाश्ते की जरूरत है. उन्होंने मना कर दिया और मुझसे कहा कि वे चेकआउट करना चाहते हैं.” रघुवंशी और उनकी पत्नी उसी दिन सोहरा में छुट्टियां मनाते समय लापता हो गए थे. रघुवंशी का शव दो जून को एक खड्ड में मिला था. कॉन्स्टेंटाइन ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि उनके तीन अन्य साथी कहां रहते थे.
इस बीच, सोनम, राज (जिन पर मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप) और तीन कथित हत्यारों को शिलांग के सदर पुलिस थाने में हिरासत में रखा गया, जहां उन्हें उत्तर भारतीय भोजन दिया गया. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की खान-पान की आदतों को देखते हुए, जो यहां के स्थानीय खान-पान से अलग है, उन्हें सादा उत्तर भारतीय भोजन परोसा गया तथा उन्हें अतिरिक्त कपड़े भी दिए गए.
राजा रघुवंशी हत्याकांड का ‘पूरा सच’ बाहर लाने के लिए सोनम और राज कुशवाह का नार्को टेस्ट हो : भाई
मेघालय में हनीमून के दौरान मार डाले गए इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी के बड़े भाई ने शुक्रवार को मांग की कि इस हत्याकांड का पूरा सच उजागर करने के लिए दो प्रमुख आरोपियों-सोनम और राज कुशवाह का नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए.
राजा रघुवंशी के बड़े भाई सचिन रघुवंशी ने इंदौर में ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा,”हम चाहते हैं कि मेघालय पुलिस सोनम और कुशवाह का नार्को टेस्ट कराए ताकि मेरे भाई की हत्या का पूरा सच बाहर आ सके.” सचिन ने कहा, “सोनम और कुशवाह से मेघालय पुलिस की पूछताछ को लेकर सामने आ रही खबरों से हमें लग रहा है कि दोनों मिलीभगत के तहत एक-दूसरे को इस वारदात का मास्टरमाइंड (मुख्य साजिशकर्ता) बताकर जांचकर्ताओं को गुमराह कर रहे हैं.”
उन्होंने दावा किया कि सोनम और कुशवाह अपने दम पर उनके भाई की हत्या की साजिश को अंजाम नहीं दे सकते थे. सचिन ने कहा,”मुझे लगता है कि हत्याकांड में और लोग भी शामिल हैं जो अब तक मेघालय पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. सोनम और कुशवाह के नार्को टेस्ट से इन लोगों के नाम भी पता चल सकते हैं.”
राजा रघुवंशी के भाई ने हत्याकांड की विस्तृत जांच की मांग की और यह संदेह भी जताया कि सोनम और कुशवाह के कथित करीबी रिश्ते के बारे में इस महिला के परिवार, खासकर उसकी मां को पहले से पता था, लेकिन इसके बावजूद सोनम पर पारिवारिक दबाव डालकर राजा के साथ उसकी शादी कराई गई. उन्होंने यह मांग भी की कि राजा रघुवंशी हत्याकांड का मुकदमा फास्ट ट्रैक अदालत में चलाया जाए और इसमें दोषी पाए जाने वाले लोगों को ‘दोहरे आजीवन कारावास’ की सजा दी जाए.



