
अहमदबाद/मुंबई/वडोदरा/इंफाल/तिरुवनंतपुरम/ठाणे. एअर इंडिया विमान हादसे के 24 घंटे बाद रवि ठाकोर की हालत पागलों जैसी हो चुकी है. हादसे के समय मेडिकल कॉलेज हॉस्टल की मेस में उसकी मां और उसकी नन्हीं बेटी भी थीं. रवि बदहवासी की हालत में उन्हें ढूंढने की कोशिश कर रहा है. लेकिन उसे मेस में नहीं जाने दिया जा रहा है.
ठाकोर ने संवाददाताओं से कहा, ”मैं, मेरी मां और पत्नी बी.जे. मेडिकल कॉलेज के मेस में काम करते हैं. जूनियर डॉक्टर यहां अपना दोपहर का भोजन करने आते हैं, जबकि वरिष्ठ डॉक्टर के लिए भोजन पैक कर टिफिन सेवा के तहत सिविल अस्पताल ले जाया जाता है. बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे हम भोजन पैक कर अस्पताल चले गए थे जबकि मेरी मां और बेटी मेस में ही थीं.” ठाकोर ने शुक्रवार को बताया कि चूंकि वह, उसके पिता और उसकी पत्नी टिफिन सेवा के लिए बाहर गए थे इसलिए बच्चे को दादी के पास छोड़ दिया था, जो मेस में खाना बनाती हैं.
उन्होंने कहा, ”दुर्घटना के समय, मेरी मां सरला और बेटी आद्या मेस में थीं. 24 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन मुझे कोई जानकारी नहीं मिली है कि उनके साथ क्या हुआ? मैंने अधिकारियों द्वारा दी गई सूचियों को देखा है और रात भर सिविल और निजी अस्पतालों में उनकी तलाश की.” ठाकोर ने कहा, ”सभी लापता छात्रों का पता लगा लिया गया है और शवों की पहचान कर ली गई है. केवल मेरी मां और बेटी का पता नहीं चल पाया है. मेस के गार्ड किसी को भी अंदर नहीं जाने दे रहे हैं. मुझे लगता है कि मेरी मां और बेटी सीढि.यों के जरिये भूतल पर चली गई होंगी. मैं बस इतना चाहता हूं कि अधिकारी मुझे अपनी तसल्ली के लिए वहां आसपास ढूंढने की अनुमति दे दें.”
परिवार की चाय की दुकान के पास सो रहा किशोर भी मृतकों में शामिल
आकाश पाटनी (14) अहमदाबाद के मेघाणी नगर क्षेत्र में बी जे मेडिकल कॉलेज छात्रावास भवन के पास बृहस्पतिवार को उस समय अपने परिवार की चाय की दुकान के पास एक पेड़ के नीचे सो रहा था जब वहां हुए विमान हादसे ने उसे अपनी चपेट में ले लिया.
आकाश की रिश्तेदार चंदाबेन ने कहा, ”आकाश चाय की दुकान के पास एक पेड़ के नीचे सो रहा था, जो उस छात्रावास की इमारत से सटा हुआ है जिसमें विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ. उस समय उसकी मां सीताबेन चाय बना रही थी. पहले धातु का एक बड़ा टुकड़ा आकाश के सिर पर गिरा और फिर वह आग की लपटों की चपेट में आ गया.” चंदाबेन अन्य रिश्तेदारों के साथ सिविल अस्पताल के पोस्टमार्टम कक्ष के बाहर खड़ी थीं.
उन्होंने कहा, ”आकाश को बचाने के प्रयास के दौरान सीताबेन गंभीर रूप से झुलस गईं. वह अब अस्पताल में भर्ती हैं. आकाश का शव इतनी बुरी तरह झुलस गया कि उसे पहचानना भी मुश्किल है और उसके पिता ने डीएनए परीक्षण के लिए नमूने दिए हैं.” आणंद शहर के सुरेश मिस्त्री ने भी अपनी 21 वर्षीय बेटी कृना मिस्त्री के शव की पहचान की प्रक्रिया के तहत सिविल अस्पताल के शवगृह में अपना डीएनए नमूना दिया है.
सुरेश ने कहा, ”कृना को लंदन के लिए कार्य परमिट वीजा एक साल पहले मिला था. वह हाल में आणंद वापस आई थी और दुर्घटना का शिकार हो गई. अपने दांतों की सर्जरी के बाद वह लंदन वापस जा रही थी.” उन्होंने कहा, ”उसने हमें विमान से फोन करके बताया था कि सब कुछ ठीक है और हम आणंद वापस जा सकते हैं. जब हम घर पहुंचे, तो हमें विमान दुर्घटना के बारे में पता चला. मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि मेरी प्यारी कृना अब नहीं रही.”
एअर इंडिया विमान हादसे ने नव विवाहिता के सपनों को भी चकनाचूर किया
अहमदाबाद में बृहस्पतिवार को हुए विमान हादसे में कई लोगों के सपने चकनाचूर हो गए है और ऐसे ही लोगों में अंकिता पटेल भी थीं जो अपने पति के साथ नयी जिंदगी शुरू करने के सुहाने सपने के साथ ब्रिटेन के लिए रवाना हुईं थीं. अंकिता की पिछले साल दिसंबर में शादी हुई थी और वह करीब 12 दिन ही पति के साथ रही. परिवार ने बताया कि अंकिता पिछले छह महीनों से वीजा प्रक्रिया पूरी करने में व्यस्त थीं. उनके पति वसंत (30) ब्रिटेन में किराना स्टोर चलाते हैं.
गुजरात के मेहसाणा में रहने वाले परिवार ने बताया कि दंपति बहुत उत्साहित था. उन्होंने बताया कि अंकिता के माता-पिता, उसके भाई और वसंत की बहनें उसे विदा करने के लिए हवाई अड्डे आए थे. अंकिता का शव लेने के लिए बीजे मेडिकल कॉलेज में इंतजात कर रहीं ननद आशाबेन पटेल ने कहा, ” उसके विमान में सवार होने के बाद हम मेहसाणा के लिए रवाना हो गए थे. ” एक अन्य रिश्तेदार गायत्री पटेल ने कहा, ”हमने अभी आधी दूरी भी तय नहीं की थी कि हमें विमान के बारे में पता चला और हम वापस आए.”
चालक दल की सदस्य का पिता से किया गया वादा पूरा न हो सका
लंदन के लिए अपनी उड़ान में सवार होने से पहले, एअर इंडिया के चालक दल की सदस्य मैथिली पाटिल ने अपने पिता मोरेश्वर पाटिल से वादा किया था कि वहां पहुंचने पर वह उन्हें कॉल करेगी, लेकिन यही उसका आखिरी कॉल साबित हुआ. मैथिली(23) भी एअर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान (एआई-171) के चालक दल के 12 सदस्यों में शामिल थी. यह विमान बृहस्पतिवार दोपहर अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
न्हावा के पूर्व सरपंच जितेंद्र म्हात्रे ने पीटीआई-भाषा को बताया कि इस गांव की रहने वाली मैथिली दो साल पहले एअर इंडिया में शामिल हुई थी. वह सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम ओएनजीसी (तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम लिमिटेड) के एक श्रमिक ठेकेदार की बेटी थी.
म्हात्रे, जो उनके रिश्तेदार भी हैं, ने बताया कि मैथिली ने इस त्रासदी से कुछ मिनट पहले अपने पिता से फोन पर बात की थी और उन्हें आश्वासन दिया था कि लंदन पहुंचने पर वह कॉल करेगी. बताया जाता है कि विमान के दोनों पायलट सहित चालक दल के नौ सदस्य महाराष्ट्र से थे.
शादी के दो दिन बाद 26 वर्षीय युवक की मौत
भाविक माहेश्वरी (26) ने दो दिन पहले गुजरात के वडोदरा में साधारण ‘कोर्ट मैरिज’ की थी, क्योंकि उन्हें लंदन लौटना था, जहां वह नौकरी करते थे. भाविक के माता-पिता ने योजना बनाई थी कि जब उनका बेटा अगली बार भारत आएगा, तो वे उसकी शादी की खुशी में एक भव्य पार्टी देंगे. हालांकि, उनकी यह ख्वाहिश अब कभी पूरी नहीं हो पाएगी.
दरअसल, भाविक बृहस्पतिवार को अहमदाबाद से लंदन जा रहे एअर इंडिया के उस विमान में सवार 242 लोगों में शामिल थे, जो उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद हादसे का शिकार हो गया था. इस हादसे में विश्वास कुमार रमेश नाम के एक यात्री को छोड़कर बाकी सभी 241 लोगों की मौत हो गई.
भाविक के पिता अर्जुन माहेश्वरी ने यहां संवाददाताओं को बताया कि जब उनका बेटा दो हफ्ते पहले छुट्टियां मनाने के लिए वडोदरा आया, तब परिवार ने उसकी शादी कराने का फैसला किया. माहेश्वरी ने कहा, “भाविक के वडोदरा आने पर हमने उसकी शादी तय कर दी.” उन्होंने बताया कि दोनों की बृहस्पतिवार को दोपहर एक बजे के आसपास आखिरी बार बातचीत हुई थी. माहेश्वरी ने कहा, “उसने मुझे फोन करके बताया कि विमान उड़ान भरने के लिए तैयार है. उसने मुझसे कहा कि चिंता मत कीजिए. आधे घंटे के बाद, किसी को भी कुछ समझ नहीं आया कि क्या हुआ. वह पढ.ाई पूरी करके लंदन में नौकरी कर रहा था.” वडोदरा के वादी इलाके में रहने वाले माहेश्वरी परिवार के सदस्य भाविक की मौत की बात को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं.
सह-पायलट कुंदर अच्छे स्वभाव के व्यक्ति थे, उन्हें क्रिकेट खेलना पसंद था : दोस्तों ने कहा
एअर इंडिया के दुर्घटनाग्रस्त विमान के सह-पायलट क्लाइव कुंदर के मित्रों ने उन्हें एक अच्छे स्वभाव वाला एवं खेलों का शौकीन व्यक्ति बताया और कहा कि वे यह विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि उनकी मृत्यु हो गई है.
हादसे के एक दिन बाद, कुंदर के दोस्तों ने कहा कि टेलीविजन समाचार चैनलों पर दिखाए जा रहे दृश्य उन्हें परेशान कर रहे हैं.
विमान में दो पायलट और चालक दल के 10 सदस्य सहित 242 लोग सवार थे. हादसे में केवल एक यात्री जीवित बचा है.
क्लाइव और उनका परिवार बोरीवली और फिर गोरेगांव जाने से पहले सांताक्रूज के कलिना में जेरोम अपार्टमेंट में रहते थे. उनके एक मित्र ने यह जानकारी दी. जेरोम अपार्टमेंट में कुंदर परिवार के पड़ोसी फ्लॉयड डिसूजा ने बताया कि पायलट बनने के अपने सपने को सफलतापूर्वक पूरा करने से पहले क्लाइव ने एक साल तक एयरोनॉटिकल इंजीनियर के तौर पर काम किया था.
डिसूजा ने कहा, ”वह और उनके परिवार के सदस्य बहुत अच्छे स्वभाव के थे. जब क्लाइव पायलट बने तो वे बहुत खुश हुए. मेरे एक मित्र ने जब मुझे अहमदाबाद विमान दुर्घटना और क्लाइव के बारे में बताया तो मैं स्तब्ध रह गया.” क्लाइव के पिता क्लिफोर्ड के मित्र बोनाफेसियो मुर्जेलो ने बताया कि क्लाइव आवासीय परिसर में क्रिकेट खेला करते थे. उन्होंने कहा, ”हम उनके पिता को रैम्बो कहते थे क्योंकि उन्हें बॉडीबिल्डिंग का शौक था. परिवार को खेल बहुत पसंद है.” परिवार के एक अन्य मित्र ने बताया कि क्लाइव की बहन, जो ऑस्ट्रेलिया में काम करती हैं, जल्द ही अन्य रिश्तेदारों के साथ अहमदाबाद पहुंचने वाली हैं.
चालक दल की सदस्य नगनथोई का परिवार डीएनए जांच के लिए अहमदाबाद रवाना हुआ
अहमदाबाद में एक दिन पहले दुर्घटनाग्रस्त हुए एअर इंडिया के विमान के चालक दल के 12 सदस्यों में शामिल कोंगब्राइलाटपम नगनथोई शर्मा की बहन और एक चचेरी बहन डीएनए परीक्षण के लिए अहमदाबाद रवाना हो गई हैं. परिवार के सदस्यों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.
चचेरी बहन एन खेंजिता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “गुजरात के एक डॉक्टर ने हमें फोन किया और बताया कि नगनथोई का नाम घायलों की सूची में नहीं है. उन्होंने हमें डीएनए परीक्षण के लिए अहमदाबाद पहुंचने को कहा, ताकि उसके शव की पहचान हो सके.”
नगनथोई की बड़ी बहन के. गीतांजलि ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “अगर आज मैं अहमदाबाद जाकर नगनथोई से मिल पाती, तो मुझे बहुत खुशी होती. मैंने जो ड्रेस अभी पहनी है, वह उसी ने खरीदी थी.” नगनथोई के पिता नंदेशकुमार शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “कल खबर मिलने के बाद से उसकी मां ने कुछ नहीं खाया है. वह फिलहाल चिकित्सकीय निगरानी में है. हमारी बेटी आखिरी बार मार्च में हमारे पास आई थी. वह पिछले तीन साल से चालक दल की सदस्य थी.” नगनथोई की एक और चचेरी बहन ने बताया कि उड़ान भरने से पहले उसका आखिरी संदेश था, “मैं लंदन जा रही हूं. कुछ ही मिनट में हम रवाना होंगे. हम कुछ देर तक बात नहीं कर पाएंगे.”
बेटे-बेटी से मिलने की आस अधूरी रह गयी: विमान हादसे में दंपति की मौत
अहमदाबाद निवासी पिनाकिन शाह और उनकी पत्नी रूपाबेन ब्रिटेन जाने के लिए बहुत उत्साहित थे, क्योंकि उनके 30 वर्षीय बेटे रुशाब ने हाल ही में स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में एक घर खरीदा था और गृह प्रवेश समारोह का आयोजन किया था. उनके लिए, उनकी ब्रिटेन यात्रा एक अन्य कारण से भी विशेष थी, क्योंकि लंबे समय के बाद यह दंपति अपनी बेटी और दो नातिनों से भी मिलने जा रहा था. शाह दंपति की अपनों से मिलने की खुशियां और सारे सपने बृहस्पतिवार के विमान हादसे के साथ ही स्वाहा हो गये.
पिनाकिन शाह (62) अहमदाबाद में एक कंपनी में प्रबंधक थे, जबकि 58 वर्षीय रूपाबेन गृहिणी थीं. पिनाकिन शाह के भतीजे उत्सव शाह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “परिवार के सदस्य बृहस्पतिवार सुबह उनसे (पिनाकिन से) मिलने गए थे. उन्होंने उन्हें (लंदन की उनकी विमान यात्रा के लिए) शुभकामनाएं दीं. चूंकि उनमें से ज्यादातर बुजुर्ग हैं, इसलिए वे उनसे मिले, लेकिन उन्हें हवाईअड्डे पर नहीं छोड़ा.” उत्सव ने कहा, “रुशाब ने एक नया घर खरीदा था (ग्लासगो में). परिवार बहुत उत्साहित था क्योंकि कुवैत में रहने वाली उसकी बहन जानकी और दो बच्चे भी ब्रिटेन में रहने वाले थे. क्योंकि रुशाब और जानकी दो अलग-अलग देशों में रहते हैं, इसलिए पूरे परिवार का एक जगह मिलना मुश्किल से ही हो पाता था.” उन्होंने बताया कि विमान हादसे के बाद जानकी बृहस्पतिवार रात को भारत आई और शवों की पहचान के लिए अपने डीएनए नमूने दिए, जबकि रुशाब शुक्रवार को तड़के पहुंचा. उत्सव ने कहा, “रुशाब सदमे में है और सदमे के कारण वह बेसुध है.”
विमान हादसे में जान गंवाने वाली नर्स को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट के मामले में केरल का अधिकारी निलंबित
केरल में एक सरकारी कर्मचारी को फेसबुक पर केरल की एक नर्स के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए निलंबित कर दिया गया है, जिसकी बृहस्पतिवार को अहमदाबाद विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी. कासरगोड जिले के वेल्लारीकुंडु तालुक कार्यालय में जूनियर अधीक्षक ए पवित्रन को शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया. उन्होंने पतनमथिट्टा की नर्स रंजीता का मजाक उड़ाया था, जो दुर्घटना में मारे गए लोगों में शामिल थीं.
फेसबुक पोस्ट में, राज्य के राजस्व मंत्री के राजन ने पवित्रन की टिप्पणी को ‘अपमानजनक’ बताया और कहा कि पोस्ट उनके ध्यान में आने के तुरंत बाद निलंबन आदेश जारी कर दिया गया. दो बच्चों की मां रंजीता ब्रिटेन में नर्स के रूप में काम कर रही थीं. वह विदेश में कुछ समय बिताने के बाद फिर से सरकारी सेवा में शामिल होने की योजना के साथ अपनी नौकरी से संबंधित औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए चार दिवसीय यात्रा पर केरल आई थीं. इस बीच, राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज पतनमथिट्टा जिले के पुल्लाड में रंजीता के घर पहुंचीं और उनके दो रोते हुए बच्चों और शोकाकुल परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी.
दस मिनट की देरी से एअर इंडिया की उड़ान में चढ़ने से रह गईं भूमि भगवान का शुक्रिया अदा कर रहीं
भारत आई ब्रिटेन की रहने वाली भूमि चौहान, अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुई एअर इंडिया की उड़ान छूटने पर भगवान और अपने भाग्य का शुक्रिया अदा कर रही हैं जो भारी ट्रैफिक में फंसने की वजह से हवाई अड्डे पर देरी से पहुंची थीं. भूमि ने कहा कि वह लंदन जाने वाली उड़ान संख्या एआई 171 में सवार होने से सिर्फ 10 मिनट से चूक गईं. एअर इंडिया का विमान बृहस्पतिवार दोपहर सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया. वह दो साल पहले ब्रिटेन में बसने के बाद पहली बार अहमदाबाद आई थीं.
भूमि ने रिपब्लिक टीवी से कहा, ”जब से मुझे दुर्घटना के बारे में पता चला है, मैं कांप रही हूं. मैं दोपहर 1.30 बजे हवाई अड्डे से निकली, क्योंकि यातायात के कारण मेरी फ्लाइट छूट गई थी. मैं भगवान का शुक्रिया अदा करती हूं.” उन्होंने कहा कि वह छुट्टियों के लिए भारत आई थीं और बृहस्पतिवार की उड़ान से लंदन वापस जाने वाली थीं, जिसने दोपहर 1.39 बजे उड़ान भरी और अहमदाबाद हवाई अड्डे के पास एक मेडिकल कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गई. भूमि ने कहा, ”उड़ान समय पर थी और मैं इससे चूक गई…. मैं भगवान का शुक्रिया अदा करती हूं. विमान में सवार सभी लोगों के लिए मेरी प्रार्थनाएं.”
विमान दुर्घटना में ‘फ्लाइट अटेंडेंट’ की मौत, शादी की तैयारियों का उत्साह मातम में बदला
‘फ्लाइट अटेंडेंट’ रोशनी सोंघारे के जीवन में आगामी दिनों में एक नया अध्याय जुड़ने वाला था, क्योंकि वह अगले साल मर्चेंट नेवी में एक अधिकारी के साथ शादी के बंधन में बंधने वाली थीं और उनके परिवार के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक इसकी तैयारियां शुरू कर दी थीं.
लेकिन बृहस्पतिवार दोपहर को अहमदाबाद से लंदन जा रहे वाले एअर इंडिया के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर आने के बाद सारी खुशी मातम में बदल गई. छब्बीस वर्षीय रोशनी उस विमान में सवार चालक दल के सदस्यों में से एक थीं.
इस घटना ने महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली कस्बे के राजाजी पथ पर रहने वाले सोंघारे परिवार को तोड़कर रख दिया है. रोशनी अपनी ड्यूटी के लिए तीन दिन पहले घर से निकली थीं, लेकिन विमान दुर्घटना के चलते सब खत्म हो गया और उनके परिवार के सदस्यों – 50 वर्षीय पिता राजेंद्र, मां शोभा और छोटे भाई विग्नेश को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया.
एक करीबी रिश्तेदार ने कंपकंपाती आवाज में पत्रकारों को बताया, “वह इस घर की धड़कन थी. हम नवंबर में उसकी सगाई और मार्च में शादी करने वाले थे.” उन्होंने कहा, “उसके साथ बहुत बुरा हुआ.” मूल रूप से रत्नागिरि जिले के मंदनगढ़ में रहने वाला सोंघारे परिवार काम के सिलसिले में मुंबई आया था और दो साल पहले डोंबिवली में रहने लगा था. रोशनी के परिवार के सदस्यों ने बताया कि वह एक होनहार और दृढ़ निश्चयी लड़की थी, उसके पिता ने अपने दोनों बच्चों को शिक्षित करने के लिए अथक परिश्रम किया, और रोशनी ने ‘फ्लाइट अटेंडेंट’ का कोर्स किया.



