धमकियां मिल रही हैं: विक्रांत मैसी ने फिल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट’ पर कहा

मुंबई. अभिनेता विक्रांत मैसी का कहना है कि उन्हें सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकियां मिली हैं, लेकिन वह चिंतित नहीं हैं क्योंकि 2002 में गोधरा ट्रेन अग्निकांड के बाद की घटनाओं पर आधारित उनकी आगामी फिल्म ”द साबरमती रिपोर्ट” पूरी तरह तथ्यों पर आधारित है.

मैसी आगामी फिल्म में एक स्थानीय पत्रकार की भूमिका में नजर आएंगे. इसके निर्माताओं का दावा है कि यह फिल्म ”सच्ची घटनाओं से प्रेरित है.” यह एकता आर कपूर द्वारा निर्मित और धीरज सरना द्वारा निर्देशित है. फिल्म में रिद्धि डोगरा और राशि खन्ना भी हैं.
मैसी ने फिल्म के ट्रेलर जारी होने के मौके पर संवाददाताओं से कहा, ”मुझे धमकियां मिल रही हैं. इस पर ध्यान दिए बिना, मैं कह सकता हूं कि यह ऐसी चीज है जिससे मैं निपट रहा हूं और हम एक टीम के तौर पर सामूहिक रूप से निपट रहे हैं.”

घटना के बाद हुए गुजरात दंगों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ”लेकिन हम कलाकार हैं और हम कहानियां बताते हैं. यह फिल्म पूरी तरह से तथ्यों पर आधारित है. दुर्भाग्य से, आपने फिल्म नहीं देखी है, इसलिए आपको यह पूर्वधारणा नहीं बनानी चाहिए कि यह केवल एक पहलू के बारे में बात कर रही है.” जब मैसी से पूछा गया कि उन्होंने इस फिल्म में काम करने का फैसला क्यों किया, जबकि कहानी के कई पहलू हैं, तो कपूर ने कहा कि वह अभिनेता की ओर से इस सवाल का जवाब देंगी.

उन्होंने कहा, ”यह सिफ.र् एक पहलू नहीं है, बल्कि पहला पहलू है. इसलिए, हम दूसरे पहलुओं को कमतर आंके बिना इस पहले पहलू की उत्पत्ति के बारे में बता रहे हैं. दुर्भाग्य से, यह पहलू, यह सब कैसे शुरू हुआ, इस बारे में पर्याप्त रूप से रिपोर्ट नहीं किया गया है.” उन्होंने यह भी कहा कि एक कहानी बताने का मतलब यह नहीं है कि कोई दूसरी कहानी को कमतर आंक रहा है.

जब उनसे पूछा गया कि क्या यह फिल्म सांप्रदायिक तनाव को भड़का सकती है, तो कपूर ने फिल्म को ”सामाजिक समीक्षा” बताया. उन्होंने कहा कि वह एक हिंदू हैं, लेकिन ”एक हिंदू होना, मतलब कि आप धर्मनिरपेक्ष हैं.” उन्होंने कहा, ”मैं कभी किसी धर्म के बारे में टिप्पणी नहीं करूंगी क्योंकि मैं हिंदू हूं. और मैं आपको यह बताना चाहती हूं कि मुझे सभी धर्मों से प्यार है. आपको फिल्म देखनी चाहिए. लेकिन साथ ही, मैं दोषियों के नाम भी लूंगी, बिना किसी धर्म का नाम लिए या उसे नुकसान पहुंचाए. यही कहानीकार की खूबसूरती है.”

कपूर ने उस घटना पर फिल्म बनाने में किसी भी राजनीतिक प्रभाव से इनकार किया, जिसमें गोधरा ट्रेन स्टेशन के पास साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 कोच अग्निकांड में 59 लोगों की मौत हो गई थी. उस घटना के बाद गुजरात में सांप्रदायिक दंगे भड़क गए थे, जिसमें 1,000 से अधिक लोगों की जान चली गई थे तथा जान गंवाने वालों में से अधिकतर मुस्लिम थे.

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