पेरिस. सन् 1960 के दशक में अपनी पहली फिल्म ‘ब्रेथलेस’ से लोकप्रिय सिनेजगत में क्रांतिक्रारी बदलाव लाने मशहूर फ्रांसिसी निर्देशक जीन ल्यूक गोडार्ड का निधन हो गया. वह 91 साल के थे. कई मीडिया संगठनों ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें मंगलवार को गोडार्ड के रिश्तेदारों से उनके निधन की खबर मिली. सन् 1950 के दशक में फिल्म समीक्षक के तौर पर अपने करियर की शुरुआत करने वाले गोडार्ड ने लीक से हटकर सिने जगत में एक युग की शुरूआत की . उन्होंने कैमरा, ध्वनि एवं कथात्मकता के नए नियम गढ़े.
उनकी फिल्मों से जीन पॉल बेलमोंडों स्टार बने . उनकी विवादास्पद फिल्म ‘हेली मैरी’ तब सुर्खियों में आ गयी जब पोप जॉन पॉल द्वितीय ने 1985 में उसकी ंिनदा की. गोडार्ड ने कई ऐसी फिल्में बनायीं जो राजनीतिक रूप से संवेदनशील एवं प्रायोगिक थीं . उन फिल्मों से उनके प्रशंसकों के एक छोटे समूह से बाहर बहुत कम लोग ही खुश होते थे. कई समीक्षकों को उनकी अति बौद्धिकता रास नहीं आयी.
कांस फिल्मोत्सव के निदेशक थी फ्रीमॉक्स ने मंगलवार को एपी से कहा कि गोडार्ड के निधन की खबर सुनकर वह ‘बहुत, बहुत उदास’ हैं. उनकी फिल्में ‘‘माई लाईफ टू लिव’’, ‘‘अल्फाविले’’, ‘क्रेजी पीट’’ ‘द लिटल सोल्जर’’ आदि है. बाद में उनकी वामपंथी राजनीतिक दृष्टिकोण से समझौता नहीं करने वाले शख्स के रूप में पहचान बनी.