रेवंत रेड्डी का प्रदर्शन पिछड़े वर्गों के लिए नहीं बल्कि मुस्लिम आरक्षण के लिए है: कुमार

नयी दिल्ली/हैदराबाद. केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई के नेता बंडी संजय कुमार ने बुधवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार पिछड़े वर्गों के नाम पर सभी मुसलमानों को आरक्षण देने की अपनी मंशा को लेकर आगे बढ़ी है. उन्होंने इसी के साथ संबंधित दो विधेयकों को राष्ट्रपति की मंजूरी की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन करने के लिए मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी की आलोचना की.

रेड्डी ने राज्य विधानमंडल द्वारा मार्च में पारित पिछड़ा वर्ग (बीसी) आरक्षण विधेयक पर राष्ट्रपति की मंजूरी की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)नीत सरकार विधेयकों को रोक रही है क्योंकि वह ”ओबीसी विरोधी” है.

संजय कुमार ने मुख्यमंत्री के आरोपों पर पलटवार करते हुए दावा किया कि कांग्रेस का प्रदर्शन पिछड़े वर्गों के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ मुसलमानों के लिए ”पूर्ण आरक्षण” की मांग को लेकर था. उन्होंने धर्म-आधारित आरक्षण को एक ”जहरीला पेड़” बताते हुए कहा कि ”अगर इसे तेलंगाना में जड़ से नहीं उखाड़ा गया तो यह पूरे देश में फैल जाएगा.” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने ही ‘पिछड़ा वर्ग घोषणापत्र’ से विश्वासघात किया है और अब वोट बैंक की राजनीति के लिए ”मुस्लिम घोषणापत्र” लागू कर रही है, जो पिछड़े वर्गों के खिलाफ है. पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष कुमार ने कहा कि प्रदर्शन में तेलंगाना का पिछड़ा वर्ग कांग्रेस का समर्थन नहीं कर रहा है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में पिछड़े वर्गों को 42 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा किया था, लेकिन अब वह मुसलमानों के लिए अलग से 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव कर रही है और इस प्रकार ”पिछड़े वर्गों को वास्तव में केवल 32 प्रतिशत ही आरक्षण मिलेगा.” संजय कुमार ने कहा कि मोदी सरकार पहले ही अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू कर चुकी है. उन्होंने कहा कि भाजपा का रुख स्पष्ट है कि धर्म आधारित आरक्षण संविधान के खिलाफ है. केंद्रीय मंत्री ने 42 प्रतिशत आरक्षण केवल पिछड़ी जातियों को देने की मांग की.

उन्होंने चेतावनी दी, ”अन्यथा, हम किसी भी कीमत पर इन विधेयकों को रोकेंगे. अगर तेलंगाना में इस जहरीले पेड़ को नहीं उखाड़ा गया, तो यह पूरे देश में फैल जाएगा. मुस्लिम आरक्षण को तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए, वरना कांग्रेस को जनता की कड़ी नाराजगी का सामना करना पड़ेगा.” संजय कुमार ने कांग्रेस पर पिछड़ी जातियों के लिए घड़ियाली आंसू बहाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अविभाजित आंध्र प्रदेश में अपने लंबे शासन के दौरान सबसे पुरानी पार्टी ने कभी इस समुदाय से मुख्यमंत्री नहीं बनाया.

तेलंगाना विधानसभा ने मार्च में शिक्षा, रोजगार और स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण बढ़ाकर 42 प्रतिशत करने संबंधी दो विधेयक पारित किए थे. इन विधेयकों को मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा गया था जिन्होंने इन्हें राष्ट्रपति को भेज दिया है. रेड्डी ने संवाददाताओं से कहा कि जातिगत गणना को राज्य मंत्रिमंडल, विधानसभा और लोगों द्वारा विधिवत मंजूरी दी गई थी. उन्होंने सवाल किया कि केंद्र एक निर्वाचित राज्य सरकार के फैसले को कैसे कमजोर कर सकता है.

कांग्रेस नेता ने कहा, ”हम ओबीसी समर्थक हैं. राहुल गांधी ओबीसी समर्थक हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ओबीसी विरोधी हैं. हम देखेंगे कि यह आरक्षण कैसे दिया जाए. अगर वह इस बार नहीं देंगे, तो हम उन्हें आने वाले चुनाव में हरा देंगे. प्रधानमंत्री को जातिगत गणना की जरा भी परवाह नहीं है. उनकी मंशा ओबीसी के खिलाफ है.”

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