कोलकाता. आंदोलनकारी कनिष्ठ चिकित्सकों ने मंगलवार को यहां केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के साल्ट लेक कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और एजेंसी पर आरजी कर मामले की जांच में अनावश्यक देरी और अपराधियों को बचाने के लिए कोलकाता पुलिस के साथ मिलीभगत करने का आरोप लगाया.
यहां स्थित आरजी कर अस्पताल में एक महिला चिकित्सक से कथित बलात्कार और हत्या के मामले को लेकर चिकित्सक न्याय की मांग कर रहे हैं. पीड़िता का शव अस्पताल में नौ दिसंबर को पाया गया था. कनिष्ठ चिकित्सकों (जूनियर डॉक्टर) ने विरोध प्रदर्शन के तहत प्रतीकात्मक रूप से सीजीओ परिसर में सीबीआई कार्यालय के गेट पर ताला लगा दिया और एजेंसी की जांच में तेजी लाने की मांग की. जब सुरक्षार्किमयों ने गेट से प्रतीकात्मक ताला हटा दिया, तो टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई और मौके पर तैनात पुलिसर्किमयों और चिकित्सकों में झड़प हो गई.
प्रदर्शनकारी चिकित्सकों में से एक ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा, ”सीबीआई जिस तरह से जांच कर रही है, उससे हम उम्मीद खो रहे हैं. अगर ऐसा ही चलता रहा, तो बेहतर होगा कि वे कोलकाता में अपना कार्यालय बंद कर दें.” एक अन्य चिकित्सक ने कहा, ”इतने दिनों के बाद भी हमारी बहन अभया को न्याय नहीं मिला है. अपराधियों को बचाने के लिए सीबीआई के जासूस कोलकाता पुलिस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. हमें सीबीआई नहीं चाहिए.”