
पटना. बिहार विधानसभा चुनाव में 143 सीट पर चुनाव लड़कर केवल 25 सीट जीतने वाली राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने सोमवार को दावा किया कि चुनाव नतीजे जनता की वास्तविक इच्छा का प्रतिबिंब नहीं हैं और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में “गड़बड़ी” का आरोप लगाते हुए अदालत का रुख करने का संकेत दिया.
राजद के नेतृत्व वाला पूरा विपक्ष इस बार भारी पराजय का सामना कर रहा है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेतृत्व वाले राजग ने 243 सदस्यीय विधानसभा में 202 सीट जीतकर सत्ता में वापसी की है. राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह ने कहा, “बिहार चुनाव का जनादेश जमीन की वास्तविकता से मेल नहीं खाता. जनता में सरकार के प्रति नाराजगी के बावजूद ऐसा परिणाम आया है. लोग और नेता दोनों इसे पचा नहीं पा रहे हैं.” उन्होंने बताया कि सभी राजद प्रत्याशी समीक्षा बैठक में मौजूद थे, जहां एक उम्मीदवार ने अदालत का रुख करने का सुझाव दिया.
राजद के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने आरोप लगाया, “हर ईवीएम में मतदान शुरू होने से पहले ही 25,000 वोट थेङ्घ इसके बावजूद हम केवल 25 सीट जीत पाए. इससे समझिए कि देश किस दिशा में जा रहा है. क्या लोकतंत्र कोई सौदा है? लोकतंत्र संविधान की संस्थागत व्यवस्था है, और ये (राजग) संविधान से खिलवाड़ कर रहे हैं.” मनेर सीट से जीतने वाले विधायक भाई वीरेंद्र ने भी ईवीएम में अनियमितताओं का आरोप लगाया और कहा, “हम बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग करेंगे.” परबत्ता सीट से हारे संजीव कुमार ने कहा, “यह नतीजा अप्रत्याशित था. ऐसा नहीं होना चाहिए था. हम अनियमितताओं के सबूत इकट्ठा कर अदालत जाने की तैयारी कर रहे हैं.” उन्होंने बताया कि नवनिर्वाचित विधायकों को बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और समाज से जुड़ाव बढ.ाने के निर्देश दिए गए हैं.
उन्होंने कहा, “इस चुनाव में करीब 1.8 करोड़ वोट ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) गठबंधन को मिले हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.” इधर, राजद कार्यकर्ताओं ने तेजस्वी यादव के करीबी माने जाने वाले पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय यादव के खिलाफ नारेबाजी की. बैठक में यादव, उनके पिता एवं राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे.
चुनावी हार के साथ-साथ पार्टी को संस्थापक लालू प्रसाद के परिवार में बढ.ती कलह से भी दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.
लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने रविवार को आरोप लगाया कि “गंदा किडनी” दान करने के एवज में उन्हें रुपये और टिकट का लालच दिए जाने की बात कहकर अपमानित किया गया.
सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि उन्हें “अनाथ बना दिया गया”, और विवाहित महिलाओं को सलाह दी कि “अगर पिता का बेटा हो, तो पिता को बचाने की गलती न करें.” रोहिणी ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट कर कहा था कि वह राजनीति और परिवार से नाता तोड़ रही हैं. उन्होंने राजद की चुनावी हार का जिम्मेदार अपने भाई तेजस्वी यादव के करीबी सहयोगियों हरियाणा से ताल्लुक रखने वाले राजद सांसद संजय यादव और उत्तर प्रदेश के एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले रमीज, को जिम्मेदार ठहराया था.



