विधानसभा अध्यक्ष चौधरी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का राजद डटकर मुकाबला करेगा : मनोज झा

पटना. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने रविवार को स्पष्ट कर दिया कि बिहार विधानसभा में स्पीकर अवध बिहारी चौधरी के खिलाफ एक दिन बाद अविश्वास प्रस्ताव लाये जाने के दौरान राजद सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार का डटकर मुकाबला करेगा. राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने विधायकों से अपील की है कि वे विश्वास मत के दौरान अपनी अंतरात्मा की आवाज के अनुरूप मतदान करें. राजद ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पाला बदलने से उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में असंतोष पैदा हो गया है.

झा ने कहा, ”कल, विधायकों को दो गांधी में से एक को चुनना होगा. एक तो नोटों पर अंकित सिर्फ एक छवि है. जबकि, दूसरे सत्य के जीवंत प्रतीक हैं, जिन्होंने एक हत्यारे की गोलियां लगने के बाद भगवान राम का नाम लिया था.” राजद नेता ने कुछ पन्नों को लहराते हुए दावा किया कि ये किसी विधानसभा अध्यक्ष को हटाने के विषय पर उच्चतम न्यायालय के पहले के आदेश हैं. उन्होंने कहा,”इन फैसलों के अनुसार, 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव को कम से कम 122 विधायकों का समर्थन मिलना चाहिए. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि कल मतदान संवैधानिक मानदंडों के तहत हो. हम राजग को शुभकामनाएं देते हैं.”

राजग में जदयू, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) और एक निर्दलीय विधायक शामिल हैं, जिनकी कुल संख्या 128 है. वहीं, विपक्षी ‘महागठबंधन’ के 114 विधायक हैं, जिनमें राजद, कांग्रेस और तीन वाम दलों के विधायक शामिल हैं.

झा का यह बयान उन अटकलों के बीच आया है जिसमें कहा गया था कि इस्तीफा देने से इनकार कर रहे चौधरी असहज स्थिति से बचने के लिए सोमवार को स्पीकर का पद छोड़ सकते हैं. विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी विधायी कार्यसूची के मुताबिक, बजट सत्र के पहले दिन द्विसदनीय विधानमंडल के सदस्यों को परंपरा के अनुसार राज्यपाल द्वारा संबोधित किए जाने के तुरंत बाद विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जाएगा.

झा ने उन दावों को भी खारिज कर दिया कि राजद के विधायकों को पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के आवास पर ‘एक तरह से नजरबंद’ रखा गया है क्योंकि पार्टी को डर है कि उनमें से कुछ राजग का रुख कर सकते हैं. उन्होंने कहा, ”आप मुझे यहां तेजस्वी यादव के आवास के बाहर, मेरे गठबंधन साझेदारों के साथ देख सकते हैं. सभी विधायक यहां स्वेच्छा से आये हैं. हम उन लोगों में से नहीं हैं जो इसे प्रशिक्षण कार्यशाला कहकर हंगामा करते हैं. हम उन लोगों से भी भिन्न हैं जो दोपहर के भोजन का आयोजन करते हैं और पाते हैं कि बहुत से लोग नहीं आ रहे हैं.” झा का इशारा बोधगया में भाजपा विधायकों के लिए आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला और शुक्रवार को जदयू के मुख्य सचेतक श्रवण कुमार द्वारा आयोजित दोपहर के भोजन के दौरान पार्टी के कम से पांच विधायकों के अनुपस्थित रहने की ओर था.

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