
संभल/नयी दिल्ली. उत्तर प्रदेश के संभल जिले में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) के क्षेत्रीय सांसद जियाउर्रहमान बर्क और संभल सदर सीट से सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में अब तक कुल सात मुकदमे दर्ज करके 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने यह जानकारी दी.
संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया के साथ संयुक्त पत्रकार वार्ता में बताया कि हिंसा में घायल हुए दारोगा दीपक राठी ने 800 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है जिनमें बर्क और इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल को नामजद किया गया है.
उन्होंने बताया,”मुकदमे में इनपर आरोप लगाया गया है कि इन लोगों ने भीड़ को भड़काकर बलवे का रूप दिया.” पुलिस अधीक्षक ने बताया,”बर्क को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 168 के तहत कोतवाली थाना पुलिस द्वारा पहले नोटिस दिया गया था. उन्होंने पहले भी भड़काऊ भाषण दिए थे. उनसे कहा गया था कि आप इस तरह के भाषण न दें लेकिन उन्होंने उसके बाद भी भीड़ को उकसाने के लिए और ‘जामा मस्जिद की हिफाजत’ बयान के साथ लोगों को उकसाने करने का प्रयास किया. इसी का नतीजा था कि कल एकाएक आठ बजकर 45 मिनट पर लोग इकट्ठा हुए और उन्होंने इस तरह की घटना को अंजाम दिया.”
इस सवाल पर कि बर्क रविवार को हिंसा के वक्त तो बेंगलुरु में थे, ऐसे में क्या हिंसा में उनका नाम आया है या पूर्व में दिए गए बयान पर उनके खिलाफ मुकदमा हुआ है, विश्नोई ने कहा, ”किसी व्यक्ति का किसी भी जगह पर होने से कोई उद्देश्य नहीं होता. उनके द्वारा दिए गए पहले के जो बयान थे, उसी आधार पर बीएनएसएस की धारा 168 का नोटिस तामील कराया गया. उनके पिता ममलूकुर रहमान बर्क को 10 लाख रुपए के मचलके से पाबंद भी कराया गया था. इस तरीके के लोगों के द्वारा बार-बार समय-समय पर बयानबाजी की जा रही थी और लोगों को भड़काया जा रहा था.” विश्नोई ने बताया कि पुलिस ने संभल हिंसा मामले में अब तक कुल सात मुकदमे दर्ज किये हैं जिनमें छह नामजद और 2750 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है.
उन्होंने बताया कि अब तक कुल 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है तथा पांच मुकदमे कोतवाली थाने में और दो नखासा थाने में दर्ज कराये गये हैं. उनका कहना था कि ये मुकदमे दारोगा शाह फैसल, उपनिरीक्षक दीपक राठी, उपजिलाधिकारी रमेश बाबू, पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार, पुलिस अधीक्षक के जनसम्पर्क अधिकारी और संजीव कुमार नामक एक व्यक्ति ने दर्ज कराये हैं.
विश्नोई ने बताया कि वारदात की सीसीटीवी तथा अन्य वीडियो फुटेज का अध्ययन कर दंगाइयों की पहचान की जा रही है तथा दंगाइयों के बारे में सूचना देने वालों को इनाम दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि फिलहाल 22 लोग कोतवाली थानाक्षेत्र से और तीन नखासा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किये गये हैं तथा नखासा थानाक्षेत्र के गिरफ्तार किये गये तीन लोगों को विधिक कार्रवाई के तहत जेल भेजा जा रहा है.
उन्होंने कहा कि ड्रोन कैमरे से मिली फुटेज का अध्ययन कर लिया गया है तथा उनमें दिख रहे लोगों की तस्वीरें बनवाई जा रही है. उनके अनुसार बलवाइयों की पहचान के लिये इन तस्वीरों को प्रसारित किया जाएगा. हिंसा में मारे गये युवकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट संबंधी सवाल पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह विवेचना का सवाल है, अभी वह इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं करेंगे. हालांकि मुरादाबाद के मंडल आयुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने मुरादाबाद में संवाददाताओं से कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रथम दृष्ट्या देशी बंदूक से चलायी गयी गोली लगने की बात सामने आयी है.
उन्होंने कहा कि पथराव करके जामा मस्जिद को क्षति पहुंचाने वालों को भी चिह्नित किया जाएगा. उनका कहना था कि मुंह पर कपड़ा लपेटकर आने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी तथा अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी. पत्रकार वार्ता में जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने कहा, ”संभल में रविवार दोपहर बाद से शांति व्याप्त है. जनजीवन सामान्य है. साप्ताहिक बंदी के बावजूद आज लोगों ने अपनी दुकानें खोलीं. स्थिति पूरी तरह सामान्य है. रात को गश्त की गयी. किसी तरह की कोई समस्या नहीं है.” उन्होंने कहा कि 19 नवंबर को सर्वे शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुआ था एवं जुमे की नमाज भी शांतिपूर्ण ढंग से हुई थी. उन्होंने कहा कि कल जब यह ऐलान हुआ कि सर्वे हो गया है तो उसके बाद अचानक पथराव शुरू हुआ.
पेंसिया ने कहा, ”हमें लगता है कि रातोंरात योजना बनायी गयी. जांच से इसका खुलासा हो सकेगा. भीड़ ने अपने ही लोगों पर पथराव किया और गोलियां चलायीं. इससे लगता है कि उनमें आपस में भी कुछ रहा हो.” संभल की जामा मस्जिद में अदालत के आदेश पर रविवार को किये जा रहे सर्वेक्षण का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए थे. इस दौरान तीन व्यक्तियों की मौत हो गई थी. इस हिंसा, गोलीबारी और पथराव में उप जिलाधिकारी रमेश चंद्र समेत कुल 20 लोग जख्मी हुए . हिंसा के बाद व्याप्त तनाव को देखते हुए संभल तहसील में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं तथा 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूल सोमवार को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं.
एक स्थानीय अदालत के आदेश पर गत मंगलवार को जामा मस्जिद का सर्वेक्षण किया गया था जिसके बाद से संभल में पिछले कुछ दिनों से तनाव व्याप्त था. रविवार को सर्वेक्षण करने वाली टीम दोबारा मस्जिद का सर्वे करने गई थी. अदालत में एक याचिका दाखिल करके दावा किया गया है कि जिस जगह पर जामा मस्जिद है, वहां पहले हरिहर मंदिर था.
इस बीच, हिंसा के बाद संभल कस्बे में स्थिति सामान्य है. आज साप्ताहिक बंदी होने के बावजूद कुछ दुकानें खोली गयीं और यातायात सामान्य रहा. सिर्फ जामा मस्जिद के इलाके में दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा. एक दुकानदार ने बताया कि रोजमर्रा का सामान खरीदने वालों की तादाद बढ़ी है. हालांकि जहां पर घटना हुई वहां कई मकानों पर ताले लगे हैं, कोई भी व्यक्ति मीडिया से बात नहीं कर रहा है. इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है. लगभग हर चौराहे पर पुलिस के जवान मौजूद हैं.
‘चुनावी लूट’ पकड़ी न जाए, इसलिए कराई गई संभल की घटना: अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार उत्तर प्रदेश के संभल में हिंसा के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया और दावा किया कि हालिया विधानसभा उपचुनावों में हुई ‘धांधली और लूट’ को छिपाने के लिए यह घटना कराई गई है. उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कटाक्ष करते हुए यह भी कहा कि कुछ लोगों का कहना है कि उन्हें (मुख्यमंत्री) ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म देखने के बाद लगा कि बड़ा नेता बनना है. यह फिल्म गुजरात में गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस में आग लगाए जाने की घटना पर आधारित है.
यादव का कहना था कि जब स्थानीय सांसद जिया उर रहमान घटना के समय संभल में नहीं थे तो उनके खिलाफ मामला क्यों दर्ज किया गया? उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया, ”यह कराया गया दंगा है. सरकार ने कराया है. सरकार ने जो बेईमानी कराई है, वोट लूटा है, धांधली की गई, वो पकड़ी जाए, इसलिए संभल में घटना कराई गई है.” यादव के अनुसार, संभल की जामा मस्जिद का पहली बार सर्वेक्षण हुआ तो लोगों ने सहयोग किया और उस समय अधिकारियों ने कहा था कि सर्वे का पूरा हो चुका है.
उन्होंने सवाल किया कि दूसरी बार सर्वे का आदेश किसने दिया? उन्होंने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित किया जाना चाहिए और हत्या का मुकदमा चलाया जाना चाहिए. सपा अध्यक्ष ने दावा कि उत्तर प्रदेश में नौ विधानसभा सीट पर हुए हालिया उपचुनावों में वोट की लूट की गई तथा मुस्लिम समुदाय के लोगों को मतदान नहीं करने दिया गया. यादव ने कहा कि भाजपा के लोग पहले अन्याय करते हैं और यदि कोई अन्याय का विरोध करता है तो उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज करा दिए जाते हैं.
संभल हिंसा में मरने वालों की संख्या चार हुई; जिले में 30 नवंबर तक ‘बाहरी’ लोगों के प्रवेश पर रोक
उत्तर प्रदेश के संभल की जामा मस्जिद में रविवार को सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा में घायल एक और व्यक्ति की मौत हो गई जिससे हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ.कर चार हो गयी है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. मुरादाबाद परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक मुनिराज जी. ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि रविवार को हुई हिंसा में घायल होने के बाद मुरादाबाद में भर्ती कराये गये एक और व्यक्ति की मौत हो गयी है. उन्होंने बताया कि जल्द ही शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा.
उन्होंने बताया कि हिंसा में मारे गये तीन युवक नईम, बिलाल और नोमान का अंतिम संस्कार कर दिया गया है. पुलिस उपमहानिरीक्षक ने बताया कि घटना के वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
इस बीच, एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि तनावपूर्ण हालात के मद्देनजर जिला प्रशासन ने आगामी 30 नवंबर तक जिले में ”बाहरी” लोगों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है.
बयान में कहा गया कि अब किसी भी बाहरी व्यक्ति, सामाजिक संगठन या जनप्रतिनिधि को जिले में दाखिल होने के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी. जिलाधिकारी राजेंद्र पेसीया ने रविवार देर रात जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि जिले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 163 के अंतर्गत 30 नवंबर तक निषेधाज्ञा लागू की गई है. स्थानीय अदालत में एक याचिका दायर कर दावा किया गया है कि चंदौसी के कोट मोहल्ले में जहां जामा मस्जिद है, वहां पहले हरिहर मंदिर था.
उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता एवं मामले में याचिकाकर्ता विष्णु शंकर जैन ने बताया कि दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिविजन) की अदालत ने जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के लिये ‘एडवोकेट कमीशन’ गठित करने के निर्देश दिये थे, जिन्होंने 24 नवंबर को सर्वे की शेष कार्यवाही की. इसके बाद मुस्लिम समुदाय ने भारी विरोध प्रदर्शन करते हुए पथराव और आगजनी की. घटना के बाद संभल जिले का माहौल अति संवेदनशील हो गया है.
जिलाधिकारी ने कहा, ”इसे देखते हुए एक अक्टूबर से लागू निषेधाज्ञा के र्विणत उपबंधों के अतिरिक्त उपबंधों को शामिल किया जाता है. अब कोई भी बाहरी व्यक्ति, अन्य सामाजिक संगठन अथवा जन प्रतिनिधि सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना जिले की सीमा में प्रवेश नहीं करेगा.” उन्होंने कहा, ”यह आदेश निषेधाज्ञा एक अक्टूबर, 2024 का अभिन्न अंग रहेगा तथा तत्काल प्रभाव से लागू होगा. इस आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दंडनीय अपराध होगा.”



