
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि भारत के सनातन धर्म की परंपरा दुनिया की सबसे प्राचीन संस्कृति है और इसकी तुलना किसी मजहब एवं संप्रदाय से नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों की विरासत उनके पास है जिसके सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजन भी उतने ही प्रचीन हैं. उन्होंने कहा ”आकाश से भी ऊंची है सनातन की परंपरा, इसकी तुलना नहीं की जा सकती .” यहां जारी एक एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक निजी समाचार चैनल द्वारा आयोजित ‘महाकुम्भ महासम्मलेन’ कार्यक्रम में बोल रहे थे.
महाकुम्भ के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा, ”देवासुर संग्राम के बाद अमृत की बूंदें प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में गिरीं. इन स्थानों पर महाकुम्भ के आयोजन भारत के ज्ञान, चिंतन और सामाजिक दिशा को तय करने का अवसर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि महाकुम्भ केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत की आध्यात्मिक विरासत और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है. योगी के अनुसार, 2019 के प्रयागराज कुम्भ में यह देखा गया कि कैसे आधुनिक तकनीक, प्रबंधन और संस्कृति का सामंजस्य किया गया. उन्होंने कहा कि यही प्रयास आगामी महाकुम्भ में भी होगा.
राष्ट्रीय एकता और हिंदू एकता की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ”सनातन धर्म हमेशा शिखर पर रहा है. हिंदू एकता और राष्ट्रीय एकता एक-दूसरे के पूरक हैं. इतिहास गवाह है कि जब हम बंटे हैं, तो कमजोर हुए हैं, और जब एकजुट हुए हैं, तो अजेय बने हैं. इसीलिए मैंने पहले कहा था कि ‘बंटोगे तो कटोगे’ और ‘एक रहोगे तो नेक रहोगे.” वक्फ बोर्ड के नाम पर जमीन कब्जे के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यह समझना मुश्किल है कि वक्फ बोर्ड है या भू-माफियाओं का बोर्ड.
उन्होंने कहा,”हमारी सरकार ने वक्फ अधिनियम में संशोधन किया है और एक-एक इंच जमीन की जांच करवा रही है. जिन लोगों ने वक्फ के नाम पर जमीन कब्जाई है, उनसे जमीन वापस ली जाएगी और गरीबों के लिए आवास, शिक्षण संस्थान और अस्पताल बनाए जाएंगे.” संभल में धार्मिक स्थलों पर विवाद का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संभल में श्रीहरि विष्णु के दसवें अवतार कल्कि का उल्लेख पुराणों में मिलता है. उन्होंने कहा कि वहां धार्मिक स्थलों को तोड़कर कब्जा करने का प्रयास हुआ.
उन्होंने कहा ”हमारी सरकार ने न्यायालय के आदेश के अनुसार कार्रवाई की और दंगाइयों को सख्त संदेश दिया.” कार्यक्रम के दौरान एक सवाल के जवाब में आदित्यनाथ ने कहा,”देखिये पुराने जख्म का उपचार बहुत आवश्यक है, नहीं तो, कैंसर हो जाता है. उसका समाधान बहुत आवश्यक है, नहीं तो उपचार के दौरान कितनी भी कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी आप देते रहेंगे, उसका समाधान नहीं होने वाला है. सर्जरी एक बार होगी और उस सर्जरी के लिए हमें तैयार रहना होगा…. फोड़ा कितना भी बड़ा क्यों न हों, अगर एक बार कायदे से सर्जरी हो जाएगी तो नये सिरे से वह आगे नही बढ.ेगा .” उनसे पूछा गया कि संभल के मंदिर का कितना महत्व है, संभल में क्या फिर से मंदिर बनना चाहिये .
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा,”मैं पूछना चाहता हूं कि आइने अकबरी इस बात को प्रमाणित कर रहा है कि यहां पर श्री हरि के मंदिर को तोड़कर कोई एक ढांचा खड़ा किया गया है. तो लोग अपनी आत्मा को एक बार झकझोरें, देखें और उसको स्वीकार करें. बीमारी को समय रहते स्वीकार कर लेना चाहिये . नहीं तो दिक्कत खड़ी होती है.” धर्म परिवर्तन और घर वापसी के मुद्दे पर योगी ने कहा कि अगर कोई अंतर्मन से अपने धर्म में लौटना चाहता है, तो उसका स्वागत होना चाहिए. उन्होंने कहा, ”यह धर्म और परंपरा के प्रति जागरूकता का संकेत है.”



