
दुबई. लाल सागर से गुजर रहे एक व्यापारिक जहाज पर बुधवार को कई हमले किये गए, जिसके चलते उस पर अब नियंत्रण नहीं रह गया है. ब्रिटिश सेना ने यह जानकारी दी. ब्रिटिश सेना ने आशंका जताई है कि इस हमले को यमन के हूती विद्रोहियों ने अंजाम दिया है जो पहले भी लाल सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बना चुके हैं. सेना के मुताबिक, हमले की विस्तृत जानकारी प्राप्त नहीं हुई है लेकिन यह ऐसे समय किया गया है जब गाजा पट्टी में इजराइल-हमास युद्ध के बीच, हूती विद्रोही जहाजों पर निशाना साधकर हमले कर रहे हैं.
ब्रिटिश सेना से संबद्ध ब्रिटिश समुद्री व्यापार संचालन केंद्र (यूकेएमटीओ) ने बताया कि छोटी-छोटी नौकाओं से आए हमलावरों ने यमन में विद्रोहियों के कब्जे वाले होदेइदिया बंदरगाह से करीब 140 किलोमीटर पश्चिम में जहाज को छोटे हथियारों से निशाना बनाया. उसने बताया कि जहाज पर चार रॉकेट भी दागे गए, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ये मिसाइल से किए गए हमले हैं या ड्रोन से दागे गए रॉकेट.
यूकेएमटीओ ने बताया, ”पोत पर नियंत्रण नहीं रह गया है.” हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. बाद में, यूकेएमटीओ ने चेतावनी दी कि जहाज लाल सागर में आग लग गई. हूती विद्रोहियों ने तत्काल हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन पूर्व में भी वे ऐसे हमलों की जिम्मेदारी घटना के कई घंटे या कई दिन बाद लेते रहे हैं.
पिछले साल अक्टूबर में गाजा पट्टी में इजराइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक हूती विद्रोहियों ने करीब 80 जहाजों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया है. उन्होंने एक जहाज पर कब्जा कर लिया, जबकि दो को डुबो दिया और इस दौरान चार नाविक मारे गए. विद्रोहियों का दावा है कि उन्होंने गाजा में हमास के खिलाफ इजराइल के युद्ध को खत्म करने के लिए इजराइल, अमेरिका या ब्रिटेन से जुड़े जहाजों को निशाना बनाया है. हालांकि, जिन जहाजों पर हमला किया गया उनमें से कई का संघर्ष से कोई संबंध नहीं है, जिनमें ईरान जाने वाले कुछ जहाज भी शामिल हैं.



