
नयी दिल्ली. रेलवे की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर ‘झूठ की दुकान’ चलाने का आरोप लगाते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बृहस्पतिवार को कहा कि रेलवे में सुरक्षा की ‘कवच’ प्रणाली के आधुनिक संस्करण को देश के प्रत्येक किलोमीटर रेल नेटवर्क पर लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी.
रेल मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदान की मांगों पर लोकसभा में पिछले दो दिन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए वैष्णव ने यह भी बताया कि रेलगाड़ियों में सामान्य डिब्बों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए करीब ढाई हजार सामान्य कोच के उत्पादन का विचार सरकार ने किया है, 50 और अमृत भारत ट्रेन के निर्माण का फैसला लिया गया है तथा कम दूरी वाले दो शहरों के बीच वंदे मेट्रो चलाई जाएंगी.
रेल मंत्री के जवाब के बाद सदन ने रेल मंत्रालय की 7.89 लाख करोड़ रुपये की अनुदान मांगों को ध्वनि मत से मंजूरी दे दी.
उन्होंने कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के दस साल के कार्यकाल में रेलवे सुरक्षा के लिए अपेक्षा अनुरूप काम नहीं होने का आरोप लगाते हुए कहा, ”हम मानते हैं कि कांग्रेस के समय रेलवे में कई प्रयोग किए गए, लेकिन जिस संवेदना के साथ या जिस भावना से काम होना चाहिए, नही किया गया.” उन्होंने कहा, ”दुर्भाग्य की बात है कि कांग्रेस के 58 साल के कार्यकाल में और 2014 से पहले तक भारत के एक भी किलोमीटर रेलवे नेटवर्क पर स्वचालित रेलगाड़ी सुरक्षा (एटीपी) प्रणाली नहीं लग पाई.” वैष्णव ने कहा कि भारत में रेलवे का करीब 70 हजार किलोमीटर का नेटवर्क है. उन्होंने कहा कि इससे आधे नेटवर्क के आकार वाले देशों ने एटीपी प्रणाली को लागू करने में करीब 20 साल लगाए.
वैष्णव ने कहा, ” मैं भरोसा दिलाना चाहूंगा कि कवच को लागू करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. दिन रात लगकर और जी-जान लगाकर पूरे नेटवर्क पर और प्रत्येक किलोमीटर रेलमार्ग पर इसे लगाने का पूरा का पूरा प्रयास करेंगे.” हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई समयसीमा नहीं बताई. उन्होंने कहा कि ‘कवच’ के क्रियान्वयन के दौरान सामने आईं विभिन्न बातों को ध्यान में रखते हुए 17 जुलाई 2024 को कवच का संस्करण 4.0 स्वीकृत किया गया है.
वैष्णव ने कहा, ”हमारे पास इस तकनीक के तीन विनिर्माता हैं, दो नए विनिर्माता जुड़ने वाले हैं, 8000 से अधिक इंजीनियर और र्किमयों को इसका प्रशिक्षण दिया गया है तथा छह विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में इसे शामिल किया गया है.” उन्होंने कहा, ”हम अब इस स्थिति में हैं कि बड़े स्तर पर कवच को लागू कर सकते हैं. इतने परिश्रम के बाद 9000 किलोमीटर रेलमार्ग के लिए निविदा की प्रक्रिया चल रही है. अगले कुछ महीने में हम 10 हजार कोच पर कवच 4.0 के क्रियान्वयन को शुरू कर देंगे.” उन्होंने सदन में घोषणा की कि कम दूरी वाले शहरों, जिनके बीच दूरी 150 और 200 किलोमीटर है, के बीच रीजनल ट्रेन की तर्ज पर वंदे मेट्रो चलाने का निर्णय लिया गया है जिसे डिजाइन किया जा चुका है और परीक्षण चल रहा है.
वैष्णव ने कहा कि सरकार 1950 की तकनीक वाले सभी रेल कोच को बदलेगी और आज की प्रौद्योगिकी को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह नए कोच की डिजाइन का काम हाथ में लिया गया है जिस पर हमारे ही देश के इजीनियर काम कर रहे हैं. रेल मंत्री ने दावा किया कि संप्रग के 10 साल के कार्यकाल में हर साल औसत करीब 171 रेल दुर्घटनाएं होती थीं जिनमें मोदी सरकार के शासन में करीब 68 प्रतिशत की कमी आई है.
उन्होंने कहा, ”लेकिन हमें इस पर संतोष नहीं करना चाहिए. हम सब को मिलकर सुरक्षा के हर पहलू पर पूरे जी-जान से प्रयास करना चाहिए और मोदी सरकार इसके लिए कटिबद्ध है.” कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों के कुछ आरोपों के संदर्भ में रेल मंत्री वैष्णव ने कहा, ”विपक्ष ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रोल आर्मी के माध्यम से कई विषय उठाए हैं जिससे ये रोजाना ट्रेनों में यात्रा करने वाले दो करोड़ यात्रियों के मन में भय भरना चाहते हैं. कांग्रेस जो झूठ की दुकान लगाने में लगी है, वह दुकान चलेगी नहीं. यह राजनीति चलेगी नहीं.”



