शुभांशु शुक्ला 14 जुलाई को धरती पर लौटेंगे: नासा

अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरिक्ष से 230 से अधिक सूर्योदय देखे, करीब 100 लाख किमी की यात्रा की

नयी दिल्ली. अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और एक्सिओम-4 मिशन के चालक दल के तीन अन्य सदस्य 14 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से पृथ्वी पर लौटने के लिए तैयार हैं. नासा ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. ‘नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन’ (नासा) कर्मिशयल क्रू प्रोग्राम के मैनेजर स्टीव स्टिच ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हम स्टेशन प्रोग्राम पर काम कर रहे हैं और एक्सिओम-4 की प्रगति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं. मुझे लगता है कि हमें उस मिशन को अनडॉक (अलग करना) करना होगा और इसका मौजूदा लक्ष्य 14 जुलाई है.” एक्सिओम-4 मिशन को 25 जून को फ्लोरिडा के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किया गया था और ड्रैगन अंतरिक्ष यान 28 घंटे की यात्रा के बाद 26 जून को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचा.

अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरिक्ष से 230 से अधिक सूर्योदय देखे, करीब 100 लाख किमी की यात्रा की

अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और उनके एक्सिओम-4 चालक दल ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर 230 सूर्योदय देखे हैं और कक्षीय प्रयोगशाला में दो सप्ताह के अंत में अंतरिक्ष में लगभग 100 लाख किलोमीटर की यात्रा की है. शुक्ला, पैगी व्हिटसन, स्लावोज. उज़्नान्स्की-विस्नीवस्की और टिबोर कापू सहित एक्सिओम-4 चालक दल ने भी आईएसएस पर अपना अंतिम अवकाश दिवस बिताया, तथा पृथ्वी पर वापसी की तारीख की नासा द्वारा घोषणा की प्रतीक्षा की.

एक्सिओम स्पेस के एक बयान में कहा गया है कि एक्सिओम मिशन 4 (एक्स-4) के चालक दल ने पृथ्वी के चारों ओर लगभग 230 परिक्रमाएं पूरी कर ली हैं और साठ लाख मील (96.5 लाख किलोमीटर) से अधिक की यात्रा की है. बयान में कहा गया है, “पृथ्वी से लगभग 250 मील ऊपर से चालक दल ने अपना खाली समय तस्वीरें और वीडियो लेने, धरती का नज.ारा देखने और प्रियजनों से फिर से जुड़ने में बिताया.” जैवचिकित्सा विज्ञान, उन्नत सामग्री, तंत्रिका विज्ञान, कृषि और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में 60 से अधिक प्रयोगों के साथ, एक्स-4 मिशन में अब तक एक्सिओम स्पेस के निजी अंतरिक्ष यात्री मिशन पर किए गए सबसे अधिक शोध शामिल हैं.

ये शोध मानव अंतरिक्ष अन्वेषण और पृथ्वी पर जीवन के भविष्य को बदल सकती है, साथ ही मधुमेह प्रबंधन, नवीन कैंसर उपचार और मानव स्वास्थ्य और प्रदर्शन की बेहतर निगरानी जैसे क्षेत्रों में संभावित सफलताएं भी प्राप्त हो सकती हैं. एक्सिओम-4 मिशन 25 जून को फ्लोरिडा के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित हुआ और ड्रैगन अंतरिक्ष यान 28 घंटे की यात्रा के बाद अगले दिन अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button