
नयी दिल्ली. कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को उन्नाव बलात्कार मामले की पीडि़ता को भरोसा दिलाया कि वे उसे न्याय दिलाने तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे. पीडि़ता और उसकी मां ने सोनिया गांधी के आवास ’10 जनपथ’ पहुंचकर कांग्रेस के दोनों शीर्ष नेताओं से मुलाकात की.
मुलाकात के बाद पीडि़ता ने संवाददाताओं से कहा, ”मैंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह से भी मिलने की गुहार लगाई, लेकिन मुझसे कोई नहीं मिला. वहीं, राहुल भैया का फोन आया और उन्होंने मुझे मिलने के लिए बुलाया.” उसने कहा, ”मैंने सोनिया गांधी जी और राहुल भैया से मुलाकात की, उन्होंने मुझे न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है. राहुल भैया ने मुझे कहा कि इस लड़ाई में वे मेरे साथ हैं.”
कांग्रेस सूत्रों ने बताया, ”सोनिया और राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान पीडि़ता ने तीन मुख्य अनुरोध किए. उसने कहा कि सेंगर के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में लड़ने के लिए एक शीर्ष वकील की सुविधा मिले. राहुल गांधी ने वकील की सुविधा उपलब्ध कराने का वादा किया.” सूत्रों के अनुसार, पीडि़ता का कहना था कि उसे और उसके परिवार को किसी कांग्रेस शासित राज्य में स्थानांतरित होने में मदद की जाए, क्योंकि उन्हें उनकी हत्या किए जाने का डर है और वे उत्तर प्रदेश में अपनी सुरक्षा को लेकर आश्वस्त नहीं हैं. राहुल गांधी ने इस अनुरोध को पूरा करने का वादा किया.
सूत्रों ने बताया, ”पीडि़ता के पति ने नौकरी की भी गुहार लगाई. राहुल जी ने कहा कि वह इस पर गौर करेंगे.” कांग्रेस सूत्रों ने यह भी बताया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने पीडि़त परिवार से वादा किया कि वे उन्हें न्याय और सुरक्षा दिलाने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे. सूत्रों का कहना है कि मुलाकात के दौरान पीडि़ता की व्यथा सुनकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी की आंखें नम हो गईं.
इस मुलाकात से पहले, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर की गई एक पोस्ट को साझा भी किया, जिसमें विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा बलात्कार पीडि़ता को हटाए जाने का दावा किया गया था.
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ”क्या एक गैंगरेप पीडि़ता के साथ ऐसा व्यवहार उचित है? क्या उसकी ‘गलती’ यह है कि वह न्याय के लिए अपनी आवाज. उठाने की हिम्मत कर रही है? उसके अपराधी (पूर्व भाजपा विधायक) को ज.मानत मिलना बेहद निराशाजनक और शर्मनाक है, खासकर तब, जब पीडि़ता को बार-बार प्रताडि़त किया जा रहा हो, और वह डर के साये में जी रही हो.”
उन्होंने सवाल किया कि बलात्कारियों को ज.मानत, और पीडि़ताओं के साथ अपराधियों सा व्यवहार…, यह कैसा न्याय है? राहुल गांधी ने दावा किया, ”हम सिफ.र् एक मृत अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि ऐसी अमानवीय घटनाओं के साथ एक मृत समाज भी बनते जा रहे हैं. लोकतंत्र में असहमति की आवाज. उठाना अधिकार है, और उसे दबाना अपराध.” उन्होंने कहा, ”पीडि़ता को सम्मान, सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए – न कि बेबसी, भय और अन्याय.” दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्नाव बलात्कार मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे, भाजपा से निष्कासित कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा मंगलवार को निलंबित कर दी.
अदालत ने कहा कि वह पहले ही सात साल, पांच महीने जेल में बिता चुका है. उच्च न्यायालय ने बलात्कार मामले में दोषसिद्धि और सजा के खिलाफ अपील लंबित रहने तक सेंगर की सजा पर रोक लगाई है. सेंगर ने दिसंबर 2019 के निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी. हालांकि, सेंगर को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा, क्योंकि वह पीडि़ता के पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में 10 साल के कारावास की सजा काट रहा है और उस मामले में उसे जमानत नहीं मिली है.



