
हरिद्वार/देहरादून/लखनऊ/नयी दिल्ली. उत्तराखंड के हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर क्षेत्र में रविवार को भगदड़ मचने से छह श्रद्धालुओं की मौत हो गयी तथा 28 अन्य घायल हो गए. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है.
धामी ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की है. घटना के बाद धामी ने हरिद्वार पहुंचकर घायलों से मुलाकात की तथा उनका हालचाल जाना. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर क्षेत्र में मची भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की.
राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर के मार्ग में मची भगदड़ में श्रद्धालुओं की मृत्यु होने का समाचार बहुत पीड़ादायक है. मैं सभी शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं. मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं.” प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ”उत्तराखंड के हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर जाने के मार्ग पर भगदड़ मचने के कारण लोगों की मौत से बहुत दुखी हूं. जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, मैं उनके प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की सहायता कर रहा है.” प्रदेश के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मनसा देवी के पैदल मार्ग में सुबह मची भगदड़ में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गयी तथा 28 अन्य घायल हो गए.
उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से घायल पांच श्रद्धालुओं को बेहतर उपचार के लिए तत्काल ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्वज्ञिान संस्थान (एम्स) रेफर कर दिया गया है जबकि शेष 23 घायलों का उपचार हरिद्वार जिला चिकित्सालय में चल रहा है. सुमन ने बताया कि मनसा देवी में हुई घटना की जानकारी के लिए राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. अधिकारियों ने बताया कि सुबह नौ बजे भगदड़ की सूचना मिलते ही हरिद्वार जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), पुलिस, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं की संयुक्त टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और बचाव तथा राहत अभियान चलाया.
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय, गढ़वाल पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप, हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोभाल ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की. डोभाल ने बताया कि मंदिर से करीब 100 मीटर नीचे सीढि.यों के पास अचानक बिजली के करंट की अफवाह फैल गयी और प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि इसी वजह से भगदड़ मच गयी. हालांकि, उन्होंने कहा कि घटना की विस्तृत जांच की जा रही है. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) से मिली जानकारी के अनुसार हादसे का शिकार हुए श्रद्धालु उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, हरियाणा तथा दिल्ली के निवासी हैं.
एसईओसी के अनुसार मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी आरुष (12), बिहार के अररिया निवासी शकल देव (18), उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी विक्की सैनी (18), उत्तराखंड के काशीपुर निवासी विपिन सैनी (18), उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के वकील सिंह और उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की शांति के रूप में हुई है. सिंह और शांति की उम्र नहीं बताई गयी है.
सावन का महीना होने की वजह से मनसा देवी मंदिर में इन दिनों लोगों की भारी भीड़ उमड़ी रही है और जिस समय यह घटना हुई. संकरे सीढ़ी मार्ग से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु लगातार मंदिर की ओर जा रहे थे. हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि घटनास्थल पर बिजली के कई तार टूटे मिले हैं जिससे प्रतीत होता है कि भीड़ की वजह से खुद लोगों ने तार पकड़ कर ऊपर चढ़ने की कोशिश की होगी.
हादसे वाले स्थान पर एक तरफ पहाड़ की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते और खाई हैं जिन पर इन दिनों घनी झाड़िया उगी हुई हैं. हरिद्वार पुलिस कोतवाली के प्रभारी रितेश शाह ने बताया कि एसडीआरएफ की टीम अब भी घनी झाड़ियों में तलाशी अभियान चला रही है क्योंकि प्रशासन को आशंका है कि भगदड़ के दौरान कहीं भीड़ में से कुछ लोग झाड़ियों में खाई की ओर न गिर गए हों. उन्होंने कहा कि भारी भीड़ को देखते हुए सुबह हादसे से आधा घंटा पहले ही लोगों को सीढि.यों वाले मार्ग पर जाने से रोक दिया गया था. शाह ने कहा कि अगर ऐसा न किया जाता तो हादसा और बड़ा हो सकता था.
मुख्यमंत्री ने इस हादसे पर गहरा शोक जताया है. एक सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है. धामी ने कहा कि घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. धामी ने हरिद्वार के जिलाधिकारी को घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दिए. भगदड़ की घटना के कुछ देर बाद मुख्यमंत्री हरिद्वार पहुंचे और अस्पताल में भर्ती हर घायल से बातचीत कर उसका हालचाल जाना. उन्होंने उनसे हादसे के बारे में भी जानकारी ली.
बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को घायलों का समुचित इलाज कराने के निर्देश दिए हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मृतकों और घायलों के परिजनों को हादसे के बारे में सूचित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि घायलों और मृतकों के परिजनों को हरिद्वार से उनके गृह नगर तक भेजने की व्यवस्था उत्तराखंड सरकार द्वारा की जाएगी. उन्होंने बताया कि उन्होंने आपदा प्रबंधन सचिव को भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था एवं यात्रा मार्गों की व्यवस्था की गहन समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को मनसा देवी सहित राज्य के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण योजना, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, दिशा संकेतक बोर्ड, पैदल मार्गों पर आपातकालीन निकासी योजना तथा स्थानीय प्रशासनिक समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाने को कहा है. हादसे के बाद मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया था जिसे शाम चार बजे फिर खोल दिया गया.
हरिद्वार के मंदिर में भगदड़. मचने से तीर्थयात्रियों की हुई मौत पीड़ादायक : राष्ट्रपति मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को उत्तराखंड के हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर क्षेत्र में मची भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की. राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर के मार्ग में मची भगदड़ में श्रद्धालुओं की मृत्यु होने का समाचार बहुत पीड़ादायक है. मैं सभी शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं. मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं.”
योगी आदित्यनाथ ने मनसा देवी मंदिर में भगदड़ की घटना पर गहरा दुख जताया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को उत्तराखंड के हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर क्षेत्र में भगदड़ मच जाने से श्रद्धालुओं की मौत पर गहरा दुख प्रकट किया है. इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उप्र के निवासी मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है.
लखनऊ में जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार मृतकों में एक बालक और महिला समेत चार लोग उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के निवासी थे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर शोक संदेश में कहा, ”उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित श्री मनसा देवी मंदिर मार्ग में दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद एवं हृदय विदारक है. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं.” योगी ने अपने पोस्ट में कहा, ”मां मनसा देवी से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को सद्गति, शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दु?ख सहन करने की शक्ति एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें. ॐ शांति.”
धामी ने हरिद्वार पहुंचकर भगदड़ में घायल हुए लोगों का हाल-चाल जाना
उत्तराखंड में मनसादेवी मंदिर क्षेत्र में रविवार को भगदड़ की घटना के कुछ देर बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हरिद्वार पहुंचे और अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना. मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल पहुंचकर वहां भर्ती प्रत्येक घायल के पास जाकर उससे बातचीत की और उनका हाल-चाल जाना. उन्होंने घायल श्रद्धालुओं से हादसे के बारे में भी जानकारी ली. बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने हादसे पर गहरा दुख जताया और कहा कि दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार पीड़ितों के साथ है. धामी ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि उन्होंने अधिकारियों को घायलों का समुचित इलाज कराने के निर्देश दिए हैं.
भारत में मंदिरों और अन्य धार्मिक समारोहों में हुई बड़ी भगदड़ों की सूची
उत्तराखंड के हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर क्षेत्र में रविवार को भगदड़ मचने से छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई तथा कई अन्य घायल हो गए. यह पहली बार नहीं है जब भारत में मंदिरों और अन्य धार्मिक समारोहों में भगदड़ में लोग मारे गए हों. पिछले कुछ वर्षों में देश में हुई कुछ प्रमुख भगदड़ की घटनाओं की सूची इस प्रकार है :
चार जून, 2025 : आईपीएल में आरसीबी की जीत का जश्न मनाने के लिए भीड़ एकत्र हुई, जिसमें चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास भगदड़ मचने से कम से कम 11 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए.
तीन मई, 2025 : गोवा के शिरगाओ गांव में श्री लैराई देवी मंदिर के वार्षिक उत्सव के दौरान तड़के मची भगदड़ में छह लोगों की मौत हो गई और लगभग 100 लोग घायल हो गए.
15 फरवरी, 2025 : नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में महिलाओं और बच्चों समेत 18 लोगों की मौत हो गई. ये लोग महाकुंभ के लिए प्रयागराज जाने वाली ट्रेन का इंतजार कर रहे थे.
29 जनवरी, 2025 : ‘अमृत स्नान’ में भाग लेने के लिए लाखों लोगों की भीड़ जुटने के बाद महाकुंभ के संगम क्षेत्र में मची भगदड़ में 30 लोगों की मौत हो गई और 60 अन्य घायल हो गए.
आठ जनवरी, 2025 : तिरुमाला हिल्स स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में वैकुंठ द्वार दर्शनम के टिकट के लिए सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच हुई धक्का-मुक्की में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए.
दो जुलाई, 2024 : उत्तर प्रदेश के हाथरस में स्वयंभू बाबा भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि द्वारा आयोजित सत्संग में भगदड़ मचने से महिलाओं और बच्चों सहित 100 से 120 लोगों की मौत हो गई.
31 मार्च, 2023 : इंदौर शहर के एक मंदिर में रामनवमी के अवसर पर आयोजित हवन कार्यक्रम के दौरान एक प्राचीन ‘बावड़ी’ के ऊपर बनी स्लैब के ढह जाने से 36 लोगों की मौत हो गई.
एक जनवरी, 2022 : जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में 12 लोगों की मौत हो गई और एक दर्जन से अधिक घायल हो गए.
14 जुलाई, 2015 : आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में ‘पुष्करम’ उत्सव के पहले दिन गोदावरी नदी के तट पर एक प्रमुख स्नान स्थल पर भगदड़ मचने से 27 तीर्थयात्रियों की मृत्यु हो गई और 20 अन्य घायल हो गए.
तीन अक्टूबर, 2014 : दशहरा समारोह समाप्त होने के तुरंत बाद पटना के गांधी मैदान में मची भगदड़ में 32 लोग मारे गए और 26 अन्य घायल हो गए.
13 अक्टूबर, 2013 : मध्य प्रदेश के दतिया जिले में रतनगढ़ मंदिर के पास नवरात्रि उत्सव के दौरान मची भगदड़ में 115 लोग मारे गए और 100 से अधिक घायल हो गए.


