प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अक्सर हिंसा भड़काने वाले बयानों का इस्तेमाल किया गया: भाजपा

नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ अक्सर हिंसा भड़काने वाले बयानों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहा कि भाषणों में राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाने के लिए ‘हत्या’ और ‘हिंसा’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में शब्दों का चयन बेहद महत्वपूर्ण होता है.

उन्होंने कहा, ”विपक्ष जिस प्रकार के शब्दों का चयन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए कर रहा है, वह बेहद चिंताजनक है. हिंसा और हत्या जैसे शब्दों के प्रयोग से समाज में अनावश्यक तनाव पैदा होता है.” भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने एक पूर्व आईपीएस अधिकारी के एक लेख का हवाला देते हुए कहा कि अल्पकालिक राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बयानबाजी कई बार हिंसा को उकसाती है. इस क्रम में उन्होंने जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या और हाल ही में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या के प्रयास का जिक्र किया.

वैष्णव ने कहा कि आज एक पूर्व आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) अधिकारी ने जैसा लिखा है, उसका एक मनोवैज्ञानिक असर होता है जो हिंसात्मक व्यवहार को बढावा देता है. उन्होंने कहा, ”विपक्ष को इस प्रकार के शब्दों का चयन न करते हुए अपनी गरिमा को बनाए रखना चाहिए. उन्हें अपने शब्दों और व्यवहार में संजीदापन लाते हुए संयम बरतना चाहिए.” कांग्रेस पर निशाना साधते हुए त्रिवेदी ने कहा कि उसके नेता राहुल गांधी ने संसद में हिंसा और हत्या जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था और चुनाव प्रचार के दौरान मोदी के काफिले पर कुछ फेंके जाने की घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था कि अब मोदी से कोई नहीं डरता है.

उन्होंने कहा कि पंजाब में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गए प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी जबकि उस समय वहां कांग्रेस की सरकार थी. त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी जब कश्मीर और मणिपुर जैसे संवेदनशील स्थानों पर गए थे तो उनकी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे.

उन्होंने कहा, ”हम साफ शब्दों में कहना चाहेंगे कि मौत और हिंसा जैसे शब्दों का प्रयोग बयानों में नहीं होना चाहिए. कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने मोदी जी के लिए इस प्रकार की मौत और उस प्रकार की मौत जैसे शब्दों का प्रयोग किया है.” उन्होंने कहा, ”कांग्रेस के नेताओं ने कब्र खुदेगी, मर जा, सर फोड़ देंगे जैसे शब्दों का प्रयोग किया और ये बात आज की नहीं है, ये विगत कई वर्षों से की जा रही है.”

त्रिवेदी ने कहा कि ‘मोदी के टुकड़े’ करने की बात करने वाले एक नेता अब कांग्रेस के सांसद हैं और वह कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ही हैं जिन्होंने 2007 में मोदी के खिलाफ ‘मौत का सौदागर’ जैसे शब्द का इस्तेमाल किया था. मोदी उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री थे.
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि विपक्ष के नेता के तौर पर गांधी को अपने भाषणों में परिपक्वता दिखानी चाहिए और जो ऐसा नहीं करते हैं, वह राजनीति के लिए उपयुक्त नहीं हैं.

इस संदर्भ में त्रिवेदी ने इशरत जहां मामले का जिक्र करते हुए कहा कि सीबीआई, जो केंद्र सरकार को रिपोर्ट करती है, ने उस पहले हलफनामे को बदल दिया था जिसमें उसे मोदी को निशाना बनाने के लिए आतंकवादी कहा गया था. इशरत जहां अपने साथियों के साथ एक मुठभेड़ में मारी गई थी. उस समय केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) का शासन था. त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अक्सर अलगाववादियों और आतंकवादियों का समर्थन किया है लेकिन अब वह उनकी भाषा बोल रही है.

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