मुझे कहानी ब्रांड की ओर आकर्षित करती है, पैसा नहीं: आलिया भट्ट

नयी दिल्ली. अभिनेत्री एवं फिल्म निर्माता आलिया भट्ट ने बुधवार को कहा कि जब किसी व्यावसायिक विचार को समर्थन करने की बात आती है, तो ब्रांड के पीछे की ‘कहानी’ उन्हें आर्किषत करती है, पैसा नहीं. आलिया प्राइम वीडियो के ‘मिशन स्टार्ट अब’ की शुरुआत के मौके पर दिल्ली आई थीं. भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) के कार्यालय के साथ साझेदारी में यह व्यापार आधारित वेब श्रृंखला बनाई गयी है.

बच्चों के परिधान ब्रांड ‘एड-ए-मम्मा’ की संस्थापक ने कहा कि वह हमेशा सबसे पहले कहानी कहने वाली ही रहेंगी. उन्होंने 2021 में अपना प्रोडक्शन बैनर ‘इटर्नल सनशाइन प्रोडक्शन्स’ शुरू किया था. उन्होंने यहां कार्यक्रम में कहा, ”पैसे की बात नहीं है. मुझे किसी ब्रांड में निवेश के लिए, उसका समर्थन या उसे बनाने के लिए पैसा आर्किषत नहीं करता. मुझे कहानी आर्किषत करती है. मैं सबसे पहले कहानीकार हूं. हमेशा कहानी पहले होती है.” आलिया ने अपने एक नये ब्रांड की योजना के बारे में भी बताया जिसमें खिलौने, देखभाल की सामग्री आदि होगी.

‘मिशन स्टार्ट अब’ के बारे में अभिनेत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस वेब श्रृंखला की कहानियां उन्हें चौंकाएंगी और प्रेरित करेंगी.
यह सात एपिसोड की श्रृंखला है जिसमें ऐसे उद्यमियों के बारे में दिखाया जायेगा जिन्होंने सामाजिक-आर्थिक बदलाव लाने की क्षमता वाले ऐसे नवाचारों पर ध्यान केंद्रित किया जो भारत के लिए गढ.े गये हों. समारोह में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद, प्राइम वीडियो के भारत के निदेशक सुशांत श्रीराम, अमेजॉन इंडिया के सार्वजनिक नीति के उपाध्यक्ष चेतन कृष्णस्वामी और प्राइम वीडियो की प्रमुख (इंडिया ऑरिजिनल्स) अपर्णा पुरोहित ने भाग लिया.

खाली जगह भरने वाली सोच का पीछा करें नए उद्यमी: आलिया

फिल्म अभिनेत्री एवं उद्यमी आलिया भट्ट ने युवा उद्यमियों को बाजार में रिक्त स्थान भरने वाले विचारों को मूर्त रूप देने का सुझाव देते हुए कहा कि इस सफर में मार्गदर्शकों का भी साथ जरूरी है. आलिया ने वर्ष 2020 में बच्चों एवं माताओं के लिए कपड़े बेचने वाले उद्यम ‘एड-ए-मम्मा’ की शुरुआत की थी. आगे चलकर इसका विस्तार निजी देखभाल एवं टिकाऊ खिलौनों के कारोबार में भी करने की तैयारी है.

आलिया ने एक उद्यमी के तौर पर हासिल अनुभव साझा करते हुए कहा, ”सबकी सुनो लेकिन अपनी सोच के हिसाब से चलो. आपको अपनी टीम पर भी भरोसा रखना होता है, वह आपके लिए रीढ़ साबित होती है.” उन्होंने स्टार्टअप कंपनियों के शुरुआती सफर को बयां करने वाली एक वेब सीरीज के ऐलान से संबंधित कार्यक्रम में कहा कि नवाचारी उद्यमियों को अपने विचार निवेशकों के समक्ष साफ एवं छोटी पंक्तियों में रखने चाहिए.

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