जुबिन के अंतिम समय में मौजूद लोग यदि जांच से बचते हैं तो कड़ी कार्रवाई होगी: शर्मा

गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा कि गायक जुबिन गर्ग के अंतिम समय में सिंगापुर में नौका पर उनके साथ मौजूद लोगों की वापसी ”पूरी तरह से उन पर निर्भर करेगी”, लेकिन यदि वे छह अक्टूबर की समय सीमा के भीतर एसआईटी जांच के लिए नहीं आते हैं तो सख्त कदम उठाए जाएंगे.

शर्मा ने कोकराझार में एक कार्यक्रम से इतर कहा, ”उनकी वापसी पूरी तरह से उन पर निर्भर करेगी. असम सरकार उन्हें सिंगापुर से वापस नहीं ला सकती, लेकिन हम उनके माता-पिता से बात कर सकते हैं ताकि वे उन्हें जांच के लिए वापस आने को कह सकें.” उन्होंने कहा कि छह अक्टूबर की समय सीमा उन सभी लोगों के लिए पहले ही तय कर दी गई है जो जुबिन के अंतिम क्षणों में सिंगापुर में थे, जहां समुद्र में तैरते समय उनकी मौत हो गई थी.

शर्मा ने कहा, ”यदि वे सोमवार तक वापस नहीं आते हैं, तो हमें कड़े कदम उठाने होंगे. हमें उन्हें एक विशेष प्रक्रिया के जरिये वापस लाना होगा.” मुख्यमंत्री ने पहले कहा था कि जब तक नौका में गायक के साथ मौजूद लोग जांच एजेंसी के समक्ष अपना बयान दर्ज नहीं कराते, तब तक जांच पूरी नहीं हो सकती.

इस बीच, एक चिकित्सक ने लतासिल पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है जिसमें गर्ग की मौत में ‘असम एसोसिएशन ऑफ सिंगापुर’ के 11 सदस्यों की संलिप्तता का आरोप लगाया गया है. पुलिस शिकायत की जांच कर रही है. गायक की मौत की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने ‘असम एसोसिएशन ऑफ सिंगापुर’ के 11 सदस्यों में से आठ को छह अक्टूबर तक पेश होने के लिए पहले ही समन जारी कर दिया है. तन्मय फुकन, अभिमन्यु तालुकदार, देबज्योति हजारिका, रूपकमल कलिता, भास्कर दत्ता, सिद्धार्थ बोरा, परीक्षित शर्मा और वाजेद अहमद को समन जारी किया गया है.

जिन लोगों को समन जारी किये गये हैं उनके परिवार के सदस्यों ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि वे लोग जांच का हिस्सा बनने आ रहे हैं या नहीं. परिवार के एक सदस्य ने कहा, ”हम उनके संपर्क में हैं, लेकिन नियमित रूप से नहीं और जुबिन की मौत से सभी बहुत दुखी हैं. अगर वे आएंगे, तो हमें जरूर पता चल जायेगा. लेकिन उन्होंने हमें इस बारे में कुछ नहीं बताया है.” मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच ‘अच्छी तरह आगे ब­ढ़ रही है’ और जिन लोगों से ”मैंने बात की है, वे असम सरकार द्वारा जांच को आगे ब­ढ़ाने के तरीके से बहुत संतुष्ट हैं”.

उन्होंने कहा, ”हमने घटना से जुड़े लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें कोई वीआईपी सुविधा नहीं दी जा रही है. सभी से पूछताछ की जा रही है.” ‘नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल’ (एनईआईएफ) के मुख्य आयोजक श्यामकानु महंत, गायक के प्रबंधक सिद्धार्थ शर्मा, उनके संगीतकार शेखरज्योति गोस्वामी और गायक अमृतप्रभा महंत समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.

गायक एनईआईएफ में शामिल होने के लिए सिंगापुर गये थे. सिंगापुर के एक द्वीप पर तैरते समय डूबने से उनकी मौत हो गई थी.
महंत, शर्मा और कई अन्य के खिलाफ राज्यभर में 60 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गईं, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को सभी प्राथमिकियों को सीआईडी ??को स्थानांतरित करने और गहन जांच के लिए एक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था.

गायक की यहां की गई दूसरी पोस्टमार्टम जांच को सार्वजनिक किये जाने के बारे में शर्मा ने कहा, ”हम इसे सार्वजनिक नहीं करेंगे, लेकिन अगर कोई इसे देखना चाहता है, तो मैं सीआईडी ??को इसके बारे में बताऊंगा और वे जाकर इसे देख सकते हैं.” पहला शव परीक्षण सिंगापुर में किया गया और रिपोर्ट वहां भारतीय उच्चायुक्त को सौंप दी गई है. शर्मा ने कहा कि असम जातीय परिषद (एजेपी) के अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई इसे देखना चाहते हैं और वह रिपोर्ट देखने के लिए संबंधित अधिकारी से समय मांग सकते हैं.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button