
नयी दिल्ली. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के संभल में हिंसा के लिए सोमवार को राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि इस मामले में उच्चतम न्यायालय को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि प्रशासन द्वारा सभी पक्षों को सुने बिना और संवेदनहीनता के साथ कार्रवाई की गई.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संभल में मुगलकालीन मस्जिद का अदालत के आदेश पर हो रहे सर्वेक्षण का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच रविवार को हुई झड़प में तीन लोगों की मौत हो गई और करीब 20 सुरक्षार्किमयों सहित कई अन्य घायल हो गए.
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”संभल में हालिया विवाद पर राज्य सरकार का पक्षपात और जल्दबाज.ी भरा रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. हिंसा और गोलीबारी में जिन्होंने अपनों को खोया है उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं.” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा सभी पक्षों को सुने बिना और संवेदनहीनता से की गई कार्रवाई ने माहौल और बिगाड़ दिया. उनके अनुसार, यह कार्रवाई कई लोगों की मृत्यु का कारण बनी जिसके लिए सीधे तौर पर ज.म्मिेदार भाजपा सरकार है.
कांग्रेस नेता ने कहा, ”भाजपा का सत्ता का उपयोग हिंदू-मुसलमान समाजों के बीच दरार और भेदभाव पैदा करने के लिए करना न प्रदेश के हित में है, न देश के. मैं उच्चतम न्यायालय से इस मामले में जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर न्याय करने का अनुरोध करता हूं.” उन्होंने यह भी कहा, ”मेरी अपील है कि शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखें. हम सबको एक साथ जुड़ कर यह सुनिश्चित करना है कि भारत सांप्रदायिकता और नफ.रत नहीं, एकता और संविधान के रास्ते पर आगे बढ.े.” कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी उच्चतम न्यायालय से संभल के मामले का संज्ञान लेने का आग्रह किया.
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”संभल में अचानक उठे विवाद को लेकर राज्य सरकार का रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. इतने संवेदनशील मामले में बिना दूसरा पक्ष सुने, बिना दोनों पक्षों को विश्वास में लिए प्रशासन ने जिस तरह हड़बड़ी के साथ कार्रवाई की, उससे साफ है कि सरकार ने खुद माहौल खराब किया. प्रशासन ने जरूरी प्रक्रिया और कर्तव्य का पालन भी जरूरी नहीं समझा.” उनका कहना है, ”सत्ता में बैठकर भेदभाव, अत्याचार करने और फूट डालने का प्रयास करना न जनता के हित में है, न देश के हित में. ” प्रियंका गांधी ने कहा, ”माननीय उच्चतम न्यायालय को इस मामले का संज्ञान लेकर न्याय करना चाहिए. प्रदेश की जनता से मेरी अपील है कि हर हाल में शांति बनाए रखें.”



