सरगुजा: ‘हॉपर’ गिरने के मामले में महाप्रबंधक समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

अंबिकापुर/रायपुर. छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में ‘एल्युमिना’ रिफाइनरी संयंत्र में हुए हादसे में चार श्रमिकों की मौत के बाद महाप्रबंधक समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आठ सितंबर को मां कुदरगढ़ी मिनरल्स एंड रिफैक्ट्री प्राइवेट लिमिटेड में हुए हादसे की जांच के बाद मंगलवार को रघुनाथपुर पुलिस चौकी में मामला दर्ज किया गया.

उन्होंने बताया कि पुलिस ने फैक्ट्री के महाप्रबंधक राजकुमार सिंह, सुपरवाइजर रंजीत चौधरी, प्रोडक्शन मैनेजर तेज मालानी, बॉयलर इंचार्ज बीके मिश्रा, ठेकेदार विपिन मिश्रा, बॉयलर इंचार्ज राकेश कुमार और कंपनी के अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है. अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है.

उन्होंने बताया कि बॉक्साइट को एल्युमिना में परिष्कृत करने वाली फैक्ट्री में रविवार को कोयले से भरा ‘हॉपर’ गिरने से चार श्रमिकों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए. एल्युमिना का उपयोग एल्युमिनियम बनाने में किया जाता है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच और गवाहों से पूछताछ से जानकारी मिली है कि कंपनी के मालिक ने यूनिट का पूरा पर्यवेक्षण कार्य सिंह, चौधरी, मालानी और बीके मिश्रा को सौंप दिया था, जिन्होंने परिचालन कार्य ठेकेदार विपिन मिश्रा के हवाले कर दिया था.

उन्होंने बताया कि विपिन मिश्रा की देखरेख में बॉयलर (हॉपर) का संचालन बॉयलर इंचार्ज मनोज सिंह और राकेश कुमार कर रहे थे.
मनोज सिंह चार मृतकों में से एक हैं. अधिकारियों ने बताया कि हॉपर में भूसा भरने के बजाय कथित तौर पर कोयले के चुरे का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे अधिक वजन होने के कारण यह ढह गया.

उन्होंने बताया कि यह कंपनी प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाता है. छह आरोपी और कंपनी के अन्य जिम्मेदार व्यक्ति लापरवाही से काम करते पाए गए. उन्होंने कहा कि श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराया गया था, जिसके परिणामस्वरूप यह दुर्घटना हुई. अधिकारियों ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है.

रिफाइनरी हादसे में मारे गये लोगों के परिवारों को 15-15 लाख रुपये मुआवजा
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में ‘एल्यूमिना रिफाइनरी’ में हॉपर गिरने की घटना में मारे गए चार श्रमिकों के परिजनों को कंपनी प्रबंधन द्वारा 15-15 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि प्राधिकरण से अनुमति लिए बिना फैक्टरी अपना संचालन फिर से शुरू नहीं कर सकती.

उन्होंने बताया कि रविवार (आठ सितंबर) को जिले के रघुनाथपुर पुलिस चौकी के अंतर्गत सिलसिला गांव में मां कुदरगढ़ी मिनरल्स एंड रिफ्रैक्टरी प्राइवेट लिमिटेड में कोयले से भरा हॉपर गिरने से चार श्रमिकों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए. फैक्टरी में बॉक्साइट को एल्यूमिना में परिष्कृत किया जाता है. एल्यूमिना का उपयोग एल्युमिनियम बनाने में किया जाता है.

एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर सरगुजा जिलाधिकारी भास्कर विलास संदीपन ने घटना की जांच के लिए एक जांच दल का गठन किया था. जिलाधिकारी ने जांच दल के साथ बुधवार को फैक्टरी का दौरा किया और घटना का जायजा लिया.

जिलाधिकारी ने विज्ञप्ति में बताया, ह्लकंपनी चार मृतकों के परिजनों को 15-15 लाख रुपये और घायलों को तीन-तीन लाख रुपये का मुआवजा देगी. कंपनी के अधिकारी बृहस्पतिवार को प्रशासन के अधिकारियों के सामने संबंधित व्यक्तियों को मुआवजा राशि सौंपेंगे.ह्व उन्होंने कहा कि प्रशासन की अनुमति के बिना प्लांट का संचालन फिर से शुरू नहीं किया जा सकता.

पुलिस ने मंगलवार को घटना के संबंध में एल्युमिना रिफाइनरी के महाप्रबंधक समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी.
अधिकारियों ने बताया कि महाप्रबंधक राजकुमार सिंह, पर्यवेक्षक रंजीत चौधरी, उत्पादन प्रबंधक तेज मालानी, बॉयलर प्रभारी बीके मिश्रा, ठेकेदार विपिन मिश्रा, बॉयलर प्रभारी राकेश कुमार और कंपनी के अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.

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