भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के लिए बातचीत लगातार जारी: गोयल

कतर में भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी को लेकर काफी उत्साह: गोयल

दोहा. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत और अमेरिका प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर लगातार बातचीत कर रहे हैं. नवंबर में वार्ता पूरी करने की सभी संभावनाएं मौजूद हैं. गोयल ने अगले दौर की व्यापार वार्ता प्रत्यक्ष रूप से होने की संभावना पर कहा कि हर संभावना मौजूद है, लेकिन अमेरिका में इस समय ‘शटडाउन’ यानी विभागों के लिए वित्त पोषण पर सहमति नहीं होने से कामकाज ठप होने से यह देखना बाकी है कि अगले दौर की वार्ता कैसे, कहां और कब हो सकती है.

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ”आप सब जानते हैं कि अमेरिका में आजकल सरकार ‘शटडाउन मोड’ में है, तो उसके मददेनजर देखना पड़ेगा कि कैसे बातचीत हो सकती है, कहां हो सकती है, और कब हो सकती है.” अमेरिका में एक अक्टूबर की आधी रात से कुछ विभागों में कामकाज ठप हुआ है. इसका कारण कांग्रेस (अमेरिकी संसद) वित्त पोषण विधेयक पारित करने में विफल रही है. सैद्धांतिक रूप से, इसका मतलब है कि कई सरकारी कर्मचारियों को अभी वेतन नहीं मिलेगा और सेवा केंद्र बंद हैं. हालांकि, रक्षा और सामाजिक क्षेत्र जैसे महत्वपूर्ण कार्य जारी रहेंगे. गोयल एक दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर यहां आए हैं.

उन्होंने कहा, ”हम (व्यापार समझौते पर) अमेरिका के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं और विभिन्न स्तरों पर बातचीत चल रही है. हम जल्द ही इस बारे में और जानकारी देंगे कि हम इसे कैसे आगे ब­ढ़ाने की सोच रहे हैं.” जब उनसे पूछा गया कि क्या दोनों पक्ष वार्ता समाप्त करने के लिए नवंबर की समय-सीमा का पालन कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा, ”इसकी पूरी संभावना है.” पिछले महीने गोयल ने व्यापार वार्ता के लिए न्यूयॉर्क में एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था. उस बैठक के बाद भारत और अमेरिका ने पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर शीघ्र निष्कर्ष निकालने के लिए बातचीत जारी रखने का निर्णय लिया.

कतर में भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी को लेकर काफी उत्साह: गोयल

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि कतर में भारतीय व्यवसायों के साथ साझेदारी को लेकर काफी उत्साह है. उन्होंने कहा कि यह उत्सुकता न केवल दोनों देशों में निवेश के लिए है, बल्कि तीसरे देशों की परियोजनाओं में सहयोग के लिए भी है.
उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि कतर स्थित अल बालाघ, लार्सन एंड टुब्रो का भागीदार है. उन्होंने कतर में परियोजनाएं पूरी की हैं, और अब उनकी तीसरे देशों में भी इसी तरह की परियोजनाएं शुरू करने की योजना है. अल बालाघ के चेयरपर्सन शेरिदा साद जुबरान अल काबी से मुलाकात के बाद उन्होंने संवाददाताओं से यह बात कही. गोयल कतर विकास बैंक के सीईओ अब्दुलरहमान हेशाम अल सोवैदी से भी मुलाकात की.

गोयल ने कहा, ”कतर सरकार तीसरे देशों की परियोजनाओं पर भी विचार कर रही है और मुझे बताया गया है कि कतर विकास बैंक वित्तपोषण की गारंटी देने को तैयार है.” मंत्री ने कहा कि भारतीय कंपनियों को कतर के व्यापारियों और तीसरे देशों के साथ साझेदारी के लिए इस तरह के गारंटी वाले वित्तपोषण पर गंभीरता से विचार करना चाहिए. ये साझेदारियां महत्वपूर्ण हैं क्योंकि भारत और कतर जल्द ही एक मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत की रूपरेखा को अंतिम रूप देंगे और यह समझौता अगले साल के मध्य या तीसरी तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद है. गोयल दो दिवसीय दौरे पर यहां आए हैं. वह दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को मजबूत करने के लिए एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं.

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