
नगांव. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित ‘पूरा खरगे परिवार’ असम विरोधी है. उन्होंने यह आरोप ऐसे समय में लगाया है जब एक दिन पहले ही कर्नाटक के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री प्रियंक खरगे से उनकी असम में सेमीकंडक्टर इकाई जैसे बड़े प्रौद्योगिकी आधारित उद्योग स्थापित करने के मुद्दे पर बहस हुई थी. प्रियंक कांग्रेस प्रमुख के पुत्र हैं और कर्नाटक कांग्रेस शासित राज्य है.
शर्मा ने दावा किया, ”मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियंक खरगे असम के बारे में गलत सूचना फैला रहे हैं. उनके पिता ने भूपेन हजारिका को भारत रत्न दिए जाने पर बेहद शर्मनाक टिप्पणी की थी.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस को कर्नाटक के आईटी मंत्री को असम की संस्कृति और यहां के युवाओं की दक्षता के बारे में बताना चाहिए.
शर्मा ने यहां एक आधिकारिक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, ”पूरा खरगे परिवार असम विरोधी है. पिता ने भूपेन हजारिका का अपमान किया था और बेटे ने असम के युवाओं का अपमान किया. मुझे लगता है कि कांग्रेस को इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए.” प्रियंक खरगे ने एक समाचार चैनल से कथित तौर पर रविवार को कहा कि केंद्र द्वारा दबाव डाले जाने के बाद कर्नाटक के लिए निर्धारित निवेश को गुजरात और असम की ओर मोड़ दिया जा रहा है.
उन्होंने कथित तौर पर पूछा, ”सेमीकंडक्टर उद्योग असम और गुजरात क्यों जा रहे हैं जबकि वास्तव में उन्हें बेंगलुरु आना चाहिए?… गुजरात में क्या है? क्या वहां प्रतिभा है? असम में क्या है? क्या वहां प्रतिभा है?” इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शर्मा ने सोमवार को प्रियंक को ‘अव्वल दर्जे का मूर्ख’ कहा. उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्य में सेमीकंडक्टर इकाई जैसे बड़े उद्योग स्थापित करने के लिए कोई प्रतिभा नहीं है, वाले बयान के लिए असम सरकार कर्नाटक के मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज करने पर विचार कर रही है.
प्रियंक खरगे ने पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री पर उस बयान को ‘राजनीतिक रंग’ देकर ‘अपनी विफलताओं को छिपाने’ का प्रयास करने का आरोप लगाया और कहा कि शर्मा को इस बात पर विचार करना चाहिए कि युवा काम की तलाश में असम क्यों छोड़ रहे हैं. खरगे ने आरोप लगाया कि भाजपा के लगभग एक दशक के शासन के बाद, नीति आयोग की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, असम अब स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विकास संकेतकों में सबसे निचले पांच राज्यों में शामिल है. उन्होंने दावा किया कि शर्मा केवल अपनी संपत्ति बढ़ाने में कामयाब रहे हैं.



