सरकार एयरलाइनों की परिचालन योजनाओं में हस्तक्षेप नहीं करती

नयी दिल्ली: नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि सरकार एयरलाइनों की परिचालन योजनाओं में हस्तक्षेप नहीं करती तथा अमृतसर हवाई अड्डे से र्बिमंघम, बैंकॉक, दोहा, दुबई, कुआलालंपुर, लंदन (गैटविक), मिलान, शारजाह और ंिसगापुर के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित की जा रही हैं, जबकि चंडीगढ़ से दुबई और अबूधाबी के लिए अंतरराष्ट्रीय सेवाएं उपलब्ध हैं।

उन्होंने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन भारत और संबंधित देशों के बीच हुए द्विपक्षीय एयर र्सिवसेज़ समझौते (एएसए) के अंतर्गत होता है। मोहोल ने बताया कि सरकार नागरिक उड्डयन क्षेत्र की वृद्धि के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती है, लेकिन एयरलाइनों की परिचालन योजनाओं में हस्तक्षेप नहीं करती।

मंत्री ने बताया कि इन समझौतों के अनुसार, नामित भारतीय एयरलाइंस किसी भी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे—जैसे चंडीगढ़ और अमृतसर—से किसी भी विदेशी गंतव्य तक, निर्धारित क्षमता सीमा के भीतर उड़ानें संचालित कर सकती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी ंिबदु से प्रत्यक्ष अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करना पूरी तरह से अनुसूचित एयरलाइनों का व्यावसायिक निर्णय होता है, जो यात्रियों की मांग, स्लॉट की उपलब्धता, मार्ग की आर्थिक व्यवहार्यता और अन्य संबंधित कारकों पर आधारित होता है।

उन्होंने यह भी बताया कि हवाई क्षमता अधिकारों को बढ़ाना एक सतत प्रक्रिया है, जो भारत और दूसरे देशों के बीच समय-समय पर किए गए द्विपक्षीय समझौतों के माध्यम से किया जाता है। उनके अनुसार, इसमें भारतीय उड्डयन क्षेत्र को होने वाले लाभ, उस देश में भारतीय प्रवासी समुदाय की उपस्थिति, भारतीय एयरलाइनों की भविष्य की योजनाएं, पारस्परिकता के तत्व, लाभों का संतुलन और अन्य प्रासंगिक कारक शामिल होते हैं।

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