बीएमसी चुनाव में स्याही विवाद का साया, राज ठाकरे ने लगाए धांधली के आरोप तो नगर निगम ने भी दिया जवाब

बीएमसी चुनाव के लिए मतदान जारी है, लेकिन विपक्ष द्वारा धांधली के आरोप लगाए जा रहे हैं। मनसे नेता राज ठाकरे ने मतदान में इस्तेमाल की जा रही स्याही पर सवाल उठाए हैं। राज ठाकरे ने कहा कि जो स्याही पहले इस्तेमाल की जा रही थी, उसे नए पेन से बदल दिया गया है और इस पेन को लेकर कई शिकायतें मिली हैं।

राज ठाकरे ने क्या आरोप लगाए हैं?
राज ठाकरे ने दावा किया कि अगर आप हैंड सैनेटाइजर इस्तेमाल करते हैं तो उससे स्याही मिट सकती है। इससे ये होगा कि लोग वोट करेंगे और बाहर जाकर हाथ धोकर फिर से वोट करने आ जाएंगे। चुनाव प्रचार के लिए भी नया नियम बना दिया गया है। ये दिखाता है कि ये सरकार सत्ता में रहने के लिए कुछ भी कर सकती है।

राज ठाकरे ने कहा, ‘हम इसे चुनाव नहीं कह सकते, जहां कोई सत्ता में रहने के लिए इस तरह की धांधली कर रहा हो। मैं लोगों और शिवसेना के कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि इसे लेकर चौकन्ने रहें। एक व्यक्ति दो बार वोट करते हुए पकड़ा गया है।’

उद्धव ठाकरे ने की निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग

उद्धव ठाकरे ने भी धांधली के आरोप लगाए और इसे लोकतंत्र की हत्या की कोशिश बताया। पूर्व सीएम ने कथित गड़बड़ियों के लिए राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमरे के इस्तीफे की भी मांग की।

उद्धव ठाकरे ने राज्य निर्वाचन आयोग को संविधान विरोध निकाय कहकर तंज कसा। उद्धव ठाकरे ने चुनाव निकाय और सरकार के बीच सांठ-गांठ के भी आरोप लगाए।

बीएमसी ने आरोपों को क्या कहकर खारिज किया?

बीएमसी ने स्याही को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया है। बीएमसी ने बयान जारी कर कहा कि स्याही मिटने वाली मीडिया की रिपोर्ट्स तथ्यात्मक रूप से गलत थीं। बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी ने अभी तक इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं की है।
बयान में कहा गया है कि प्रक्रिया के तहत पोलिंग स्टाफ मतदाताओं की ऊंगली पर न मिटने वाली स्याही लगाते हैं और ये बाएं हाथ की ऊंगली पर लगाई जाती है। बीएमसी चुनाव के लिए 10,231 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जा रहे हैं। पूरे मुंबई में 64,375 अधिकारी और कर्मचारी चुनाव प्रक्रिया में लगे हुए हैं।

एनसीपी-एसपी नेता रोहित पवार ने भी लगाए धांधली के आरोप

महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में एनसीपी-एसपी नेता रोहित पवार ने धांधली के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, ‘नाम जिस बूथ पर होना चाहिए उस बूथ पर ना रखते हुए बहुत दूर लेकर गए हैं ताकि लोग मतदान ना कर सकें। मुंबई में एक मंत्री का ही नाम बूथ पर नहीं है। उनके घर के लोगों के नाम अलग-अलग बूथ पर दिए हैं। ईवीएम मशीन पर समय 15 मिनट आगे का है। मशीनों का अनुक्रम गलत है। बूथ के 100 मीटर के दायरे में भाजपा के कार्यकर्ता हैं।

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