
इंदौर. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश कांग्रेस समिति की नयी कार्यकारिणी को लेकर मुख्य विपक्षी दल पर रविवार को निशाना साधते हुए कहा कि यह कार्यकारिणी कांग्रेस की अंदरूनी फूट और फजीहत की परिचायक है. मुख्यमंत्री ने यह उम्मीद भी जताई कि कांग्रेस इस कार्यकारिणी को भंग करके इसमें ”ढंग के लोगों” को जगह देगी.
इस कार्यकारिणी में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे और पूर्व सांसद नकुल नाथ को जगह नहीं दिए जाने के बारे में पूछे जाने पर यादव ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा कि यह कार्यकारिणी कांग्रेस की आंतरिक फूट और फजीहत की परिचायक है. उन्होंने कहा, ”हमने तो पहले ही कहा है कि वे (कांग्रेस) संगठन चलाना नये तरीके से सीखें, समझें और नये खून को मौका दें.” जीतू पटवारी के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के 10 महीने बाद उनकी अगुवाई वाली 177 सदस्यीय कार्यकारिणी शनिवार रात घोषित की गई. इसमें 17 उपाध्यक्ष, 71 महासचिव, कार्यकारी समिति के 16 सदस्य, 33 स्थायी आमंत्रित सदस्य और 40 विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल हैं.
मुख्यमंत्री यादव ने तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने ऐसी कार्यकारिणी कभी नहीं देखी जिसमें महासचिवों की तादाद उपाध्यक्षों से ज्यादा हो.
उन्होंने कहा, ”काम करने के इन्हीं तरीकों के कारण कांग्रेस अपने पतन की ओर जा रही है. इसमें मैं भला क्या कह सकता हूं क्योंकि यह कांग्रेस संगठन के अंदर की राजनीति है. जब वे (कांग्रेस) समय के साथ चलना ही नहीं चाहते, तो कोई कैसे उन्हें चला सकता है?” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह सूबे में विपक्ष को भी “उसकी ताकत के साथ” देखना चाहते हैं. उन्होंने कहा,”मैं उम्मीद करूंगा कि वे (कांग्रेस) अपनी नयी कार्यकारिणी को भंग करें और इसमें ढंग के लोगों को जगह दें.”



