शांति का मार्ग ‘संवाद और कूटनीति’ से होकर गुजरता है : मोदी ने जेलेंस्की से कहा

प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन के अपने समकक्ष ऋषि सुनक से मुलाकात की

बारी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात के दौरान कहा कि भारत ”मानव-केंद्रित” दृष्टिकोण में विश्वास करता है और शांति का मार्ग “संवाद और कूटनीति” से होकर गुजरता है. मोदी ने इटली के अपुलिया क्षेत्र में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान जेलेंस्की से मुलाकात की. मोदी ने जेलेंस्की के साथ बैठक को ”बहुत उपयोगी” बताया और कहा कि भारत, यूक्रेन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को ”और मजबूत” करने के लिए उत्सुक है.

मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “(यूक्रेन के) राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ बहुत उपयोगी बैठक हुई. भारत, यूक्रेन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए उत्सुक है.” उन्होंने कहा, ”(रूस के साथ) जारी संघर्ष के बारे में, (मैंने) यह दोहराया कि भारत मानव-केंद्रित दृष्टिकोण में विश्वास करता है और यह मानता है कि शांति का मार्ग बातचीत और कूटनीति से होकर गुजरता है.” विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और यूक्रेन की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया. उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ”भारत-यूक्रेन साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इटली के अपुलिया में 50वें जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की.”

उन्होंने कहा, ”दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और यूक्रेन की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बातचीत और कूटनीति के माध्यम से संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान को प्रोत्साहित करना जारी रखेगा.” विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव विनय क्वात्रा वार्ता के दौरान मोदी के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे. ऐसी जानकारी है कि जेलेंस्की ने मोदी को (रूस के साथ यूक्रेन के) संघर्ष के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी. मोदी ने पिछले साल मई में हिरोशिमा में पिछले जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान भी जेलेंस्की से मुलाकात की थी.

भारत का कहना है कि यूक्रेन में संघर्ष को संवाद और कूटनीति के माध्यम से हल किया जाना चाहिए. मोदी और जेलेंस्की के बीच यह मुलाकात स्विस शांति शिखर सम्मेलन से पहले हुई. भारत ने बुधवार को कहा था कि वह यूक्रेन संघर्ष को लेकर आगामी शांति शिखर सम्मेलन में “उचित स्तर” पर भाग लेगा. प्रस्तावित शांति शिखर सम्मेलन 15 और 16 जून को ल्यूसर्न के बुर्गेनस्टॉक में होगा. स्विट्जरलैंड ने मोदी को भी इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है. हालांकि, ऐसी संभावना है कि शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व एक वरिष्ठ राजनयिक करेंगे.

प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन के अपने समकक्ष ऋषि सुनक से मुलाकात की
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को ब्रिटेन के अपने समकक्ष ऋषि सुनक से मुलाकात की और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के अपने तीसरे कार्यकाल में भारत-ब्रिटेन रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. दोनों नेताओं ने मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वार्ता में हुई प्रगति की समीक्षा की. दोनों नेताओं ने अपुलिया के रिसॉर्ट बोर्गो एग्नाजिया में 50वें जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान गले मिलकर एक-दूसरे का गर्मजोशी से अभिवादन किया.

मोदी ने इस मुलाकात के तुरंत बाद ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”इटली में प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से मिलकर बहुत खुशी हुई. मैंने राजग सरकार के तीसरे कार्यकाल में भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.” मोदी ने कहा, ”प्रौद्योगिकी और व्यापार जैसे क्षेत्रों में संबंधों को और मजबूत करने की काफी संभावनाएं हैं. हमने रक्षा क्षेत्र में संबंधों को और मजबूत करने के बारे में भी बात की.” विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दोनों नेताओं के बीच बैठक को ”सार्थक” बताया.

जायसवाल ने ‘एक्स’ पर कहा, ”दोनों नेताओं ने रक्षा एवं सुरक्षा, व्यापार एवं आर्थिक सहयोग, उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्रों तथा लोगों के बीच संपर्क के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की. उन्होंने ‘रोडमैप 2030’ के कार्यान्वयन और जारी एफटीए वार्ता में हुई प्रगति पर चर्चा की.” सुनक और मोदी की पिछली मुलाकात गत वर्ष सितंबर में नई दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन में हुई थी, जब उन्होंने भारत के आम चुनाव से पहले एफटीए वार्ता में तेजी लाने पर सहमति जताई थी.

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