विपक्ष को महत्व नहीं देते प्रधानमंत्री, जनता इस रवैये को बर्दाश्त नहीं करेगी: खरगे

प्रधानमंत्री पहलगाम हमले के बाद सर्वदलीय बैठकों में शामिल क्यों नहीं हुए: खरगे

रायचूर. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सर्वदलीय बैठकों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शामिल नहीं होने को लेकर सोमवार को उन पर विपक्ष को महत्व नहीं देने का आरोप लगाया और कहा कि यदि प्रधानमंत्री विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश करते हैं, तो जनता इसे सहन नहीं करेगी.

उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार को ईरान और इजरायल संघर्ष रुकवाने का प्रयास करना चाहिए था. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश कठिन दौर से गुजर रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि जहां पूरे देश और सशस्त्र बलों ने देश की रक्षा के लिए एकजुट होकर काम किया, वहीं कुछ लोगों ने व्यक्तिगत श्रेय लेने की कोशिश की.

खरगे ने सीधे तौर पर किसी का नाम लिए बिना कहा, ”अगर उन्होंने कैप्टन, कर्नल या लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में सेना में काम किया होता, तो हमने अच्छा काम करने और देश की खातिर लड़ने के लिए उनकी सराहना की होती. लेकिन ऐसा नहीं है.” खरगे मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, कांग्रेस के मंत्रियों और विधायकों के साथ रायचूर में थे, जहां उन्होंने कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी और रायचूर विश्वविद्यालय के नामकरण समारोह की अध्यक्षता की.

राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि कांग्रेस पहलगाम आतंकी हमले पर सर्वदलीय बैठक की मांग करने वाली पहली पार्टी थी.
उन्होंने कहा, ”बैठकें दो बार बुलाई गईं, लेकिन प्रधानमंत्री दोनों अवसरों पर भाग लेने में विफल रहे. मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि वह उसमें शामिल क्यों नहीं हुए.” उन्होंने कहा कि कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक के नेताओं ने बैठक में शामिल होने के लिए महत्वपूर्ण कार्यक्रम छोड़ दिए, फिर भी प्रधानमंत्री ने देश में होने के बावजूद इसमें शामिल नहीं होने का फैसला किया.

खरगे ने दावा किया, ”वह बिहार चुनाव के लिए प्रचार में व्यस्त थे. इसका क्या मतलब है? जब देश और सैनिक लड़ रहे थे, प्रधानमंत्री ने हमें सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित करने के बाद खुद प्रचार करना चुना. यह अनुचित है.” कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अगर आप विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश करेंगे तो इस देश के नेता, लोग और खासकर युवा इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. खरगे ने जवाबी कर लगाने से अमेरिका को रोकने में नाकाम रहने के लिए भी प्रधानमंत्री पर कटाक्ष किया.

खरगे ने कहा, “मोदी (अमेरिकी चुनाव के दौरान) ‘फिर एक बार ट्रंप सरकार’ का नारा लगा रहे थे. इस महान व्यक्ति ने यह बात अमेरिका में कही, लेकिन ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर भारी कर लगा दिया. प्रधानमंत्री ने इस पर एक शब्द भी नहीं बोला.” कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को याद दिलाया कि ईरान ने हमेशा भारत का समर्थन किया है तथा देश अपनी ईंधन आवश्यकता का 50 प्रतिशत वहीं से आयात करता है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, ”अब ईरान और इजराइल के बीच सशस्त्र संघर्ष चल रहा है. हमें इसे रोकने का प्रयास करना चाहिए था.” खरगे ने कहा कि मोदी का एकमात्र जोरदार नारा है कि वह “विश्व गुरु” बनने जा रहे हैं. कांग्रेस प्रमुख ने कहा, “चाहे आप विश्वगुरु हों या देश में गुरु हों, लोग पेट्रोल, डीजल, भोजन, कपड़े और सिर पर छत चाहते हैं. हम चाहते थे कि वह इन चीजों के लिए प्रयास करें….” खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार में शिक्षा का भगवाकरण किया जा रहा है.

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