न्यूनतम समर्थन मूल्य पर समिति की रिपोर्ट जल्द सार्वजनिक की जाएगी : कृषि मंत्री

नयी दिल्ली. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि सरकार फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बनी समिति की रिपोर्ट जल्द ही सार्वजनिक करेगी. इस समिति का गठन तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद किया गया था. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले 100 दिन की उपलब्धियों का ब्योरा देने के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में चौहान ने कृषि के आधुनिकीकरण तथा किसानों की सहभागिता में सुधार लाने के मकसद से कुछ नई पहल का भी अनावरण किया.

वैज्ञानिकों द्वारा किसानों के साथ कृषि नवाचारों को साझा करने के लिए एक नए कार्यक्रम ‘आधुनिक कृषि चौपाल’ को अक्टूबर से दूरदर्शन और आकाशवाणी पर प्रसारित किया जाएगा. कृषि मंत्रालय में किसानों तथा कृषि जगत के लोगों के साथ मंत्री ‘किसान संवाद’ नामक पहल के तहत हर सप्ताह बातचीत भी करेंगे.

आनुवंशिक रूप से संशोधित (जीएम) कपास प्रौद्योगिकी के बहुप्रतीक्षित नियामकीय अनुमोदन पर चौहान ने कहा, ” यह हमारे लिए एक संवेदनशील विषय है. गहन विचार-विमर्श के बाद अनुमोदन दिया जाएगा.” न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर समिति की रिपोर्ट के बारे में चौहान ने पत्रकारों से कहा, ” रिपोर्ट अभी तैयार नहीं हुई है. समिति लगातार इसपर काम कर रही है.” एमएसपी पर पूर्व कृषि सचिव संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में बनी समिति ने अब तक दो दर्जन से अधिक बैठकें तथा कार्यशालाएं आयोजित की हैं.
समिति का गठन जुलाई, 2022 में किया गया था. गठन से आठ महीने पहले सरकार ने तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस लेते हुए समिति गठित करने का वादा किया था.

समिति को एमएसपी को अधिक प्रभावी व पारदर्शी बनाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा देश की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए फसल के तरीकों में बदलाव करने के लिए सुझाव देने का काम सौंपा गया था. चौहान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से निपटने के लिए अधिक उपज वाली तथा जलवायु-अनुकूल फसल की 109 किस्में पेश की गई हैं. सरकार ने राज्यों से कहा है कि वे आगामी रबी मौसम के लिए खासकर नई फसल किस्मों के लिए अपनी बीज संबंधी जरूरतों की जानकारी पहले दें, ताकि किसी भी तरह के विलंब को रोका जा सके.

उचित मूल्य निर्धारण के मुद्दे पर चौहान ने कहा कि सरकार ने खरीफ फसलों के लिए एमएसपी में वृद्धि की है. इसके अलावा सरकार ने प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) योजना का विस्तार किया है. मंत्रिमंडल ने फसल कीमतों को स्थिर करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए पीएम-आशा के तहत मूल्य समर्थन योजना को जारी रखने को मंजूरी दी है. उन्होंने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि इन उपायों का आगामी खरीफ विपणन सत्र में ही ठोस प्रभाव देखने को मिलेगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button