धर्मस्थल मामले की NIA से जांच कराने की जरूरत नहीं, SIT को दी गई है आजादी: सिद्धरमैया

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 31 Aug 2025 10:14 PM
धर्मस्थल मामले की NIA से जांच कराने की जरूरत नहीं, SIT को दी गई है आजादी: सिद्धरमैया
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मैसुरु/बेंगलुरु/मंगलुरु. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने रविवार को कहा कि धर्मस्थल में बीते दो दशक के दौरान दुष्कर्म एवं हत्या किए जाने और शवों को सामूहिक रूप से दफनाने से संबंधित दावों की राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से जांच कराने की जरूरत नहीं है, और एसआईटी को मामले की तफ्तीश पूरी करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए पूरी आजादी दी गयी है.

मुख्यमंत्री ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए यह भी कहा कि धर्मस्थल से संबंधित संदेह दूर करने और जांच के लिए ही विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है. वह विपक्षी जनता दल (सेक्युलर) और भाजपा की ओर से रविवार एवं सोमवार को धर्मस्थल में अलग-अलग रैलियां निकाले जाने के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे.

सिद्धरमैया ने कहा, “वे (विपक्ष) हर चीज में राजनीति कर रहे हैं. अगर वे (धर्मस्थल) जाना चाहते हैं तो जाएं. धर्मस्थल के धर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े ने एसआईटी जांच का स्वागत किया है. सच्चाई सामने आनी ही चाहिए. सच्चाई सामने लाने के लिए ही एसआईटी का गठन किया गया है. सच्चाई सामने आनी चाहिए; अन्यथा, संदेह की तलवार लटकती रहेगी.” उन्होंने कहा, “शिकायतकर्ता मजिस्ट्रेट के सामने पेश हुआ और बयान दर्ज कराया. विभिन्न संगठनों की ओर से एसआईटी गठित करने की मांग की गई थी. सरकार चाहती है कि सच्चाई सामने आए.” उन्होंने कहा, ”भाजपा ने भी एसआईटी जांच का स्वागत किया था, अब वे वोट के लिए राजनीति कर रहे हैं.”

विवाद तब शुरू हुआ जब एक शिकायतकर्ता ने दावा किया कि पिछले दो दशकों के दौरान धर्मस्थल में कई शवों को दफनाया गया. शिकायतकर्ता के अनुसार इनमें उन महिलाओं के शव भी शामिल थे, जिनका कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया था. हालांकि बाद में सी एन चिनैय्या के तौर पर पहचाने गए व्यक्ति को झूठी बयानबाजी करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया.

धर्मस्थल मामला: शिकायतकर्ता के साथ विभिन्न स्थानों पर गई एसआईटी, महत्वपूर्ण ‘साक्ष्य’ जुटाए

कर्नाटक के धर्मस्थल में कई महिलाओं की हत्या, दुष्कर्म और शवों को दफनाने के मामले की जांच कर रहा विशेष जांच दल (एसआईटी) गिरफ्तार शिकायतकर्ता को बेंगलुरु ले गया और कई ‘महत्वपूर्ण साक्ष्य’ बरामद किए. आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति को शनिवार को दक्षिण कन्नड़ जिले के बेलथांगडी से बेंगलुरु लाया गया.

अधिकारियों के अनुसार, एसआईटी सीएन चिन्नैया को बेंगलुरु में मामले से जुड़े विभिन्न स्थानों पर मौके का निरीक्षण करने के लिए ले गई. उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान जांचकर्ताओं ने कई दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य सबूत इकट्ठा किये तथा इनसे गवाहों के बयानों व समय-सीमा की पुष्टि में मदद मिलने की उम्मीद है. अधिकारियों ने बताया कि एसआईटी ने बैंक लेनदेन, संपत्ति संबंधी दस्तावेजों और अभियुक्तों से जुड़े संचार रिकॉर्ड की भी जांच की है.

सूत्रों के अनुसार, चिन्नैया ने जांच में सहयोग किया और उन विशिष्ट स्थानों पर ले गया, जहां उसने दावा किया था कि कुछ लोगों का उससे मिलना-जुलना हुआ था. सूत्रों के मुताबिक, टीम ने विवरण दर्ज कर लिये, जिनका एसआईटी के पास पहले से मौजूद फोरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों से मिलान किया जाएगा. यह कार्रवाई बेंगलुरु में विभिन्न स्थानों पर की गयी, जिनमें वे स्थान भी शामिल हैं जहां चिन्नैया ठहरा था और अपने करीबी लोगों से बातचीत किया करता था.

सूत्रों ने बताया कि जांच के सिलसिले में एसआईटी विद्यारण्यपुरा स्थित एक र्सिवस अपार्टमेंट में गई, जहां चिन्नैया और उनके अन्य सहयोगियों के बीच बातचीत हुई थी. एसआईटी के अधिकारी और चिन्नैया रविवार को बेलथांगडी लौट आए. अधिकारियों ने यह भी बताया कि चिन्नैया को मामले के संबंध में पूछताछ के लिए हिरासत में रहना होगा और प्राप्त सुरागों के आधार पर अन्य स्थानों पर तलाशी ली जा सकती है. एसआईटी द्वारा अगले सप्ताह अदालत के समक्ष विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत किये जाने की उम्मीद है.

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