
नयी दिल्ली. सरकार ने सोमवार को कहा कि पेट्रोलियम पदार्थ लाने-ले जाने वाले पोतों पर लाल सागर में हूती तथा अन्य विद्रोहियों के हमलों की पृष्ठभूमि में गहन विचार विमर्श कर समुचित कदम उठाए गए हैं. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पूरक प्रश्नों के जवाब में राज्यसभा में यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय, भूराजनीतिक स्थिति और बाजार में स्थिरता है और लाल सागर में ऐसे हमलों की वजह से हालात बिगड़ने की आशंका नहीं है.
उन्होंने कहा ”देश के बाहर के तत्वों के इन हमलों की पृष्ठभूमि में गहन विचार विमर्श कर समुचित कदम उठाए गए हैं. स्थिति कुछ हद तक चिंतानजक है क्योंकि देशेत्तर तत्व आपूर्ति लाइनों को प्रभावित कर रहे हैं. फिर भी हम काफी हद तक आश्वस्त हैं कि चारों ओर सद्भावना के माहौल को देखते हुए, चिंता पैदा करने वाले इन कारकों पर काबू पा लिया जाएगा . हमें पूरी तरह से तनाव बढ.ने की आशंका नहीं है.”
पुरी ने कहा कि यदि शत्रुता बढ.ती है और व्यवधान होता है, तो आपूर्ति श्रृंखला में भी व्यवधान होगा और फिर चिंताएं होंगी. उन्होंने यह भी कहा, ”अगर कोई तनाव नहीं बढ.ता है तो यह स्थिति ऐसी है जिस पर नियंत्रण किया जा सकता है.” उन्होंने एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि सीएनजी के दामों में कटौती की फिलहाल कोई योजना नहीं है लेकिन वैश्विक बाजार में इनके दामों में कमी आने पर इस बारे में जरूर विचार किया जाएगा.
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री पुरी ने कहा कि बीते दो साल के दौरान वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों के मूल्यों में अस्थिरता रही है. उन्होंने कहा कि अप्रैल 2023 में सीएनजी के दामों की समीक्षा की गई. उन्होंने यह भी बताया कि सीएनजी तथा बिजली से चलने वाले वाहनों की संख्या में वृद्धि हुई है. उन्होंने बताया कि सीएनजी स्टेशनों की संख्या में भी वृद्धि हुई है. पुरी ने कहा कि सीएनजी स्टेशन 2014 में 738 थे जो अब बढ. कर 6159 हो गए हैं. यह 79 फीसदी की वृद्धि है. उन्होंने बताया कि गैस अवसंरचना और पाइपलाइन बिछाने के काम में भी तेजी आई है.
पुरी ने बताया कि सरकार सीएनजी की कीमतों को नियंत्रण में लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है तथा इसकी खपत को प्रोत्साहित कर रही है क्योंकि यह अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन है. उन्होंने कहा ”सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि वैश्विक कीमतों में उथल-पुथल, बड़े पैमाने पर वृद्धि और कमी देखी जा रही है. लॉकडाउन की कीमतें वास्तविकता की कीमतों को प्रतिबिंबित नहीं करती हैं, क्योंकि लॉकडाउन के दौरान कच्चे तेल की कीमतें 19.56 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक गिर गईं और फिर 128 अमेरिकी डॉलर और 130 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं. ” उन्होंने उच्च सदन को बताया, ”अप्रैल 2023 में, सीएनजी की कीमतों को तर्कसंगत बनाया गया जिसके परिणामस्वरूप, तब घरेलू गैस की कीमतें बहुत कम, 83 प्रतिशत कम थीं जब वैश्विक कीमतें बढ. रही थीं.”



