
दतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में मंगलवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए नौ नक्सलियों पर कुल 59 लाख रुपये का इनाम घोषित था. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी. इनमें से सबसे ज्यादा 25 लाख रुपये का इनाम माओवादियों की ‘दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी’ (डीकेएसजेडसी) के रणधीर पर था. अधिकारी ने बताया कि वह इस साल सुरक्षार्किमयों के साथ मुठभेड़ में मारा गया डीकेएसजेडसी का दूसरा सदस्य था.
पुलिस ने मंगलवार को बताया था कि दंतेवाड़ा-बीजापुर अंतर-जिला सीमा पर नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षार्किमयों ने मुठभेड़ में नौ ”वर्दीधारी” नक्सलियों को मार गिराया गया जिनमें छह महिला नक्सली शामिल थीं. बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) सुंदरराज पी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि इस अभियान से नक्सलियों के पश्चिमी बस्तर और दरभा मंडलों को बड़ा झटका लगा है क्योंकि ये इस क्षेत्र में नक्सलियों के प्रभावशाली संगठन माने जाते हैं.
उन्होंने बताया कि मानसून के दौरान चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद, सुरक्षा बलों ने अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया और नक्सलियों को उनके गढ़ में ही ढेर कर दिया. उन्होंने बताया कि इस अभियान में जिला रिजर्व गार्ड, बस्तर फाइटर्स और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 111वीं और 230वीं बटालियन के जवान शामिल थे. सुंदरराज ने बताया कि रणधीर माओवादियों के डीकेएसजेडसी का सदस्य था और उसके ऊपर 25 लाख रुपये का इनाम था. बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले में अप्रैल में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में डीकेएसजेडसी के सदस्य जोगन्ना को मारा गया था. डीकेएसजेडसी छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के अलावा आस-पास के राज्य आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में नक्सली गतिविधियों को अंजाम देता है.
आईजीपी ने बताया कि छह अन्य नक्सली-हथियार बंद इकाई की सदस्य कुमारी शांति, क्षेत्र समिति सदस्य सुशीला मड़कम, गंगी मुचकी तथा कोसा माड़वी, मंडलीय समिति सुरक्षा दलम सदस्य ललिता और आंध्र-ओडिशा बॉर्डर स्पेशल जोन कमेटी की गार्ड कविता पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था. वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नक्सली हिडमा मड़कम और कमलेश पर दो-दो लाख रुपये का इनाम घोषित था.
सुंदरराज ने बताया कि मुठभेड़ स्थल से एक एसएलआर (सेल्फ-लोडिंग राइफल), 303 बोर वाली एक राइफल, 12 बोर वाली राइफल, 315 बोर वाली राइफल, बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लांचर) और विस्फोटक, दैनिक उपयोग के सामान और नक्सलियों से जुड़ी अन्य सामग्री सहित हथियारों का जखीरा बरामद किया गया था.
उन्होंने कहा, ”मुठभेड़ स्थल पर मिले खून के निशान से यह संकेत मिलते हैं कि मुठभेड़ में कई अन्य नक्सली घायल हुए हैं या मारे गए हैं.” आईजीपी ने बताया कि इस मुठभेड़ के साथ ही इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में विभिन्न मुठभेड़ों में सुरक्षाबलों ने 153 नक्सलियों को मार गिराया है. बस्तर संभाग में सात जिले कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा शामिल हैं. अधिकारी ने बताया कि इसी अवधि के दौरान संभाग में 669 नक्सलियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 656 अन्य ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. इस साल राज्य के धमतरी जिले में दो और नक्सली मारे गए थे. धमतरी रायपुर संभाग का हिस्सा है.



