जिन लोगों ने जुबिन को ज़िंदा रहते हुए बदनाम किया, अब वे उसकी पूजा करते हैं: हिमंत

जुबिन की मौत के 28 दिन बाद अब उन्हें श्रद्धांजलि देने आ रहे राहुल: हिमंत

गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि जब गायक जुबिन गर्ग जीवित थे तो कई लोगों ने उन्हें बदनाम किया लेकिन अब वे उनकी पूजा कर रहे हैं. उनकी यह टिप्पणी ऐसे वक्त आई है जब एक दिन पहले पुलिस ने बक्सा जिले में गायक की मौत के सिलसिले में गिरफ्तार पांच लोगों को ले जा रहे काफिले पर हमला करने वाली भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े.

मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा, “जब जुबिन जीवित थे, तो पूरे पारिस्थितिकी तंत्र ने उन्हें बदनाम करने और नीचा दिखाने की कोशिश की. उनकी मृत्यु के बाद, वही लोग उन्हें भगवान की तरह पूज रहे हैं.” शर्मा ने दावा किया, “ये असली प्रशंसक नहीं हैं- ये नकली प्रशंसक हैं जिनका एकमात्र मकसद उनके नाम का इस्तेमाल भाजपा पर हमला करने और उसका विरोध करने के लिए करना है. सच्चा प्यार और सम्मान तब दिखाया जाता है जब कोई व्यक्ति जीवित होता है, न कि मृत्यु के बाद, अपनी सुविधा के लिए.” उन्होंने बुधवार को आरोप लगाया था कि जिस दिन जुबिन की मौत हुई, उसी दिन से लोगों का एक वर्ग अपने निहित राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए झूठा विमर्श गढ.ने की कोशिश कर रहा है.

मुख्यमंत्री ने कहा था कि कुछ राजनीतिक दल आम लोगों को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘यह लोगों के हित में नहीं है और इससे राज्य को लंबे समय तक नुकसान होगा, जैसा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ आंदोलन से हुआ था.’ शर्मा ने लोगों से न्यायपालिका पर विश्वास रखने और निहित स्वार्थों की राजनीति करने वालों के बहकावे में न आने की अपील की. उन्होंने कहा कि जुबिन मामले में एक वर्ग “अपने राजनीतिक लाभ के लिए गलत जानकारी दे रहा है.”

उन्होंने कहा, “इनमें से ज़्यादातर लोग कभी ज.ुबिन के प्रशंसक नहीं थे और उन्होंने उनकी आलोचना भी की थी, लेकिन अब रातोंरात उन्होंने अपने पिछले सोशल मीडिया पोस्ट हटा दिए हैं और उनके कट्टर प्रशंसक होने का दावा कर रहे हैं.” मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यह वर्ग ‘राज्य में तब तक स्थिति को शांत नहीं होने देगा जब तक कि हिंसा न हो या राज्य में नेपाल जैसी स्थिति न बन जाए.’ असम सरकार ने 19 सितंबर को समुद्र में डूबने से सिंगापुर में गायक की मौत की जांच के लिए 10 सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया था.

असम सरकार जुबिन मामले में सुनवाई के लिए त्वरित अदालत के गठन का अनुरोध करेगी: हिमंत

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार गायक जुबिन गर्ग की मौत के मामले में सुनवाई के लिए गुवाहाटी उच्च न्यायालय से त्वरित अदालत गठित करने का अनुरोध करेगी. उन्होंने कहा कि असम मंत्रिमंडल ने महाधिवक्ता की सिफारिश पर एक विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने का भी निर्णय लिया है, जिसे आरोप पत्र दाखिल करने से लेकर न्याय प्रदान करने तक मामले की सुनवाई के लिए नियुक्त किया जाएगा.

शर्मा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, “अक्सर यह शिकायत होती है कि अदालतें न्याय देने में लंबा समय लेती हैं. इसलिए राज्य मंत्रिमंडल ने विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा आरोपपत्र दाखिल करने के बाद मामले की त्वरित सुनवाई के लिए गुवाहाटी उच्च न्यायालय का रुख करने का फैसला किया है.” शर्मा ने कहा कि एसआईटी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि जांच नवंबर के अंत तक पूरी हो जाएगी और आरोपपत्र संभवत? दिसंबर के पहले सप्ताह में दााखिल किया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने बताया कि मंत्रिमंडल ने गर्ग की याद में स्मारक की योजना और डिजाइन तैयार करने के लिए उनके परिवार के सदस्यों और गणमान्य व्यक्तियों वाली 11 सदस्यीय समिति के गठन को भी मंजूरी दे दी है. गर्ग (52) की 19 सितंबर को सिंगापुर में तैरते समय मृत्यु हो गई थी. असम सरकार ने एक एसआईटी गठित की है जो उनकी मृत्यु के कारणों की जांच कर रही है.

जुबिन की मौत के 28 दिन बाद अब उन्हें श्रद्धांजलि देने आ रहे राहुल: हिमंत

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि सांस्कृतिक जगत के प्रतीक पुरुष जुबिन गर्ग को श्रद्धांजलि देने के लिए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का निर्धारित दौरा उनके निधन के 28 दिन बाद हो रहा है, लेकिन फिर भी ”देर आए दुरुस्त आए.” लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल के शुक्रवार दोपहर को यहां पहुंचने का कार्यक्रम है.

मुख्यमंत्री ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”हमें उम्मीद थी कि प्रियंका गांधी जैसा कोई वरिष्ठ कांग्रेस नेता या कोई अन्य गायक के अंतिम संस्कार में मौजूद रहेगा.” शर्मा ने कहा कि चूंकि वह गायक को श्रद्धांजलि देने आ रहे हैं, इसलिए ‘हम गांधी की राज्य यात्रा का स्वागत करते हैं’. सिंगापुर में 52 वर्षीय गर्ग की 19 सितंबर को समुद्र में तैरते समय मृत्यु हो गई थी.

गुवाहाटी के पास राजकीय सम्मान के साथ 23 सितंबर को उनका अंतिम संस्कार किया गया था. असम सरकार ने एक एसआईटी का गठन किया है जो उनकी मृत्यु के कारणों की जांच कर रही है. शर्मा ने कहा कि भूपेन हज.ारिका के निधन के समय कांग्रेस का कोई भी वरिष्ठ नेता नहीं आया था, लेकिन इस बार कम से कम कोई तो आ रहा है भले ही 28 दिन बाद ही क्यों न आ रहा हो. उन्होंने आगे कहा, ”कांग्रेस की घड़ी हमेशा देर से चलती है, लेकिन देर आए दुरुस्त आए.” गांधी गुवाहाटी के बाहरी इलाके सोनापुर में गर्ग के स्मारक स्थल पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. वह दिवंगत कलाकार के घर जाकर उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त करेंगे.

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